भतीजे ने चाचा की कुल्हाड़ी मारकर की हत्या, जादू टोने के शक में, आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
बैतूल l बैतूल जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम धार में जादू टोना करने के शक में भतीजे ने अपने ही चाचा की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। शाहपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है l घटना 11अक्टूबर की है। धार निवासी फरियादी सुखदेव पिता रामेश्वर उईके उम्र 38 वर्ष ने शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई की उसका पिता रामेश्वर रोजाना की तरह ही बांस नर्सरी की ओर बकरी चराने गए थे l दोपहर 12 बजे उसके बड़े पिताजी ने उसे बताया कि तेरे पिताजी की हत्या हो गई है l सिर में गहरी चोट की वजह से खून बह रहा है l
घटना की जानकारी लगने पर फरियादी सुखदेव अपनी मां के साथ घटना स्थल पर पहुचे तो वंहा उसके पिता औंधे मुंह मन्नू के खेत के पास झिरना रोड पर पड़े हुए थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी l
रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्र. 632/22 धारा 302 के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध पंजीबद्ध किया l पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी एवं एसडीओपी शाहपुर सुश्री पल्लवी गौर के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी एस.एन.मुकाती द्वारा अज्ञात आरोपी की तलाश हेतु टीम गठित की गई। टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया एवं भौतिक साक्ष्य एकत्रित किये गये एवं मृतक के रिश्तेदारों से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान मृतक रामेश्वर के भतीजे रमेश पिता रद्द उइके उम्र 62 साल नि. धार से बारिकी से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म करना स्वीकार किया एवं घटना में प्रयुक्त कुल्हाडी पेश की और बताया कि उसके लड़के नर्बदा प्रसाद की करीब एक-डेढ़ साल पहले मृतक रामेश्वर ने शादी करवाई थी तथा शादी के 20 दिन बाद ही उसके लडके की मृत्यु हो गई थी। इसलिए रमेश को शक था कि रामेश्वर ने जादू टोना करके उसके लड़के को मार दिया है। दिनांक 11 अक्टूबर 2022 को जब रामेश्वर बकरी चराने बांस नर्सरी गया था तभी रमेश भी उसके खेत से बांस नर्सरी तरफ आया जहाँ पर रामेश्वर अकेला था तो रमेश ने रामेश्वर को अकेला देख गाली गलौच करते हुए बोला कि तूने मेरे लड़के को जादू टोना करके मारा है l और आज तुझे नहीं छोडूंगा तथा रामेश्वर से हाथापाई करते हुए रामेश्वर के पास की कुल्हाडी छुडाकर रामेश्वर के सिर पर तीन चार वार करके उसकी हत्या कर दी। उक्त कार्यवाही मे उनि इरफान कुरैशी, सउनि नरेन्द्र सिंह ठाकुर, प्रआर दीपक कटीयार, आरक्षक प्रवीण गौरे, सैनिक बालकिशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



