जलाशय में डूबे छात्र का 3 दिन बाद मिला शव, पुलिस और एसडीआरएफ टीम की रही भूमिका
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जिले के तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत नरगुवां जलाशय में रविवार शाम भैंस के चक्कर में डूब गए बी.टेक. स्टूडेंट मोहित लोधी का शव तीसरे दिन मंगलवार को बरामद कर लिया गया है. एसडीआरएफ दमोह एवं जबलपुर की रेस्क्यू टीम द्वारा मोटर वोट के जरिए तालाब के पानी में सघन तलाशी के बाद उसी स्थान पर मोहित का शव बरामद हुआ है जहां वह डूबा था. दरअसल हाल ही में हुई बारिश के कारण तालाब के जल स्तर में वृद्धि हो गई थी, वहीं तालाब में उस स्थान पर गहराई अधिक होने के साथ दल-दल नुमा हालात बने हुए थे. जिससे वह दलदल में धंसता चला गया था. यही वजह रही कि लगातार तलाश के बाद उसका शव नहीं मिल रहा था. जब उसका शव मिला तो आमतौर पर पानी में फूल जाने वाले शव की तरह वह फूली हुई नहीं थी, बल्कि सामान्य नजर आ रही थी। तेंदूखेड़ा एसडीओपी देवीसिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम करके शव को पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया है. मोहित की तलाश में 2 दिन से एस.डी.आर.एफ. दमोह की टीम प्लाटून कमांडर प्राची दुबे व योगेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में तेंदूखेड़ा में डटी हुई थी. वहीं जबलपुर की टीम भी आ गई थी, लगातार जारी रेस्क्यू अभियान में तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बीएल चौधरी, सब इंस्पेक्टर सुरूभि चौहान और पुलिस के अलावा तेजगढ़ थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय व पुलिस की टीम भी सक्रिय बनी हुई थी। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर डूबने के बाद मोहित कहां चला गया। जब एसडीआरएफ के मोटर वोट कांटा डालकर तेजी से पानी में यहां से वहां रेस की तब कांटे में मोहित का शव फस कर बाहर आ सका । यहां उल्लेखनीय की जबलपुर के ग्लोबल कॉलेज में बीटेक सेकंड ईयर का स्टूडेंट मोहित लोधी शनिवार- रविवार छुट्टी के चलते अपने गांव आ गया था. जहां उसकी भैंस तालाब के उस पार चले जाने पर वह उनको वापस अपने घर जा रहा था। रास्ते में भैंस के तालाब में चले जाने परन्तु तालाब के अंदर दलदल जैसे हालात से मोहित के वाफिक नहीं होने से वह दलदल में धसता चला गया और उसकी मौत हो गई।



