ज्योतिष

आज का पंचांग मंगलवार, 15 नवम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 15 नवम्बर 2022

हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्‍य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- सप्तमी तिथि 29:51:00 तक तदोपरान्त अष्टमी तिथि
🖍️ तिथि स्वामीः- सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य और अष्टमी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी है।
💫 नक्षत्रः- पुष्य 16:13:24 तक तदोपरान्त अश्लेषा नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं तथा अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध हैं।
🔊 योगः- शुक्ल 25:30:02 तक तदोपरान्त ब्रह्मा
प्रथम करण : विष्टि – 04:38 पी एम तक
द्वितीय करण : बव – 05:49 ए एम, नवम्बर 16 तक बालव
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 12:05:00 P.Mबजे से 01:26:00 PM बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें।
🤖 राहुकालः- राहु काल 02:46:00 P.M बजे से 04:07:00P.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:09:45
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:03:02
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:57 ए एम से 05:50 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:24 ए एम से 06:43 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:44 ए एम से 12:27 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:17 पी एम से 05:41 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:28 पी एम से 06:47 पी एम
💧 अमृत काल : 09:01 ए एम से 10:49 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:32 ए एम, नवम्बर 16
❄️ रवि योग : 06:43 ए एम से 04:13 पी एम
💮 शुक्ल योग – आज रात 12 बजकर 32 मिनट तक
सर्वार्थसिद्धि योग – आज शाम 4 बजकर 13 मिनट से सूर्योदय तक
🌸 पुष्य नक्षत्र – आज शाम 4 बजकर 13 मिनट तक
🌍 पृथ्वी लोक की भद्रा – आज शाम 4 बजकर 36 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – झारखण्ड राज्य गठन दिवस, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), नवजात शिशु दिवस (सप्ताह), जयशंकर प्रसाद – हिन्दी साहित्यकार शहीद दिवस, ज्योति प्रकाश निराला – ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित जयंती, महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोड से को फाँसी दी गई, आज बुध अनुराधा नक्षत्र में शुक्र के साथ प्रवेश करेंगे, पारसी तीर मासारंभ, शुक्र तारा-अस्त, मूल प्रारंभ
✍🏽 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗽 Vastu tips 🏚️
आचार्य श्री गोपी राम ने बताया की वास्तु शास्त्र मुताबिक, हर दिशा कुछ तत्वों से संबंधित है। अग्नि अर्थात अग्नि का संबंध दक्षिण-पूर्व से है। कहा जाता है कि अग्नि से जुड़ी हर चीज को इसी दिशा में रखना चाहिए क्योंकि यह शुभ होता है।
हमारा शरीर पांच तत्वों से बना है। जल, वायु, आकाश, पृथ्वी और अग्नि हैं। इन पांच तत्वों में आग सबसे कम मात्रा में पाई जाती है और यह हमारे पाचन तंत्र से जुड़ी होती है।
सूर्य भी अग्नि का प्रतीक है और अपनी चमक से पूरे विश्व को आलोकित करता है। अग्नि तत्व हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और हमें कभी भी आग से नहीं खेलना चाहिए। अग्नि को देवताओं में स्थान दिया गया है।
वास्तु शास्त्र मुताबिक ऐसा कहा जाता है कि हमें कभी भी अपने मुंह से हवा फूंककर दीया, मोमबत्ती या माचिस की तीली नहीं बुझानी चाहिए। इसे अनुचित माना जाता है। इस तरह से कभी भी आग नहीं बुझानी चाहिए। साथ ही, आचार्य श्री गोपी राम ने बताया कि माचिस की तीली को कभी भी पैरों के नीचे कुचलकर नहीं बुझाना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर नींद आने में हो रही है परेशानी
रोजाना सोने से दो घंटे पहले डिनर करें और स्पाइसी खाने से बचें। रात के वक्त जरूरत से ज्यादा खाने की आदत भी ना रखें। वहीं यह भी ध्यान रखें कि कॉफी या चाय का सेवन ना करें।स्मोकिंग या अल्कोहल का सेवन करते हैं, तो उससे भी दूरी बना लें। ये दोनों भी नींद ना आने के कारणों में शामिल है।
