65 युवक 5 साल से पैदल ही मां विजयासन देवी सलकनपुर धाम की कर रहे है यात्रा
200 किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करेगें युवक
5 दिन में सफर पूर्ण कर मां सलकनपुर के धाम पहुंच कर माता के करेगे दर्शन
सिलवानी। ग्रामीण युवाओं में भी धर्म के प्रति आस्था सर्द मौसम के शीत लहर पर आस्था भारी पड़ रही है । ठंडी हवाओं से नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर व ग्रामीण के लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं वहीं दूसरी ओर शीतलहर होने के बाद भी सर्दी में ग्रामीणों का जत्था मां सलकनपुर धाम मे विराजी विजयासन मातारानी के दर्शन करने के लिए पैदल रवाना हो गये, धर्म के प्रति आस्था के चलते ही ग्राम उषापुर रमपुरा गांव के 65 ग्रामीण बीते 5 साल से लगातार 200 किलोमीटर की यात्रा पैदल ही पूर्ण कर सलकनपुर वाली विजयासन माता के दरबार में पहुंच कर दर्शन व पूजा अर्चना करते है। हालांकि सभी युवा और ग्रामीण बगैर किसी मन्नत या मनोकामना के प्रति हर बार वर्ष के अखरी माह मे में जयकारा लगाते हुए माता के दर पर पैदल ही पहुंचते है।
तहसील मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम उषापुर रमपुरा गांव के श्रद्धालु मंगलवार को दोपहर लगभग 3 बजे भगवा घ्वज हाथो में थामे माता का जयकारा लगाते हुए गांव से पैदल ही सलकनपुर मां के दर्शन करने के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पूर्व श्रद्धालु द्वारा गांव मे स्थित मंदिरो की परिक्रमा की गई गांव के शालिगराम भार्गव, रूपसिंह पटेल, देवेन्द्र पटेल, कृष्ण कुमार, संदीप पटेल, राहुल रघुवंशी, भगवान सिंह, नितिन पटेल, रमेश गौर, गोलू, संत्यम, मंटू रघुवंशी, बंडे गुडडू, मानसिंह ठाकुर आदि यात्रा पर जाने वाले युवाओं को मौके पर मौजूद ग्रामीणो के द्वारा स्वागत कर बिदाई दी गई। व सफल यात्रा की कामना की गई।
श्रद्धालु 5 दिन में 200 किमी की यात्रा पूर्ण करेगें। पैदल ही धर्म यात्रा पर निकले श्रद्धालु ग्राम उषापुर, रमपुरा गांव से सलकनपुर तक की 200 किलो मीटर की यात्रा 5, दिन में पूर्ण करेगे। रात्रि विश्राम रास्ते में मिलने वाले मंदिरो में करेगें। यह श्रद्धालु बीते 5 सालो से लगातार जाते हुए वर्ष के दिसंबर माह के सलकनपुर तक की यात्रा पैदल ही पूर्ण करते है। यात्रा में जाने वालो में शामिल युवक देवेंद्र पटेल ने बताया कि वह सभी युवक बीते 5 सालो से पैदल ही सलकनपुर तक की यात्रा कर रहे हैं। यात्रा का यह पांच वा साल है। यात्रा का उद्देश्य मात्र सलकनपुर की विजयासन माता के दर्शन व पूजा अर्चना करना है। ना तो कोई मन्नत है और ना ही कोई मनोकामना।
सभी के कल्याण की करेगें कामना
युवक विजयासन माता के दरबार में पहुंच कर पूजा अर्चना व दर्शन करेगे। तथा इस दौरान वह विश्व कल्याण व सभी के सुख समृद्वि की माता से कामना करेगे।

