Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 28 अप्रैल 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि ••• ✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 28 अप्रैल 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – वैशाख मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्ल पक्ष अष्टमी 04:01 PM तक उसके बाद नवमी है ।
✏️ तिथि स्वामी – अष्टमी तिथि को वृषभ से सुशोभित भगवान सदाशिव की पूजा करनी चाहिए।
💫 नक्षत्र-पुष्य 09:53 AM तक उसके बाद अश्लेशा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति और स्वामी शनि हैं।
🔊 योग : शूल – 09:39 ए एम तक
⚡ प्रथम करण : बव – 04:01 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 05:12 ए एम, अप्रैल 29 तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:34:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:26:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:17 ए एम से 05:00 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:38 ए एम से 05:43 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:31 पी एम से 03:23 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:53 पी एम से 07:15 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:54 पी एम से 07:59 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:40 ए एम, अप्रैल 29
☀️ स्थायीजय योग – 28 अप्रैल सुबह 9 बजकर 53 मिनट तक
🪷 पुष्य नक्षत्र – 28 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 53 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-देवी श्री बगलामुखी मंदिर में पीली चुनरी चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – देवी श्री बगलामुखी जयंती/ दुर्गा अष्टमी/ स्वास्थ्य विश्व दिवस, अनुप्रिया पटेल जन्मोत्सव, बाजीराव मराठा साम्राज्य के महान् सेनानायक स्मृति दिवस, महाराजा रणजीत सिंह के सेनाध्यक्ष हरि सिंह नलवा जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक स्मृति दिवस, बायोलॉजिकल क्लॉक डे, नेशनल क्यूबिकल डे, नेशनल आर्बर डे, नेशनल सुपरहीरो डे, नेशनल ब्लूबेरी पाई डे, मूल प्रारंभ
✍🏼 विशेष:- अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए पीपल के पेड़ के बारे में। वैसे तो पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है क्योंकि पीपल के पेड़ में देवताओं का वास होता है लेकिन पीपल के पेड़ का घर में होना वास्तु शास्त्र के अनुसार उचित नहीं माना जाता है।
वास्तु के अनुसार पीपल के पेड़ को घर में नहीं उगने देना चाहिए और उग आये तो उसे हटा देना चाहिए | पीपल का पेड़ घर के में होने से परिवार के लोग तरक्की नहीं कर पाते और इसके होने से रोज नयी समस्याओं का जन्म होता है।पीपल के पेड़ को काटना नहीं चाहिए ऐसा करना अशुभ माना जाता है, अगर किसी विशेष परिस्थिति में कटना पड़े तो उसकी पूजा करके रविवार को ही काटना चाहिए और किसी दिन नहीं काटना चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ऐसा चिंतन करे बुद्धि का विकास !
सुबह नींद में से उठे तो थोड़ी देर चुप बैठे | फिर ऐसा चिंतन करें : ‘आज मै कभी भी फरियाद का चिंतन नहीं करूँगा, अपने मन को दृढ़ रखूँगा क्योंकि मेरे मन की गहराई में मेरे भगवान हैं | भगवान सदा एकरस हैं, दृढ़ हैं तो मन दृढ़ होगा तो उसमें भगवान की सत्ता आयेगी | मेरी बुद्धि को दृढ़ करूँगा, बुरी संगति नहीं करूँगा, बुरे विचारों में नहीं गिरूँगा | मैं भगवान का हूँ, भगवान मेरे हैं | प्रभु ! आप मेरे हैं न ! आप चेतनस्वरूप हैं, आनंदस्वरूप हैं, ज्ञानस्वरूप हैं, आप शांत आत्मा हैं |
