ज्योतिष

आज का पंचांग रविवार, 04 दिसम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 04 दिसम्बर 2022

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🚩 04 दिसम्बर 2022 दिन रविवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज की इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी व्रत कहा जाता है। आप सभी एकादशी व्रतियों को मोक्षदा एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – एकादशी 07:24 AM बजे तक उपरान्त द्वादशी तिथि है।
🖍️ तिथि स्वामी : एकादशी (ग्यारस) के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है। यह आनन्दप्रदा अर्थात सुख देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – रेवती 08:36 AM तक उपरान्त अश्विनी नक्षत्र है।
🪐 नक्षत्र स्वामी : रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं तथा नक्षत्र स्वामी बुध है।
⚡ प्रथम करण : बव – 05:42 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 05:57 ए एम, दिसम्बर 05 तक कौलव
📢 योग : वरीयान् – 03:41 ए एम, दिसम्बर 05 तक परिघ
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🔥 शुभ गुलिक काल (शुभ समय) रविवार- अपराह्न- 3 से 4.30 बजे तक
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:30 बजे से 18:00 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:44:52
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:16:16
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:10 ए एम से 06:04 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:37 ए एम से 06:59 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:32 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:13 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 11:45 पी एम से 01:25 ए एम, दिसम्बर 05
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:44 पी एम से 12:39 ए एम, दिसम्बर 05
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
☄️ वरीयान योग – आज का पूरा दिन पार कर के देर रात 3 बजकर 41 मिनट तक
💥 अश्विनी नक्षत्र – आज का पूरा दिन पार कर के अगले दिन सुबह 6 बजकर 33 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीतांबर अर्पित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/मोक्षदा एकादशी व्रत (वैष्णव/निम्बार्क), भागवत एकादशी, दानद्वादशी (उड़ीसा), रासायनिक दुर्घटनाओं रोकथाम दिवस, राष्ट्रीय दिवस, नौसेना दिवस, लेखक अन्नपूर्णानन्द स्मृति दिवस, इतिहासकार रमेश चंद्र मजूमदार जन्म, राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमण जयन्ती, प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल जन्म दिवस, शशि कपूर – हिन्दी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध अभिनेता जयन्ती
✍🏽 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
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Vastu tips 🏚️
कॉन्फिडेंस बढ़ाएगा धातु का कछुआ वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे घर में धातु का कछुआ रखने के बारे में, तो आपको बता दें कि घर में कछुआ रखना आयु और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी करने वाला माना जाता है। अगर कोई नया काम करने में आप लो-कॉन्फिडेंस फील करते हैं, जिसकी वजह से आपको असफलता का सामना करना पड़ रहा है तो आज ही घर में धातु का कछुआ लाएं।
जानिए किस दिशा में रखना होगा उचित कछुए को घर की ऐसी जगह पर रखें जहां पर आप सबसे ज्यादा समय बिताते हों। उस कछुए को पानी से भरे एक बड़े से कटोरे में डालकर रखें। किसी दिशा में रखें, ये भी बता देता हूं। अपना कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिये धातु के कछुए को उत्तर दिशा में रखें।
धन प्राप्ति के लिए घर लाएं क्रिस्टल का कछुआ
