Aaj ka Panchang आज का पंचांग सोमवार, 07 अगस्त 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 07 अगस्त 2023
07 अगस्त 2023 दिन सोमवार को अधिक श्रावण मास के कृष्ण पक्ष कि सप्तमी तिथि है। आज मलमास के श्रावण कृष्ण पक्ष का अति ही दुर्लभ सोमवार का व्रत है। लिखा है, दोष संघ विनाशकौ अर्थात आज किया गया शिव पूजन समस्त दोषों का नाश कर देता है। और साथ ही आज किया गया शिव पूजन प्रदोष के सामान फल देता है। आज सूर्य देवता आश्लेषा नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश कर जायेंगे। आप सभी सनातनियों को श्रावण सोमवार व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा
🌤️ मास – श्रावण मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 04:14 AM तक उपरांत अष्टमी
🖍️ तिथि के स्वामी – सप्तमी के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र अश्विनी 01:16 AM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है। तथा राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं।
📣 योग : शूल योग 06:16 PM तक, उसके बाद गण्ड योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 04:41 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 04:14 ए एम, अगस्त 08 तक
🔥 गुलिक काल : – सोमवार का शुभ (गुलिक काल) दोपहर 1:30 से 3 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दर्पण देखकर, दूध पीकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह -7:30 से 9:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:16:05
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:11:33
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:21 ए एम से 05:03 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:42 ए एम से 05:46 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:53 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:40 पी एम से 03:34 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:08 पी एम से 07:29 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:08 पी एम से 08:12 पी एम
💧 अमृत काल : 06:12 पी एम से 07:47 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, अगस्त 08 से 12:48 ए एम, अगस्त 08
❄️ रवि योग : 05:46 ए एम से 01:16 ए एम, अगस्त 08
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शिवलिंग पर नर्मदा जल से अभिषेक कर खीर का भोग लगाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/पंचक समाप्त (पंचांग भेद), नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कवि एवं लेखक रवींद्रनाथ टैगोर स्मृति दिवस, सुरेश वाडकर जयन्ती, एमएस स्वामीनाथन जयन्ती, राजमोहन गांधी जयंती, अभिनेत्री चार्लीज थेरोन जन्म दिवस, प्रसिद्ध गीतकार गुलशन बावरा स्मृति दिवस, आइवरी कोस्ट स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रीय भाला फेंक दिवस, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, विश्व स्तनपान दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में घर बनवाने से लेकर खरीदने तक, घर के हर एक हिस्से को लेकर कुछ न कुछ नियम बताए गए हैं। जिनका पालन हमें जरूर करना चाहिए, अगर आप इन नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आपको भारी परिणाम भुगतना पड़ सकता है। इन्हीं नियमों से एक घर के खिड़की-दरवाजे को लेकर है। तो चलिए वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानते हैं घर के मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाने के बारे में।
मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाएं या न बनवाएं और बनवाएं तो कैसे और कितनी बनवानी चाहिए ? वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाना अच्छा रहता है। मुख्य दरवाजे पर खिड़की बनवाने से घर में माहौल अच्छा बना रहता है और घर में सुख-शांति रहती है। अब हम आपको बताते हैं कि मुख्य दरवाजे पर किस तरह खिड़की बनवानी चाहिए।
घर बनवाते समय मुख्य दरवाजे, यानि मेन गेट के दोनों तरफ समान आकार की खिड़कियां बनवानी चाहिए। मुख्य दरवाजे के दोनों ओर खिड़कियां बनवाने से एक चुम्बकीय चक्र का निर्माण होता है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसके अलावा घर में कुल खिड़कियों की संख्या सम होनी चाहिए न कि विषम।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खुबानी का सेवन बिना भिगोए बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। दरअसल, खुबानी में पेक्टिन (pectin) होता है जो कि शरीर में एक जेल कंपाउंड फॉर्म करते हैं और इसके काम काज को प्रभावित करता है। इसे भिगोकर खाने से जहां ये पेट साफ कर सकता है, मेटाबोलिज्म तेज कर सकता है वहीं, जब आप इसे बिना भिगोए खाते हैं तो ये पेट से जुड़ी से समस्याओं का कारण बन सकता है। ये कब्ज का कारण बन सकता है और यह आंत में पोषक तत्वों के अवशोषण को रोक सकता है।
