तीसरी लहर में संक्रमण अलग : तीसरी लहर के मरीजों में कोरोना से लड़ने की इम्युनिटी बनी
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। पहली और दूसरी लहर की तुलना में रायसेन में तीसरी लहर में संक्रमण अलग है। इस बार कोरोना वैक्सीन की तरह साबित हो रहा है। इसमें जो लोग संक्रमित हुए हैं, उनमें कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए इम्युनिटी बन गई है, जो नए वैरिएंट से लोगों को बचा रही है। यही वजह है कि यहां मरीजों में नया वैरिएंट नहीं पाया जा रहा है।
इस बार मरीज गंभीर स्थिति में भी नहीं पहुंच रहे हैं। मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने की भी समस्या नहीं है। दूसरी लहर की तरह मरीजों की शुगर भी नहीं बढ़ रही है। स्वाद व सूंघने की क्षमता और याददाश्त पर अब वायरस का असर नहीं हो रहा है। पहली लहर में संक्रमित होने पर मुंह का स्वाद बिगड़ जाता था। दूसरी लहर में ऑक्सीजन लेवल कम होना, सिर दर्द, आंखों में दर्द, बाल झड़ना, बुखार के साथ चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ सामने आई थी। ऐसे में मरीज को ऑक्सीजन पर रखना पड़ता था। इस बार मरीजों के मुंह के स्वाद में कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
ऑक्सीजन की समस्या भी बहुत कम मरीजों में देखने को मिल रही है। इस बार शुगर के मरीज भी नहीं बढ़े हैं। हालांकि बुखार व सर्दी-खांसी मरीजों को हो रही है। तीसरी लहर में कोरोना एक वैक्सीन की तरह साबित हो रहा है, जो लोग तीसरी लहर में संक्रमित हुए हैं।उनमें कोरोना के खिलाफ लड़ने में इम्युनिटी बन चुकी है।
जो कोरोना के खतरनाक वैरिएंट से लोगों को बचा रहा है। रायसेन जिले के मरीज वैसे भी नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से अब तक सुरक्षित हैं। तीसरी लहर में रिकवरी भी तेज हो रही है। इसमें मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। संक्रमित मरीज घर पर ही ठीक हो रहे हैं। उन्हें सांस की तकलीफ नहीं होने से ऑक्सीजन लगाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
तीसरी लहर में मरीज गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच रहे…..
कोविड-19 के नोडल अधिकारी और सीएमएचओ डॉ. दिनेश खत्री का कहना है कि पहली और दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में संक्रमण के लक्षण अलग है, इसमें मरीज गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच रहे हैं। लेकिन कनेक्टिविटी बढ़ने से संक्रमण की चैन बढ़ती जा रही है।
हॉस्पिटल की बजाए घर पर ही ठीक हो रहे मरीज…
आरआर टीम के नोडल अधिकारी और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सोमन दास ने बताया वर्तमान में पॉजिटिव मरीजों में से केवल 19 मरीजों को ही हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा।बाकी के 1523 मरीजों का घर पर ही इलाज किया गया।
जिले में कुल अभी तक 1068 मरीज पॉजिटिव हैं…..
इधर, शुक्रवार को जिले में अभी तक 1068 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। हेल्थ बुलेटिन के अनुसार लैब से 2007 लोगों की रिपोर्ट आई है।जिनमें शहरी क्षेत्र के 79 और बाकी अन्य तहसीलों के मरीज हैं। लक्षण के आधार पर उन्हें होम आइसोलेट या अस्पताल में भर्ती किया है।