बेडरूम को साफ रखें और सोने से पहले गुनगुने पानी से स्नान करें। अच्छी नींद के लिए हाइजीन का खास ख्याल रखना चाहिए। कई बार बेड साफ ना होना या दिनभर की भागदौड़ भी अनिंद्रा की समस्या को दावत दे सकते हैं।
सोने से पहले ज्यादा पानी ना पिएं, क्योंकि इससे बार-बार टॉयलेट जाना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में बार-बार नींद खुलने की वजह से भी नींद नहीं आ सकती है।
सोने से पहले अपनी सभी चिंताओं या परेशान करने वाली बातों को भूल जायें और फिर सोने की कोशिश करें। दरअसल टेंशन नींद ना आने के कारणों में शामिल है और अगर ऐसा लम्बे वक्त से हो तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
सोने के दौरान मोबाइल फोन, टैबलेट या किसी भी गैजेट का इस्तेमाल ना करें। दरअसल इन गैजेट्स जो लाइट आती है इससे आंखों को नुकसान पहुंचने के साथ ही आपको घंटों जागे रहने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
हृदय रोगियों के लिए बहुत उपयोगी दरअसल, बकरी के दूध में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है। मैग्नीशियम हार्ट की धड़कन को बनाए रखने के लिए जरूरी है। इसलिए बकरी का दूध हार्ट पेशेंट का सेवन कर करते हैं।
बाल झड़ने से राहत बकरी के दूध में विटामिन ए और विटामिन बी की उपस्थिति होती है। ये दोनों विटामिन बाल के हेल्थ के लिए अतिआवश्यक है। अतः बाल झड़ने की समस्या को कम करने में बकरी का दूध बहुत उपयोगी होता है।
हड्डियां मजबूती होती हैं कैल्शियम और फॉस्फोरस की मौजूदगी के कारण बकरी के दूध का सेवन करने से हड्डी मजबूत और स्वस्थ होती है। हड्डी के जॉइंट के दर्द भी दूर होते हैं।
स्वस्थ त्वचा के लिए लाभदायक बकरी के दूध में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं इससे त्वचा के फ्री रेडिकल्स खत्म होते हैं। त्वचा संबंधी अन्य परेशानियां भी कम होती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम बताते हैं कि किसी को अगर आगे बढ़ना है तो उसे अपनी सोच और विचारों का दायर विस्तृत रखना चाहिए. जीवन में सकारात्मकता तभी आएगी और इसके साथ ही आपको हमेशा अच्छे काम करना चाहिए. ऐसा नहीं करने पर आपकी जिंदगी व्यर्थ हो जाती है. ऐसे में ऐसे स्वभाव वाले व्यक्ति जो इन नियमों का पालन नहीं करते वह धरती पर बोझ के समान हैं. ऐसे में सफल और सुखद जीवन के लिए आपको अपने सोच और विचारों में बदलाव लाने की जरूरत है.
दया भाव आपके अंदर अगर किसी के लिए दया भाव नहीं हो तो आप जीवन में कभी भी जीत हासिल नहीं करत सकते हैं. ऐसे में आचार्य श्री गोपी राम बताते हैं कि आपको अगर सफल होना है तो आपके अंदर दया का भाव होना जरूरी है.
सम्मान के बारे में सबको पता है कि आप जितना सम्मान किसी को देंगे बदले में आपको भी उतना ही सम्मान मिलेगा. ऐसे में हमारी बात मानें तो किसी का भी भरपूर सम्मान कीजिए और बदले में आपको भी सम्मान मिलेगा. ऐसे में हर किसी को अपने से छोटे और बड़े सभी का सम्मान करना चाहिए. किसी से भी बेवजह के लड़ाई-झगड़े में ना उलझें. अगर आप किसी का सम्मान नहीं करते तो आपको भी समाज में सम्मान नहीं मिलता.
गुस्से पर काबू रखें : गुस्से को अगर काबू में रखा जाए तो ऐसे मनुष्य जीवन में सफलता को पाते हैं. ऐसे में गुस्सैल मनुष्य चाहे वह कितना भी बड़ा ज्ञानी हो अगर अपने गुस्से को काबू में नहीं रख सकता है तो उसका बुरा होना शुरू हो जाता है. ऐसे में कोई भी फैसला सोच समझकर लें गुस्से में लिया फैसला आपको आगे चलकर पछताने पर मजबूर कर देगा. बेवजह का गुस्सा आपको अपनों से दूर तो करता ही है समाज में भी लोग आपसे दूर भागने लगते हैं.
दान-धर्म करते रहें जीवन में दान और धर्म के रास्ते पर चलना सबसे जरूरी है. ऐसे में अगर आप अपने धर्म से दूर भागते हैं और दान करने से हिचकिचाते हैं तो आपका जीवन व्यर्थ हैं. ऐसे में दान-धर्म में हमेशा बढ़ चढ़कर हिस्सा लें.
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

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