ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 12 जुलाई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 12 जुलाई 2023

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – श्रावण मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : श्रावण मास कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 05:59 PM तक उपरांत एकादशी
✏️ तिथि स्वामी – दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र भरणी 07:43 PM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। नक्षत्र के देवता यम होते हैं।
📢 योग : धृति योग 09:40 AM तक, उसके बाद शूल योग
प्रथम करण वणिज 05:58 AM तक, बाद
द्वितीय करण : विष्टि 06:00 PM तक, बाद बव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:16:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:44:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:10 ए एम से 04:51 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:31 ए एम से 05:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:41 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:22 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 02:48 पी एम से 04:26 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 13 से 12:47 ए एम, जुलाई 13
सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:43 पी एम से 05:32 ए एम, जुलाई 13
🌊 स्वर्ग लोक की भद्रा- 12 जुलाई शाम 6 बजे तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को हरा वस्त्र भेंट करें।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

⚛️ पर्व एवं त्यौहार : पारसी अस्पंदार्मद मासारंभ, सर्वार्थसिद्धि योग/भद्रा, अभिनेता दारा सिंह पुण्य तिथि, प्रसिद्ध उपन्यास दुर्गा प्रसाद खत्री जन्म दिवस, घनश्यामभाई ओझा पुण्य तिथि, लोदी वंश के संस्थापक बहलुल खान लोदी पुण्य तिथि, भूतपूर्व न्यायाधीश वाई. वी. चंद्रचूड़ जयन्ती, विश्व मलाला दिवस, विश्व मलाला दिवस (World Malala Day), राष्‍ट्रीय सादगी दिवस (National Simplicity Day), विश्व पेपर बैग डे (World Paper Bag Day), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की वर्षगांठ (168वीं) ✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है। 🗽 *Vastu Tips* 🗼
अगर आपके वाहन में कोई वास्तु संबंधी समस्या है तो वास्तु शास्त्र में दिए कुछ उपायों को अपनाकर आप अपने वाहन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा क्रिएट कर सकते हैं।
इसके लिए आप रात को अपनी कार में सीट के नीचे एक अखबार बिछाकर उस पर थोड़ा-सा सेंधा नमक रख दें और उस नमक को अगले दिन सुबह नाले में बहा दें। इससे कार में उपस्थित निगेटिव एनर्जी कम होती है। इसके अलावा आप कार में ही एक छोटे से बॉक्स में कुछ पत्थरों के साथ रेत मिलाकर रख दें। इससे पंचतत्वों का संतुलन बना रहेगा और अचानक होने वाली किसी अप्रिय घटना से भी आप बचे रहेंगे। साथ ही आप अपनी कार में श्रीयंत्र, मारुति यंत्र या फेंगशुई का कोई हैंगिग आइटम लगा सकते हैं।
🛻 पार्किंग से जुड़े वास्तु टिप्स
अगर आप घर में अपने वाहन के लिए कोई गैराज बनाना चाहते हैं, तो उसके लिये दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा का चुनाव करना चाहिए। ये दोनों ही दिशा अच्छी हैं, लेकिन इनमें से उत्तर-पश्चिम, यानि वायव्य कोण सबसे अच्छा है। यहां एक बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि गैराज की उत्तर और पूर्व दिशा में वजन कम होना चाहिए। इसलिए वहां पर कोई भी वाहन पार्क करते समय ध्यान दें कि वाहन का मुख उत्तर या पूर्व की तरफ होना चाहिए।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
भींडी को लेकर कुछ लोगों को मत ये है कि ये गर्मी वाली सब्जी है लेकिन, क्या नहीं है। भींडी आपको इस बरसात के मौसम में भी मिल जाएगी। भींडी को आप कई प्रकार की सब्जियों में इस्तेमाल कर सकते हैं।
करेला आपको इस मौसम में भी मिल जाएगा। दरअसल, ये भी लता वाली सब्जियों में आता है और आप इसे अपने घरों में भी लगा सकते हैं। ये डायबिटीज से लेकर दिल के मरीजों तक के लिए फायदेमंद है। तो, इस मौसम में कुछ न मिले तो करेला खाएं।
चौलाई का सेवन आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। ये हड्डियों से जुड़ी समस्याओं वालों के लिए भी फायदेनमंद है। तो, आप चौलाई का साग बनाएं, पकौड़ी खाएं और इसे आलू के साथ मिलाकर सब्जी बनाएं।
सफेद पेठा, आपकी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। इन्हें वेट लॉस करने वाले ज्यादा खाते हैं। आप इससे सब्जी, रायता और फिर पेठा भी बनाकर खा सकते हैं। तो, इस मौसम में आप इस सब्जी को आराम से खाएं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
