मध्य प्रदेश

ढीमरखेड़ा सरपंच फोरम विकास यात्रा का स्वागत नहीं बल्कि करेंगे विरोध

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । विकास यात्रा का क्रियान्वयन कैसे होगा ग्राम पंचायतों में सफल जबकि सरपंच संघ करेगें विरोध जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार अपने विकास को लेकर 5 फरवरी से विकास यात्रा गांव- गांव निकालने जा रही है जिसके लिए प्रशासनिक अमला तैयारी करने में जुटा हुआ है लेकिन सवाल यह है की मध्य प्रदेश सरकार की विकास यात्रा का क्रियान्वयन सफल कैसे होगा क्योंकि जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के समस्त ग्राम पंचायत के सरपंच विकास यात्रा का स्वागत नहीं बल्कि उस विकास यात्रा का विरोध करेंगे इसके लिए जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में मंगलवार को सरपंच फोरम की बैठक आयोजित की गई वही सरपंचों की उपस्थिति में सरपंच फोरम के ब्लॉक अध्यक्ष महेश कुमार यादव ने बताया कि सरपंचों की विभिन्न मांगे हैं जिन्हें पूर्ण करने लगातार मुख्यमंत्री जी से भेंट कर चर्चा की जाती रही है लेकिन मांगे पूर्ण ना होने से प्रांतीय आवाहन पर यह निर्णय लिया गया की ढीमरखेड़ा जनपद क्षेत्र में भी सरपंच विकास यात्रा का विरोध करेंगे सरपंचों की जो भी मांगे हैं उनमें से प्रमुख मनरेगा कार्यों में एन.एम.एम.एस. हाजिरी की बाध्यता समाप्त करने व मजदूरी भुगतान मनरेगा पूर्व अनुसार किया जाये। नरेगा में टास्करेट 204 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये किया जाए। 2005 नरेगा में ग्राम पंचायतों को वित्तीय अधिकार थे उसे पुनः लागू किया जाए। नरेगा में मजदूरी और सामग्री का भुगतान एक साथ किया जाए। गरीबी रेखा में नाम जोड़ना एवं काटने का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया जाए। खाद्यान्न पर्ची बनाने का अधिकार ग्राम पंचायतों को दिया जाए। प्रधानमंत्री आवास में छूटे हितग्राहियों का नाम जोड़ने के लिए पोर्टल खोला जाए। नरेगा में मेटो की मजदूरी 500 रुपये किया जाए। प्रधानमंत्री आवास की राशि 1,30,000 रुपये से बढ़ाकर 2,50,000 किया जाये। 181 में झूठी शिकायत करने वाले के ऊपर एफआईआर.दर्ज किया जाए। मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप सरपंचों का मानदेय 4250 रुपये हर माह में सरपंचों के खातों में डाले जाए। मजदूरी को कार्य के मूल्यांकन की मात्रा के अनुसार भुगतान का अधिकार ग्राम पंचायत को होना चाहिए एवं 25 लाख तक कार्यों के तकनीकी स्वीकृति जनपद लेवल से किए जाएं। ढीमरखेड़ा सरपंच संघ फोरम का कहना हैं कि इन निम्न बिंदुओं पर विचार कर तत्काल लागू किया जाए विचार न करने की स्थिति में 5 फरवरी से निकलने वाली विकास यात्रा का हम सभी सरपंच ग्राम पंचायत कार्यालय में ताला डालकर विरोध करेंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

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