मरीजों के जीवन से खिलवाड़ : रायसेन में भी बिना फायर एनओसी चल रहे अस्पताल
जबलपुर में हुई दर्दनाक घटना से स्वास्थ्य विभाग सतर्क, घटना से नहीं लिया कोई सबक
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। रायसेन शहर सहित जिले भर में अधिकतर प्राइवेट हॉस्पिटल बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं।जबकि प्रदेश में हाल ही में आगजनी से मरीजों की मौत के दो बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन मरीजों व आमजनों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
सुरक्षा के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
रायसेन जिला मुख्यालय सहित जिले में निजी अस्पतालों में सुरक्षा के नाम पर औपचारिकता पूरी कर दी गई है। अधिकतर अस्पतालों में आगजनी की घटना को रोकने केवल अग्निशमन यंत्र लगा दिए गए हैं। हॉस्पिटल मालिकों ने निजी संस्था से फायर ऑडिट करा लिया है। लेकिन अधिकांश अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं है।
जिले में 1 दर्जन से अधिक है निजी अस्पताल….
रायसेन नगरी सहित नगर भर में करीबन 12 से ज्यादा निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। जबकि बेगमगंज में 2, गैरतगंज में 2 और सिलवानी में 3 जिला मुख्यालय रायसेन में 2 निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। एक ही गेट से अस्पतालों में लोगों का आना-जाना किया जाता है। कई अस्पतालों में वाटर लाइन तक नहीं है। करीब 10 अस्पताल भूतल पर संचालित हैं। शहर के तीन निजी अस्पताल में वाटर लाइन बिछी है, जबकि शेष में नहीं है।
हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग….,
मालूम हो कि बीते दिवस जबलपुर के एक निजी अस्पताल में आगजनी की घटना में आठ मरीजों की मौत हो गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए 5 सदस्यीय दल गठित कर दिया गया है।
इसमें सीएमएचओ आफिस में पदस्थ जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सोमेनदास साँची बीएमओ डॉ सुनील रॉय के अलावा विद्युत सुरक्षा अधिकारी, नगर पालिका के अग्निशमन अधिकारी, संबंधित विकासखंड के तहसीलदार के साथ सीएमएचओ कार्यालय शाखा लिपिक राजेश कांकर को दल में शामिल किया गया है।
कलेक्टर ने मांगी जानकारी….
रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे ने अग्नि दुर्घटना को देखते हुए एक नोटिस जारी कर निजी नर्सिंग होम के पंजीकरण हेतु 9 बिंदुओं पर आवश्यक प्रमाण पत्र और एनओसी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में रायसेन जिले के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री का कहना है कि सभी अस्पतालों को फायर एनओसी उपलब्ध कराने पत्र भेजा गया है। सुरक्षा मानकों की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जो जिले में संचालित सभी अस्पतालों की जांच करेगा।