डायबिटीज में अर्जुन की छाल: क्या आप डायबिटीज के मरीज हैं? क्या आप अपने चढ़ते-बढ़ते शुगर को लेकर चिंता में रहते हैं तो आपको इस पेड़ की छाल का इस्तेमाल करना चाहिए। दरअसल, हम बात अर्जुन की छाल की कर रहे हैं जो कि शुगर के मरीजों (arjun ki chal ke fayde in hindi) के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। असल में अर्जुन की छाल को आयुर्वेद में एंटी डायबिटीक हर्ब की तरह इस्तेमाल किया जाता है। ये शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करता है और डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करता है। लेकिन, कैसे जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
डायबिटीज में कैसे कारगर है अर्जुन की छाल- अर्जुन की छाल डायबिटीज में कई प्रकार से फायदेमंद है। इस अर्क में लिपिड पेरोक्सीडेशन का गुण होता है जो कि शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है। इसमें सुपरऑक्साइड डिसम्यूटेज, कैटालेज, ग्लूटाथियोन पेरोक्सीडेज, ग्लूटाथियोन-एस-ट्रांसफरेज, ग्लूटाथियोन रिडक्टेस और ग्लूकोज-6-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज आदि गुण भी है जो कि ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है और शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करता है यानी शरीर को शुगर पचाने में मदद करता है।
इसके अलावा अर्जुन की छाल में कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जो कि डायबिटीज के बाकी लक्षणों को कंट्रोल करने और इससे जुड़ी अन्य समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
भगवान शिव का अति प्रिय मास सावन शुरू हो चुका है। इस पूरे महीने भक्तगण महादेव की उपासना में लीन रहते हैं। हिंदू धर्म में सावन माह का काफी महत्व है। कहते हैं इन दिनों भोलेनाथ मां पार्वती के साथ धरती पर भ्रमण करने आते हैं। ऐसे में जो भी भक्त पूरे सावन माह सच्चे मन से शिव की आराधना करते हैं उनकी हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। सावन में किए गए पूजा के फल में शिव शंकर कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर, शादीशुदा लोगों को सुखी दांपत्य जीवन, निसंतान दंपतियों को संतान सुख का आशीर्वाद देते हैं। सावन में नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। लेकिन शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है वरना आपको शुभ फलों की प्राप्ति नहीं होगी।
शिवलिंग कितने बजे जल चढ़ाना चाहिए?
यूं तो भगवान की भक्ति किसी भी समय की जा सकती है लेकिन पूजा सही समय पर की जाए तो शीघ्र फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे ही शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए के लिए एक समयसीमा तय की गई है, जिसमें भक्त उन्हें जल अर्पित कर के शुभ फलों को प्राप्त कर सकते हैं। कहते हैं शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए प्रात:काल 5 बजे का समय काफी उत्तम बताया गया है। सुबह 5 बजे से लेकर सुबह 11 बजे तक शिवलिंग पर जल चढ़ाया जा सकता है। वहीं शाम के वक्त शिवलिंग पर जल भूलकर भी अर्पित नहीं करें वरना आपको पूजा का फल नहीं मिलेगा।
शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय इन बातों का रखें ध्यान
शिवलिंग पर शंख से जल नहीं चढ़ाना चाहिए
शिवलिंग पर केवल जल चढ़ाएं उसमें कोई भी सामग्री न मिलाएं
शिवलिंग पर जल हमेशा तांबे के लोटे से ही अर्पित करें (लोहे या स्टिल बर्तन का प्रयोग न करें)
कभी भी पूर्व दिशा की ओर मुंह करके जल न चढ़ाएं।_
उत्तर दिशा की ओर मुख करके शिवजी को जल अर्पित करना शुभ माना गया है
शिवलिंग पर खड़े होकर नहीं बल्कि बैठकर ही जल चढ़ाएं
तांबे के बर्तन से शिवलिंग पर दूध भूलकर भी अर्पित न करें
सावन सोमवार का महत्व
मान्यताओं के मुताबिक, सावन महीने के सोमवार के दिन जो व्यक्ति विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा करता है और व्रत करता है, उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। वहीं जिन कन्याओं को अच्छे वर की चाहत है या जो महिलाएं अपने पति के साथ अपने रिश्ते को मजबूत बनाए रखना चाहती हैं, उन्हें यह व्रत जरूर करना चाहिए। वैसे तो साल भर भगवान शिव की भक्ति की जाती है लेकिन सावन मास में भगवान शिव की पूजा करने से मनचाही इच्छा जल्द ही पूरी होती है। साथ ही सावन में नित्य रूप से शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। शिवलिंग पर जल चढ़ाने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है।
☞✺═══✺🪔🌹🪔✺═══✺☜
⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

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