इस प्रकार का चिंतन करने से बुद्धि बढ़ेगी | क्या करूँ, कैसे करूँ, मेरा ऐसा हो गया | …. फिर जो पढ़ा है अथवा जो पढना है उसका थोडा चिंतन करो | चिंतन से बुद्धि का विकास होता है और चिंता से बुद्धि का विनाश होता है |
सूर्यनारायण को अर्घ्य देना, भगवन्नाम का जप करना, भगवान को एकटक देखते-देखते फिर उनको आज्ञाचक्र में देखना | इनसे बुद्धि का विकास होता है |
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
स्वस्थ जीवन व ध्यान-भजन में उन्नति हेतु
जिह्वा के गुलाम न बनकर सात्त्विक, ताजा आहार ही लेना, भूख से थोडा कम खाना तथा पेट साफ़ रखना – यह स्वस्थ जीवन के लिए तो जरूरी है ही, साथ ही ध्यान-भजन में मन लगने व शीघ्र आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी अत्यावश्यक है | कहा भी गया है :
पेट सही तो सब सही, पेट खराब तो सब खराब |
कम खाओ, गम खाओ | पेट पर ध्यान दो |
लंघन अर्थात उपवास स्वास्थ्य का परम हितैषी एवं रोगी का परम मित्र है | वाग्भट्टजी ने इसे परम औषध कहा है : ‘लड़घनं परमौषधम |’
अष्टांगह्रदय (सूत्रस्थान : 2.19 ) में आता है: जीर्णे हितं मितं चाधान्न |’ पहले किये हुए भोजन के पच जाने के पश्चात जो हितकर भोजन हो उसे भूख से थोड़ी कम मात्रा में खायें |’ यह स्वास्थ्य का मूल मन्त्र है |
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपने जीवन के अनुभवों और प्राप्त ज्ञान को नीति शास्त्र में गहराई से समझाया है। जीवन के सभी पहलुओं जैसे माता-पिता, दोस्त, गृहस्थ जीवन, व्यापार, शिक्षा और धन आदि से जुड़ी कई बातें बताई हैं। साथ ही हमें जीवन के पथ पर समझदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। ऐसे में कुछ ऐसी प्रवृत्ति के लोग होते हैं जो जानवरों से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं और जिनसे दूर रहने नहीं आपकी भलाई है…
क्रोधी व्यक्ति: क्रोध मनुष्य को भीतर से खोखला कर देता है। क्रोध में व्यक्ति यह भूल जाता है कि वह जो काम कर रहा है वो सही है या गलत। शास्त्र के अनुसार आपको क्रोधी मनुष्य से दूरी रखनी चाहिए क्योंकि ये लोग अपने गुस्से में आपको भी हानि पहुंचा सकते हैं और आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।
स्वार्थी व्यक्ति: शास्त्र के अनुसार स्वार्थी व्यक्ति कभी किसी का भला नहीं जा सकता इसलिए आपको इन लोगों से दूर रहना चाहिए। स्वार्थी लोग केवल अपने बारे में सोचते हैं और अपने भलाई के लिए आपको भी जोखिम में डाल सकते हैं। स्वार्थी लोगों से आपको धोखे के अलावा कुछ नहीं मिल सकता।
ज्यादा बढ़ाई करने वाला व्यक्ति: ऐसे लोगों से भी दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं जो आपकी मुंह पर ज्यादा प्रशंसा करते हैं। ये लोग आपकी बढ़ाई और चापलूसी करके अपना फायदा निकालते हैं। वहीं पीठ पीछे आपकी बुराई करते हैं। इसलिए चिकनी-चुपड़ी बातें करने वाले व्यक्ति आपके शुभचिंतक नहीं हो सकते।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।
अष्टमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह व्यक्ति धर्मात्मा होता है। मनुष्यों पर दया करने वाला तथा हरेक प्रकार के गुणों से युक्त गुणवान होता है। ये कठिन से कठिन कार्य को भी अपनी निपुणता से पूरा कर लेते हैं। इस तिथि के जातक सत्य का पालन करने वाले होते हैं यानी सदा सच बोलने की चेष्टा करते हैं। इनके मुख से असत्य तभी निकलता है जबकि किसी मज़बूर को लाभ मिले।

