आज का पंचांग शुक्रवार, 25 नवम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 25 नवम्बर 2022
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- द्वितीया तिथि 22:36:12 तक तदोपरान्त तृतीया तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- द्वितीया तिथि के स्वामी ब्रह्म हैं तथा तृतीया तिथि के स्वामिनी माँ पार्वती हैं।
💫 नक्षत्रः- ज्येष्ठा नक्षत्र 06:00:00 तक तदोपरान्त मूल नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध देव जी हैं तथा मूल नक्षत्र के स्वामी केतु देव जी है।
🔔 योगः- सुकर्म 08:42:40 तक तदोपरान्त शूल
⚡ प्रथम करण : बालव – 12:07 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – कौलव – 10:35 पी एम तक तैतिल
⚜️ दिशाशूलः-शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें।
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 08:10:00A.M से 09:29:00 A.M तक
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 10:48:00A.M से 12:07:00P. M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:41:12
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:19:41
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:04 ए एम से 05:58 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:31 ए एम से 06:52 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:47 ए एम से 12:29 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 09:23 ए एम से 10:50 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:41 पी एम से 12:35 ए एम, नवम्बर 26
☄️ धृति योग- पूरा दिन पार कर के अगली सुबह 5 बजे तक
💥 ज्येष्ठा नक्षत्र – शाम 5 बजकर 21 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में इत्र व सुगंधित धूप चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वधूप्रवेश/द्विरागमन मुहूर्त, मेजर रामास्वामी परमेस्वरन – परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक पुण्यतिथि, सितारा देवी – भारत की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना स्मृति दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस (सप्ताह), विश्व मांसाहार रहित दिवस, विश्व मांसाहारी निषेध (रोकथाम) दिवस, अन्तरराष्ट्रीय दिवस, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा उन्मूलन अंतर्राष्ट्रीय दिवस , चन्द्रदर्शन
✍🏽 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗣️ श्लोक : १.१.३(1.1.3) सूक्त
अ॒ग्निना॑ र॒यिम॑श्नव॒त्पोष॑मे॒व दि॒वेदि॑वे । य॒शसं॑ वी॒रव॑त्तमम् ॥
अग्नि की कृपा से यजमान को धन मिलता है. उन्हीं की कृपा से वह धन दिनदिन बढ़ता है. उस धन से यजमान यश प्राप्त करता है एवं अनेक वीर पुरुषों को अपने यहां रखता है।
🏘️ _Vastu tips 🏚️
यह जाले कार्यों में असफलता, बनते-बनते किसी काम के बिगड़ने, परिवार के लोगों के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बने रहने आदि के कारक बनते हैं, इसलिए जब भी ऐसा हो, तो पूरे घर की सफाई कर जालों को साफ कर दें।
मकड़ी के जालों से घर के बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। इससे उनका दिमागी विकास भी बाधित होता है।
वास्तुशास्त्र के अनुसार, मकड़ी का जाला वास्तुदोष उत्पन्न करता है। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के साथ ही बीमारियों को भी न्यौता देता है।
जिस घर में ऐसे जालों की अधिकता रहती है, वहां के सदस्यों में हमेशा आलस, स्वभाव में चिड़चिड़ापन, नकारात्मकता बनी रहती है।
ज्योतिषशास्त्र में ऐसा कहा गया है कि जालों के कारण लोगों का दिमाग भ्रमित हो जाता है। लोग जाले की तरह ही हमेशा उलझे रहते हैं।
पारिवारिक जीवन में तनाव का एक बड़ा कारण मकड़ी का जाला भी होता है।
यह परिवार के सदस्यों को मानसिक रोगी भी बना सकता है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जिस भी घर में मकड़ी जाला बनाने लगती है, उस घर पर दुर्भाग्य का साया मंडराने लगता है।
