फिनो बैंक के खाताधारी हो रहे ठगी का शिकार, नियमों की अनदेखी कर खोले जाते हैं खाते
रोजगार सहायक ने ठगी से हड़पी किसान सम्मान निधि व पीएम आवास की मजदूरी राशि
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । ग्राम पंचायत गूढ़ा के रोजगार सहायक सुरेश सिंह लोधी द्वारा गांव के ही मुनीसींग लोधी उम्र 60 वर्ष का एटीएम लेकर उसके खाते से किसान सम्मान निधि राशि व प्रधानमंत्री आवास की मजदूरी राशि छलपूर्वक हड़प ली। इस धोखाधड़ी के खिलाफ थाना तेजगढ़ में एफआइआर करनी चाही लेकिन कार्रवाई न होने पर दमोह एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की ठगी लगातार हो रही है, जिसका कारण फिनो बैंक है, जिसके एटीएम ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक अपने पास रखते हैं। इस मामले में भी ऐसा हुआ है। जिसमें रोजगार सहायक मुनी सींग का एटीएम अपने पास रखे था, जिस पर उसने प्रधानमंत्री आवास मजदूरी के 18 हजार रूपए के साथ ही पिछले तीन साल से जमा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 21 हजार रूपए निकाल लिए और बुजुर्ग को नहीं दिए। जब वह 20 जुलाई को रोजगार सहायक सुरेश सींग के पास पहुंचा कि आप मेरा एटीएम कार्ड दो मुझे सम्मान निधि व मजदूरी की राशि निकालनी है, तब बड़ी मुश्किल में एटीएम दिया। जब वह रूपए निकालने एटीएम पहुंचा तो खाता बंद बताया। फिनो बैंक गया, जिसके कर्मचारी स्टेट बैंक अभाना ले गए। आवेदक का खाता नंबर देखा तो उसे पता चला कि उसके खाते की उक्त संपूर्ण राशि निकाल ली गई है। राशि निकालने के बाद रोजगार सहायक द्वारा खाता भी बंद करा दिया गया है।
बुजुर्गों के साथ किया जा रहा छलावा
दमोह जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में फिनो बैंक में खाता खुलवाने व बंद कराने का ठेका रोजगार सहायकों द्वारा अपने हाथ में लिया गया है। फिनो बैंक द्वारा जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, जिसके द्वारा रोजगार सहायकों को खाता खुलवाने की खुली छूट दी गई है, जिसमें वह किसी का भी आधार कार्ड लेकर खाता खोलकर एटीएम अपने पास रख लेते हैं। मुनी सींग जैसे बुजुर्ग जो पढ़े लिखे नहीं है, वह गांव के रोजगार सहायक पर पूरा भरोसा करते हैं, उनका यही भरोसा रोजगार सहायक तोड़ रहे हैं। बुजुर्गों के खातों से उनकी राशि गायब की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी राशि में बड़ा घालमेल किया गया है, शिकायतें होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है।
मजदूरी हड़पने के लिए रखते हैं एटीएम
फिनो बैंक दमोह जिले में रोजगार सहायकों व ग्राम पंचायतों में ठेकेदारों के कारण फलफूल रहा है। मनरेगा के तहत मजदूरों को मिलने वाली राशि सीधे रोजगार सहायक व ठेकेदारों के हाथ में पहुंच जाती है, मनरेगा के कार्यों में ऐसी कोई ग्राम पंचायत नहीं है, जिसने मशीनों से काम न कराया हो, मशीनों से काम कराए जाने के बाद जेसीबी, डंपर व ट्रैक्टर ट्राली का भुगतान किया जाता रहा और साइटों पर मजदूरों के नाम राशि आती रही और आहरित होती रही है।खाता खोलने में नियम शिथिल आरबीआइ की गाइड लाइन के मुताबिक खाता खोलने के लिए कायदा कानून भी है। लेकिन फिनो बैंक जैसे बैंक बगैर ग्राहक की मौजूदगी में रोजगार सहायक द्वारा दिए गए थोक आधार कार्डों पर खाता खोल देते हैं, जबकि खाता खोलने के लिए केबाइसी के साथ ही फिंगर प्रिंट की आवश्यकता होती है, लेकिन एटीएम जारी कर दिए जाते हैं, जिससे किसी की राशि कोई भी निकाल सकता है। इस तरह की धोखाधड़ी लगातार जारी है।



