मध्य प्रदेश

सिहोरा वासियों के सब्र का बांध टूटा, मुख्यमंत्री और सिहोरा विरोधी शक्तियों का फूंका पुतला, निकाली रैली

मीसाबंदियों ने किया सम्मान पत्र वापस
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । -सिहोरा जिला की मांग पर लगातार आंदोलित सिहोरा वासियों का सब्र टूटता दिखाई दिया। सिहोरा वासियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार नगर में एक विशाल रैली निकाली, मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका, सिहोरा जिले का विरोध करने वाली ताकतों का पुतला फूंका और विधायक कार्यालय के बाहर जबरदस्त नारेबाजी करते हुए अपना उग्र प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में दो मीसाबंदी परिवारों ने सिहोरा जिला के समर्थन में अपना सम्मान पत्र सिहोरा एसडीएम और तहसीलदार को सौंपा। लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के आह्वान पर विगत दो वर्षो से सिहोरा जिला आंदोलन चल रहा है।
गिरते पानी में निकाली रैली-
जैसे ही सिहोरावासी दोपहर 3 बजे रैली के रूप में निकलने को तैयार हुए भीषण बारिश का दौर शुरू हो गया। गिरते पानी में भी आंदोलनकारियों के हौसले कम नहीं हुए और उन्होंने शासन के विरोध और सिहोरा जिला के समर्थन में नारेबाजी करते हुए गिरते पानी में ही पूरे नगर में रैली निकाली ।
यहां रैली वहां फूंका पुतला –
सिहोरा वासी एक तरफ रैली निकालते रहे वहीं कुछ आक्रोशित लोगो ने गौरी तिराहे में मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। इस पुतले फूंकने की बात से प्रशासन और आंदोलनकारी दोनो अंजान रहे । इससे पहले की प्रशासन कुछ कर पाता उग्र भीड़ ने मुख्यमंत्री के पुतले को राख में मिला दिया । इसके बाद एक बार फिर जब धरना स्थल पर मीसाबंदी सम्मान लौटाने की तैयारी कर रहे थे आक्रोशित जनों द्वारा सिहोरा एसडीएम और तहसीलदार के सामने ही सिहोरा जिले का विरोध करने वालों शक्तियों का पुतला फूंक दिया गया ।
विधायक कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन नारेबाजी-
रैली के मध्य में जैसे ही सिहोरा विधायक नंदनी मरावी का कार्यालय सामने आया रैली में शामिल लोग विधायक कार्यालय के सामने ही जमीन पर बैठ अपने गुस्से का इजहार करने लगे। इस दौरान भाजपा कार्यालय में मौजूद भाजपा नेताओं द्वारा सड़क पर बैठे लोगो का मखौल उड़ानें से रैली में शामिल लोग नाराज हो गए और उन्होंने विधायक नंदनी मरावी और मुख्यमंत्री के मुर्दाबाद के जबरदस्त नारे लगाना शुरू कर दिए। इसके बाद प्रशासन ने मोर्चा संभाला और बंद यातायात शुरू हुआ ।
दो मीसाबंदी परिवारों ने लौटाए सम्मान पत्र
रैली के समापन में दो मीसाबंदी परिवारों स्व पुरुषोत्तम साहू और स्व किशनचंद साहू ने उन्हें मिले सम्मान पत्र और सम्मान निधि सिहोरा एसडीएम और तहसीलदार को लौटाया । मीसाबंदी परिवार के सदस्य और पूर्व स्वयंसेवक प्रमोद साहू ने कहा कि वे सिहोरा की लगातार होती उपेक्षा से हुए आहत है और किसी भी स्थिति में सरकार से सिहोरा को जिला बनाने की मांग करते हैं।
कार्यक्रम में समाज के प्रत्येक वर्ग का भरपूर सहयोग मिला । सिहोरा के व्यापारी संघ, अधिवक्ता संघ, किसान संघ, ब्राह्मण समाज, जैन समाज, साहू समाज और अनेक सामाजिक संगठनों ने सक्रिय सहभागिता देते हुए आंदोलन को सफल बनाया ।

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