🧉 आरोग्य संजीवनी 🍶
कब्ज से दिलाए राहत अगर आपका खाना नहीं पचता या आपको गैस की बहुत ज़्यादा समस्या होती है तो उसे कंट्रोल करने के लिए आप बथुआ का इस्तेमाल कर सकते हैं। कब्ज से राहत दिलाने में, भूख में कमी आने पर, खाना देर से पचने पर या खट्टी डकार आने पर बथुआ की पत्तियों को उबालकर उसका पानी पीना चाहिए।
इम्यून सिस्टम को बनाए मजबूत
सर्दियों में अक्सर ज़्यादातर लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में लोग अक्सर सर्दी खांसी जैसी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। आपके ऊपर ठण्ड की मार कुछ ज़्यादा असर न पड़े इसलिए बथुआ का इस्तेमाल करें। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में बेहद असरदार है। बथुआ के साग में सेंधा नमक मिलाकर, इसका सेवन छाछ के साथ किया जाता है तो इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ड्राई स्किन के लिए इस्तेमाल करें ये नेचुरल चीजें
एलोवेरा ड्राई स्किन की समस्या के लिए बहुत ही कारगर माना जाता है। एलोवेरा में हाइड्रेटिंग गुण होता है, साथ ही ये स्किन पोर्स में नमी को लॉक करने में भी मददगार है। तो, एलोवेरा जेल को आप अपने चेहरे पर लगा सकते हैं, जो कि स्किन की टाइटनिंग के साथ इसमें हाइड्रेशन बहाल करने में भी मददगार है। तो, अगर आपकी स्किन ड्राई है तो एलोवेरा जेल लें और इसे अपने चेहरे पर लगाएं।
नारियल तेल में कई एंटीऑक्सीडेंट्स होने के साथ ऑयल होते हैं, जो कि स्किन को अंदर से हाइड्रेट करने में मदद करते हैं। साथ ही इसके हेल्दी फैट्स त्वचा में नमी को लॉक करने में मदद करते हैं। तो, नारियल तेल लें और इसे अपने चेहरे पर लगाएं।
शिया बटर शिया बटर ड्राई स्किन वाले लोगों के लिए बेस्ट है। इससे आप अपनी स्किन के लिए कई मॉइस्चराइजर बना सकते हैं और इसे अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। आपके लिए अच्छा यह होगा कि आप शिया बटर को रात में अपने चेहरे पर लगाएं जो कि स्किन के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीतियों में काफी कुछ लिखा है। उनके द्वारा बताई गई हर एक नीति मनुष्य को जीवन में लक्ष्य पाने के लिए प्रेरित करती हैं। यदि इन बातों पर गौर किया जाए, तो व्यक्ति कई तरह की परेशानियों से बचा रह सकता है। यही वजह है कि आज भी लोग उनके द्वारा कही गई बातें को जरूर अपनाते हैं। हमने ऐसे लोगों के बारे में बताया जो जीवनभर सुखी रहते हैं लेकिन इन लोगों के बीच रहने से हमेशा दुखी रहने पड़ता है। आइए जानते हैं।
🗣️ श्लोक
मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च।
दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति॥
भावार्थ
मूर्ख शिष्य को पढ़ाने पर , दुष्ट स्त्री के साथ जीवन बिताने पर तथा दुःखियों- रोगियों के बीच में रहने पर विद्वान व्यक्ति भी दुःखी हो ही जाता है।
आचार्य श्री गोपी राम के इस कथन के अनुसार गुरु और शिष्य का रिश्ता बेहद ही अनमोल होता है, क्योंकि गुरु वह चाबी है जो एक शिष्य को उसकी मंजिल तक पहुंचाने में मदद करता है। एक अच्छा और विद्वान व्यक्ति अपने छात्रों को जीवन में आने वाली हर मुश्किल को पार करने और जीवन में सफलता पाने के लिए तैयार करता है।
लेकिन ठीक इसके विपरीत यदि किसी विद्वान व्यक्ति के जीवन में कोई ऐसा शिष्य आ जाए जिसे कुछ भी समझ न आता हो और न ही उसका ध्यान गुरु द्वारा बताए रास्ते पर चलता हो तो ऐसे मूर्ख शिष्य से विद्वान व्यक्ति एक न एक दिन दुखी जरूर हो जाता है।
इसलिए हम कहते हैं कि अगर कोई विद्वान व्यक्ति की जीवनसंगिनी अच्छी हो तो उसका असर पूरे जीवन पर पड़ता है। इसलिए वह हमेशा परेशानी को आसानी से पार करके सुखी जीवन जीता है। वहीं इसके बदले अगर किसी विद्वान व्यक्ति के जीवन में किसी दुष्ट पत्नी का साथ हो जाता है तो उसका पूरा जीवन ही दुखों से भर जाता है।
•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•𖡼🙏🏻𖡼•┄•𖣥𖣔𖣥•┄•
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
ज्योतिषशास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

