इलाज के अभाव में बीमारी से परेशान आदिवासी ने खुद को लगाई आग, मौत
सिलवानी । प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में इलाज के अभाव में पुलिस थाना क्षेत्र सिलवानी में फिर एक आदिवासी की मौत हो गई । बीमारी से परेशान वृद्ध आदिवासी ने तेल डालकर खुद को आग के हवाले करने का सनसनी खेज मामला सामने आया है। सिलवानी पुलिस को सूचना मिलने मौके पर पहुंचकर शव को नगर परिषद के शव वाहन से पोस्टमार्टम हेतु सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार सिलवानी से महज 3 किलोमीटर दूर ग्राम जुनिया के राजीव नगर टोला में रामचरण आदिवासी पिता मुन्ना आदिवासी उम्र लगभग 66 साल ने शुक्रवार की देर रात अपने ही कच्चे के मकान के बाहर आंगन में तेल डालकर आग के हवाले कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
बताया जाता जाता है की मृतक का एक पुत्र ब्रजेश जो कि दो साल से कोई पता नहीं है, और उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। वह घर में अकेले ही रहता था। कुछ समय से वह पैर की बीमारी से पीड़ित था, पैर में इन्फेक्शन होने से तकलीफ के चलते ऐसा कदम उठाना बताया जा रहा है। रायसेन में इलाज के दौरान डॉक्टर और अटेंडर की पैर में इन्फेक्शन होने से पैर काटने की बात वृद्ध ने सुन ली और विचलित होकर अस्पताल से वापिस आ गया ।
ग्राम पंचायत जुनिया के उपसरपंच सफीक उद्दीन ने बताया कि पीड़ित ने एक सप्ताह पूर्व 108 एंबुलेंस तीन दिन तक लगातार फोन लगाने पर भी उसे एंबुलेंस उपलब्ध नही हुई थी। तब ग्रामीणों के सहयोग से उसे लोडिंग मैजिक वाहन से सिविल हॉस्पिटल सिलवानी लाया गया था, जहां से उसे जिला अस्पताल रिफर किया गया था।
इस संबंध में एसआई अमरसिंह धाकड़ ने बताया कि राजीव नगर में एक वृद्ध रामचरण आदिवासी ने बीमारी से परेशान होकर तेल डालकर आग लगा ली, पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।



