Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 30 जून 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 30 जून 2023
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 01:17 AM तक उपरांत त्रयोदशी
🖍️ तिथि स्वामी – द्वादशी इस तिथि के स्वामी श्री हरि विष्णु जी हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 04:10 PM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी : गुरु विशाखा नक्षत्र के स्वामी हैं। तथा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं।
🔔 योग – साध्य योग 01:32 AM तक, उसके बाद शुभ योग
⚡ प्रथम करण बव 02:05 PM तक
✨ द्वितीय करण – बालव 01:17 AM तक, बाद कौलव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 5.26: 00 AM
🌅 सूर्यास्त – सायं 19.23: 00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:06 ए एम से 04:46 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:26 ए एम से 05:26 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:53 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 07:29 ए एम से 09:04 ए एम 05:09 ए एम, जुलाई 01 से 06:40 ए एम, जुलाई 01
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जुलाई 01 से 12:45 ए एम, जुलाई 01
💥 सर्वार्थ सिद्धि योग : 04:10 पी एम से 05:27 ए एम, जुलाई 01
🚕 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को छैने से बनी मिठाई भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/देवशयनी एकादशी व्रत (निम्बार्क)/ वामन पुजा/ प्रसिद्ध उद्योगपति, दादा भाई नौरोजी स्मृति दिवस, भारतीय राजनीतिज्ञ मुकुट बिहारी लाल भार्गव जन्मोत्सव, स्वतंत्रता दिवस (कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य), संगीतकर कल्याणजी जन्म दिवस, संथाल हूल दिवस, अन्तरराष्ट्रीय क्षुद्रग्रह दिवस, अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस, राष्ट्रीय उल्का घड़ी दिवस, सोशल मीडिया दिवस, राष्ट्रीय क्रीम चाय दिवस, राष्ट्रीय कार्वेट दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी के दिन तुलसी तोड़ना निषिद्ध है। द्वादशी के दिन यात्रा नहीं करनी चाहिए, इस दिन यात्रा करने से धन हानि एवं असफलता की सम्भावना रहती है। द्वादशी के दिन मसूर का सेवन वर्जित है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
आज जब फ्रिज का चलन तेजी से बढ़ रहा है वहीं कुछ घर ऐसे भी है जहां पानी के लिए मिट्टी के बर्तन उपयोग में लाए जाते हैं। मिट्टी के बर्तन का पानी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर रखना वास्तु के हिसाब से भी काफी शुभ माना जाता है। आज वास्तु शास्त्र में बात करेंगे सुराही के बारे में। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए कि आखिर सुराही घर में रखने से क्या फायदा होता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी से भरी एक सुराही घर में जरूर रखनी चाहिए। घर में पानी से भरी सुराही रखने से धन की कभी कमी नहीं होती। सुराही न मिले तो मिट्टी का छोटा घड़ा रखना भी लाभदायक होता है। वहीं ध्यान रखें कि इसमें हमेशा पानी भरा होना चाहिए तभी परिवार में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहेगी। वास्तु के मुताबिक, सुराही या मिट्टी का घड़ा रखने के लिए उत्तर दिशा का चुनाव करना चाहिए, क्योंकि उत्तर दिशा को जल के देवता की दिशा माना जाता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बारिश में कीट पतंगों से छुटकारा कैसे पाएं
- करें नीम और उपले का धुआं नीम और उपले का धुंआ करना इन्हें तेजी से भगा सकता है। क्योंकि ये दोनों एंटीबैक्टीरियल है और धुंआ सूंघकर आसपास के लोग तुरंत भाग जाते हैं। आपको करना ये है कि ये जहां जमा हो रहे हों वहीं पर इन दोनों को जला कर रख दें। आग ऐसे लगाएं कि धुंआ ज्यादा हो। ये तरीका कारगर तरीके से काम करेगा और ये भाग जाएंगे।
