मध्य प्रदेश

कलेक्टर ने मिट्टी के दीपक विक्रय करने वालों से ‘कर‘ नहीं लेने के दिए आदेश

हाट बाजारों में उचित स्थान उपलब्ध कराने के भी दिए आदेश
रायसेन । जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत कुम्हार समुदाय के परम्परागत शिल्पियों द्वारा मिट्टी के दीपक एवं अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं तथा इन्हें विभिन्न त्यौहारों के अवसरों पर बाजारों में विक्रय के लिए लाया जाता है। यह इनके जीवन यापन का मुख्य आधार है। जिले में कुम्हार समुदाय, परम्परागत माटी शिल्पियों को उनके माटी उत्पादों दीपक, सजावटी सामान, खिलौनों को बढ़ावा देने के साथ ही नगरीय एवं ग्रामीण बाजारों में विक्रय हेतु लाने ले जाने और बेचने में किसी प्रकार की असुविधा ना हो, इस संबंध में कलेक्टर श्री अरविन्द कुमार दुबे द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजारों में माटी शिल्पियों को उनके माटी उत्पादों के विक्रय हेतु उचित स्थान उपलब्ध कराने तथा इन शिल्पियों से किसी प्रकार की कर वसूली नहीं किए जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही मिट्टी के दीपकों सहित अन्य माटी उत्पादों के विक्रय को प्रोत्साहित किए जाने के लिए भी कहा गया है।

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