कछुए को धन प्राप्ति का सूचक भी माना जाता है। यदि आपको धन संबंधी कोई परेशानी है तो क्रिस्टल का कछुआ लाकर अपने घर या ऑफिस में भी रख सकते हैं। बस इसे रखते समय यह ख्याल रहे कि इसका मुख दरवाजे की ओर ना होकर घर के अंदर की ओर हो। क्योंकि कछुए का मुख जिस ओर होगा धन भी उसी ओर जाएगा।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
क्या मॉर्निंग सिकनेस बीमारी है?
आपको बता दें कि मॉर्निंग सिकनेस कोई बड़ी बीमारी नहीं है। लेकिन आपको रोजाना मॉर्निंग सिकनेस होती है और आप समय पहले इसपर ध्यान नहीं देते तो आगे चलकर यह बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। कभी-कभी थकान या मॉर्निंग सिकनेस होना आम बात है। लेकिन अगर आपके साथ रोजाना ही ऐसा हो रहा है तो अपनी दिनचर्या और खाने-पीने में सुधार करें और किसी डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
इन कारणों से हो सकता है मॉर्निंग सिकनेस
सुबह का नाश्ता मिस करना या देर तक करना
रात में देर से सोना और सुबह नींद न पूरी होने पर भी मजबूरन उठना
सोने से पहले बहुत भारी और मसालेदार भोजन करना
अत्यधिक स्पोकिंग और शराब का सेवन करना
काम का बोझ, परीक्षा का तनाव किसी अन्य कामों का अधिक टेंशन होना
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
थकान मिटाने हेतु
ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ | अनाज पीसने कि हाथ्वाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ |
फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर |इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की मानें तो स्त्री-पुरुष का संबंध मान-मर्यादा और साथ ही सोच को मिलने से बेहतर होता है. ऐसे में स्त्री-पुरुष के बीच के बेहतर संबंध परिवार को हमेशा सफलता की तरफ लेकर जाते हैं. ऐसे में आचार्य श्री गोपी राम ने महिलाएं कैसे उन्नति करे इसके लिए कई बातें बताई हैं. ऐसे में हमारी नीतियों को अगर जीवन में सही समय पर आत्मसात कर लिया जाए तो सफल जीवन जीने में सहायक सिद्ध होगा. स्त्री को शक्ति स्वरूपा माना गया है, कि स्त्रियों की सबसे बड़ी शक्ति क्या है. बता दें कि स्त्री की सुंदरता को उसकी सबसे बड़ी ताकत के रूप में माना है. स्त्रियों का तन और मन दोनों से सुंदर होना उनके बेहतरीन जीवन जीने की ओर ले जाता है. ऐसे में महिलाओं, ब्राह्मण, राजा (लीडर) की ताकतों के बारे में बताते हुए कहते हैं कि..
बाहुवीर्यबलं राज्ञो ब्राह्मणो ब्रह्मविद् ली।
रूप-यौवन-माधुर्यं स्त्रीणां बलमनुत्तमम्।।
स्त्री की ताकत हमारी मानें तो स्त्रियों की ताकत में उनका मधुर वचन और सौंदर्य सबसे अहम रोल निभाता है. अगर स्त्री तन और मन दोनों से सुंदर हो और मधुर वाणी बोलती हो तो ऐसी स्त्रियों को जीवन में खूब सफलता मिलती है. उसका मान-सम्मान हर जगह होता है, ऐसी स्त्रियां अपने कुल का मान और मर्यादा दोनों बढ़ाती हैं. उनकी कई पीढ़ियों में इस वजह से अच्छे संस्कार आते हैं.
ब्राह्मण आचार्य श्री गोपी राम बताते हैं कि अगर कोई ज्ञानी हो तो ऐसे ब्राह्मण पूजनीय हैं और यह उनकी सबसे बड़ी ताकत और उनकी पूंजी है. इसकी वजह से समाज में उन्हें मान-प्रतिष्ठ मिलती है. ब्राह्मण का मतलब किसी जाति से नहीं बल्कि हर ज्ञानवान व्यक्ति ब्राह्मण है. अगर हालात विपरित हों तो ज्ञान की शक्ति ही आपको संकट से उबारने में सहायक सिद्ध होता है.
राजा या लीडर कोई भी राजा या लीडर अगर मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होगा तो लंबे समय तक उसका शासन करना या सत्ता में बने रहना संभव नहीं है. राजा और लीडर अगर स्वयं सामर्थ्य से भरा और ताकतवर हो तो वह अपनी सत्ता को बचाए रख पाएगा. राजा के पास सभी ताकतें होती हैं मंत्री और सुरक्षाकर्मियों की भरमार होती है लेकिन अगर राजा ताकतवर नहीं हो तो वह इन सबके होते हुए भी सत्ता को संभालने में नाकामयाब रहेगा.
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

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