कपूर जला लें कपूर की गंध से कीट बेहोश हो सकते हैं। ऐसे में आपको करना ये है कि चंदन या आम की लकड़ी का एक आग तैयार करें और इसमें ऊपर से थोड़ा सा कपूर डालें। कपूर डालने के बाद आग को बुझा दें। इसे धीमे-धीमे धुएं के रूप में जलने दें। ये तरीका इन कीट-पतंगों को मारने में मददगार है। - घर में जलाएं गूगल की लकड़ी घर में आप गूगल की लकड़ी जला सकते हैं। इसकी गंध बहुत तेज होती है। तो, लौंग का तेल डालकर गूगल की लकड़ी में आग लगा लें। ऐसा करना कीट पतंगों से छुटकारा दिलाने में मददगार होगा।
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
भृंगराज और गुड़हल के तेल के फायदे
बालों को दोबारा उगाने में मदद करता है भृंगराज और गुड़हल, दोनों बालों को दोबारा उगने में मदद करते हैं। इसका उपयोग बालों को तेजी से बढ़ाने में मददगार है। इसकी मालिश से स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिससे नई बाल कोशिकाएं पैदा होती हैं। इससे बाल दोबारा बढ़ते हैं और इनका टैक्सचर बेहतर होता है।
ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है समय से पहले सफेद बाल, सिरों पर पोषण की कमी का भी संकेत देते हैं। ये तेल ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और बालों के रोम में मेलेनिन उत्पादन को बढ़ावा देता है। इससे बाल समय से पहले सफेद नहीं होते और इनका टैक्सचर भी सही रहता है। इसके अलावा इस तेल का इस्तेमाल बालों में डैंड्रफ और हेयर फॉल जैसी समस्याओं को भी कम करने के लिए आप कर सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति में पैसे, सेहत, बिजनेस, दांपत्य जीवन, समाज, जीवन में सफलता से जुड़े तमाम चीजों पर अपनी राय दी है। अगर आप इनकी नीतियों को अपनाते हैं तो आपको जीवन में कभी भी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी एक नीति में जीवन में सफल होने के बारे में भी बताया है। इस नीति के जरिए उनका कहना है कि यदि आप वास्तव में अपने हर सपने को पूरा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके अंदर यह एक चीज होना बहुत जरूरी है। तो चलिए जानते हैं क्या है वह एक चीज जो आपके अंदर होना चाहिए।
जब तक तुम दौड़ने का साहस नहीं जुटा पाओगे, तुम्हारे लिए प्रतिस्पर्धा में जीतना हमेशा असंभव बना रहेगा।’
इस कथन के जरिए हम कहना चाहते हैं कि यदि जीवन में हमेशा सफलता हासिल करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको खूब मेहनत भी करना पड़ेगा। हो सकता है कि ऐसे में आपको कई तरह की मुश्किलों का भी सामना करना पड़े क्योंकि किसी भी काम को करने में कोई न कोई परेशानी जरूर आती है। इसिलए कहते हैं कि अगर आप पहले ही हार मान लेंगे तो आप अपने लक्ष्य को कभी भी हासिल नहीं कर पाएंगे। इसलिए जिस व्यक्ति को अपना लक्ष्य पूरा करना है उसे साहस तो दिखाना होगा और आपको अपने साथ हमेशा साहस को साथ लेकर चलना होगा तभी आप जीवन में सफल हो पाएंगे।
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
⚜️ द्वादशी तिथि का नाम यशोबला भी है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री विष्णु जी / भगवान श्रीकृष्ण जी का आंवले, इलाइची, पीले फूलो से पूजन करने से यश, बल और साहस की प्राप्ति होती है।
द्वादशी को श्री विष्णु जी की पूजा , अर्चना करने से मनुष्य को समस्त भौतिक सुखो और ऐश्वर्यों की प्राप्ति होती है, उसे समाज में सर्वत्र आदर मिलता है, उसकी समस्त मनोकामनाएं निश्चय ही पूर्ण होती है।
द्वादशी तिथि के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यन्त श्रेयकर होता है। द्वादशी के दिन ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
भगवान विष्णु के भक्त बुध ग्रह का जन्म भी द्वादशी तिथि के दिन माना जाता है। इस दिन विष्णु भगवान के पूजन से बुध ग्रह भी मजबूत होता है ।
यदि द्वादशी तिथि सोमवार और शुक्रवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। द्वादशी यदि रविवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, यह अशुभ माना जाता है, इसमें भी शुभ कार्य करना मना किया गया हैं।

