अंगद के पैर की तरह जमे संदीप शुक्ला

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | लंबे समय से पदस्थ ढीमरखेड़ा शिक्षा विभाग में संदीप शुक्ला होने के कारण विभाग की गोपनीय बातों को जानकर विभाग के अंदर जमकर मलाई काट रहे हैं ऐसा सूत्रों के द्वारा बताया गया। शासन के नियमानुसार 3 वर्ष से अधिक समय होने के बाद स्थानांतरण का प्रावधान है लेकिन ऐसा जान पड़ता है जैसे बाबूओ के लिए कोई नियम ही नहीं हैं। एक बार पदस्थ होने के बाद अपनी कुर्सी छोड़ी ही नहीं जाती। स्मरण रहे अगर इनका स्थानांतरण नहीं हुआ तो चुनाव में भी शासन के नियमोें को ताक में रखा जा सकता हैं। विदित हों कि विभागीय कामों में बाबूओ का अहम रोल होता हैं। फाइल भी इन्ही की मेहरबानी से उच्च अधिकारियों तक पहुंचती है और अगर उसमे लक्ष्मी का वजन ना हो तो फाइल भी साहब की मेहरबानी से अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। अगर इसी तरह का शिक्षा विभाग में चलता रहा तो शांत और सीधे – साधे लोग शिकार होते रहेगे।



