Teachar ने भटके हुए गुमशुदा को उसके परिवार से मिलाया
रिपोर्टर : मनीष श्रीवास
सिहोरा । शिक्षक बच्चों को शिक्षा वा संस्कार देने के साथ साथ समाज में लोगों की मदद करते हैं जिसकी वजह से उसे समाज में सम्मान के साथ भविष्य निर्माता का दर्जा दिया जाता है।
इसी कड़ी में एकीकृत शास यशोदाबाई कन्या उमावि खितौला बाजार के शिक्षक जयप्रकाश तिवारी ने बुधवार को एक भटके हुए एक युवक को उसकी बच्ची, पत्नी एवम माता पिता से मिलवाने में सफल प्रयास किया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार राजेंद्र आदिवासी मोगिया पिता बन्नू लाल उम्र लगभग 30 वर्ष शिकारीपारा थाना टीपत मटियारी जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ निवासी भटकते भटकते सिहोरा क्षेत्र के खितौला बाजार के एकीकृत शास यशोदा बाई कन्या उमावि स्कूल मे अपनी बच्ची बीरा के बारे मे पूछते पहुंच गया। शिक्षक जयप्रकाश तिवारी से उसने कहा कि मैं अपनी बीरा से मिलना चाहता हूँ। शिक्षक को समझते देर नहीं लगी कि व्यक्ति भटक गया है। उन्होंने अपने स्कूल मे बिठाया औऱ नाश्ता कराया। फिर प्रेम से जानकारी लेकर उसके कागजों से प्राप्त मोबाइल नंबर से सम्पर्क किया तो पता चला कि राजेन्द्र पन्द्रह दिनों से भटक कर सिहोरा पहुंच गया। शिक्षक जयप्रकाश तिवारी व अर्जुन गर्ग ने उक्त जानकारी सिहोरा थाने दी तो थाना सिहोरा ने तत्काल जानकारी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को दी। जिस पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये। पुलिस स्टाफ ने थाना शीपत से संपर्क उपरांत उक्त व्यक्ति को अपनी अभिरक्षा मे लेकर उसके परिजनों से संपर्क कर बुलाया तथा बुधवार को पुलिस थाना सिहोरा ने राजेंद्र को उसके पिता बन्नू मोगिया, माँ जोगाबाई, पत्नी आरती को सुपुर्द कर दिया। उक्त परिवार ने अपने राजेन्द्र के 15 दिनों से गायब होने के बाद शिक्षक की सूचना पर मिलने से मिलने पर खुशी से भाव विभोर मुद्रा में शिक्षकों वा पुलिस प्रशासन सिहोरा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान आप सभी का भला करे।