बादाम का सेवन, पेट और आतों की गति को प्रभावित कर सकता है। बादाम जहां प्रोटीन से भरपूर है वहीं इसमें पेक्टिन (pectin) और सल्फाइट्स (Sulfites) की भी मात्रा है। यानी कि इसे बिना भिगोए खाना आंत और पेट दोनों के काम काज को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, इसे बिना भिगोए बिलकुल भी न खाएं।
अखरोट खाना, सेहत के लिए तो बहुत अच्छा है लेकिन कई बार ये पेट और आंतों से जुड़ी कई समस्याओं का कारण बन सकता है। शोध बताते हैं कि कच्चे ड्राई फ्रूट्स की तुलना में भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स को खाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इन नट्स में अपचनीय फाइबर होते हैं जिन्हें पचाना मुश्किल होता है, जब आप इन्हं कच्चा खाते हैं तो ये कब्ज और अपच की समस्या का कारण बन सकता है इसलिए इन्हें पानी में भिगोकर खाना चाहिए।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
अपने बालों को धोएं फिटकरी के पानी से-बालों को धोएं फिटकरी के पानी से धोना, इसकी कई समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। आपको करना ये है कि अपने नहाने के पानी में लगभग 1 घंटे फिटकरी मिलाकर रख दें और फिर ऐसे ही कुछ देर के लिए छोड़ दें। अब आप पाएंगे कि पानी के नीचे कुछ गंदगी जो असल में हार्ड वॉटर कपांउड हैं बैठे हुए मिलेंगे। ऊपर का पानी साफ होगा। अब इसी पानी से अपने बालों को वॉश करें।
फिटकरी से बाल धोने से क्या होता है-फिटकरी से बाल धोने से सबसे पहले तो ये स्कैल्प इंफेक्शन को कम कर सकता है। ये स्कैल्प के पोर्स के अंदर गंदगी को डिटॉक्स कर सकता है ताकि बालों को पोषण मिले और ग्रोथ बढ़े। इसके अलावा फिटकरी एंटीबैक्टीरियल भी है जो स्कैल्प इंफेक्शन को कम करने में मदद कर सकता है। ये आपके स्कैल्प पर होने वाले एक्ने को कम कर सकता है साथ डैंड्रफ जैसी समस्याओं से बचा सकता है। साथ ही फिटकरी वाला पानी हार्ड वॉटर के कारण होने वाले नुकसानों से बचाता है और बालों की रंगत को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। ये बालों को बेजान होकर टूटने से रोक सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कुबेर देव की पूजा करने, घर में इनकी मूर्ति या फोटो लगाने से इनकी कृपा से उस घर में धन की कोई भी कमी नहीं रहती है, धन संबंधी सभी कार्यों में समस्त दिशाओं से आसानी से सफलता प्राप्त होती है।
कुबेर देव तृतीया तिथि / धनतेरस के स्वामी माने गये है इस दिन कुबेर देव की श्रद्धा से पूजन करने से अतुल धन , ऐश्वर्य एवं समस्त संसारिक सुखो की प्राप्ति होती है।
अगर घर में कुबेर देव की फोटो नहीं है तो उसे शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि या धनतेरस के दिन घर के मंदिर में उत्तर दिशा में स्थापित करें लेकिन इस बात का विशेष ध्यान दें कि वह स्थान बिलकुल साफ सुथरा हो ।
कुबेर देव को शिवजी का परम मित्र माना जाता हैं । इसी लिए कहा जाता है कि जो भगवान भोले नाथ की सच्चे मन से भक्ति करते है कुबेर देव उनपर अपनी विशेष कृपा दृष्टि बनाये रखते है ।
दीपावली के पाँच पर्व में कार्तिक माह की कृष्ण त्रयोदशी को मनाए जाने वाले धनतेरस एवं प्रत्येक माह की तृतीय तिथि को धनाध्यक्ष कुबेर की विशेष पूजा की जाती है।
कहते है यदि इस दिन भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय बेल पत्रों से कुबेर देव की पूजा की जाय तो वह अवश्य ही प्रसन्न होते हैं।
कुबेर जी Kuber ji की पूजा का शिवजी के मंदिर में या बिल्व (बेल) पेड़ के नीचे बैठ कर करने से विशेष फल मिलता है।
धनतेरस के दिन घर में बेल पत्र का पौधा लगाकर नित्य सुबह शाम 7 बार ॐ नम: शिवाये और उसके बाद 7 बार कुबेर जी के मन्त्र का जाप करके पौधे के नीचे धूप / दीपक जलाएं।
घर में धन ऐश्वर्य की कभी कमी नहीं होगी, आर्थिक संकट होंगे समाप्त ।
कुबेर जी का मन्त्र :- “ॐ श्री ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नम:”।
शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति घोर दरिद्रता व अपयश से पीड़ित है तो धनतेरस से शुरू करके पूर्ण श्रद्धा और विश्वास से नित्य कुबेर देव की पूजा अर्चना करने से उसके सभी आर्थिक संकट शीघ्र से शीघ्र समाप्त हो जाते है उसके घर में अपार धन-सम्पदा, ऐश्वर्य का वास होता है।
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

