केमिकल्स के छिड़काव से कर्मचारी के हाथ में हुआ रिएक्शन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत डेंगू से एक की मौत होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जहां डेंगू का लारवा चेक करने के लिए मृतक के मकान और उसके आसपास के मकानों की जांच उपरांत दवा का छिड़काव कराया गया था। वही नगर पालिका द्वारा कुछ विभिन्न क्षेत्रों और गंदे नालों में केमिकल्स का छिड़काव कराने के लिए नगरपालिका की टीम को लगाया गया था जिसमें 1 कर्मचारी द्वारा दवा के रिएक्शन से हाथ में जख्म होने हाथ की उंगलियों के काम नहीं करने की बात करते हुए नगरपालिका पर आरोप लगाया गया है कि बिना सुरक्षा उपकरणों के दवा का छिड़काव करने के लिए भेजा गया था। जबकि सीएमओ ने आरोप को नकारते हुए बताया कि सभी के लिए सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं गमबूट, मास्क, ग्लब्स बगैरा सभी उपकरण दिए गए है।
नगर पालिका में सफाई कामगार के पद पर काम करने वाले गुरुदयाल खरे बाल्मीकि उस टीम में शामिल था जिसके द्वारा केमिकल युक्त दवा का छिड़काव और साफ-सफाई विभिन्न क्षेत्रों में की गई है। उक्त कर्मचारी का कहना है कि बगैर सुरक्षा उपकरण के दवाई डाली जा रही है जो अत्यंत घातक और जहरीली है । दवा का छिड़काव करते समय जिस पात्र में दवा रखी हुई थी उसको खोलते समय दवा गिरने पर कर्मचारी द्वारा हाथ लगा लिया गया था जिसकी वजह से उसके हाथ में रिएक्शन हो गया और जख्म से हो गए हैं। जिस समय कर्मचारी ने हाथ लगाया वह ग्लव्स नहीं पहने हुए था उसका आरोप है कि हमें ग्लव्स या मास्क दिया ही नहीं गया।
वही राम नगर श्याम नगर में निवास करने वाले नरेंद्र यादव ने बताया कि दवा जिस घर के पास भी डाली जाती है 48 घंटे तक उसकी बदबू वहां के रहने वाले बर्दाश्त नहीं कर पाते और सर में तेज दर्द बना रहता है। दवा का असर इतना तेज है कि जिस नाली में वह दवाई डालते है उससे कीड़े मकोड़े मर रहे हैं पलकमति नाले में पानी में रहने वाले सांप तक मर गए हैं।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी गुरुदयाल खरे बाल्मीकी उम्र 50 वर्ष का कहना है कि वह विगत 11 वर्षों से नगर पालिका में काम कर रही है पहली बार ऐसा हुआ कि दवा हाथ पर गिरने से बाया हाथ जल सा गया है यह सब बगैर सुरक्षा उपकरण के कारण हुआ है। क्योंकि उसके पास है उपकरण उपलब्ध ही नहीं थे।
इस संबंध में सीएमओ धीरज शर्मा का कहना है कि सभी सफाई कामगार जिन्हें केमिकल्स का छिड़काव करने भेजा जाता है उन्हें दस्ताने गम बूट मास्क आदि सुरक्षा उपकरण पहले ही दिए जा चुके हैं ऐसे किसी कार्य पर जाने से पहले स्पेशली तौर पर समझाइश देकर भेजा जाता है की सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने के बाद ही केमिकल्स का छिड़काव करें। फिर भी उसके स्वास्थ्य के बारे में सफाई दरोगा से जानकारी ली जिसने बताया कि कुछ दिन में रिएक्शन ठीक हो जाएगा।




