क्राइम

दो लाख की रिश्वत लेते CMO गिरफ्तार, लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई

ब्यूरो चीफ मनीष श्रीवास
जबलपुर। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने मलाजखंड सीएमओ शिवप्रसाद धुर्वे को दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि ठेकेदार सुशील चंदेल से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के 39 लाख 9 हजार 906 रुपए का बिल निकालने और एक टेंडर को लेकर सीएमओ ने दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
इसकी शिकायत के बाद जांच में मामला सही पाए जाने पर गुरुवार को टीम के साथ कार्रवाई की है। इसमें सीएमओ को कलेक्ट्रेट गेट के सामने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। इस मामले में अभी कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जिस डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के बिल के भुगतान के लिए सीएमओ ठेकेदार से रिश्वत मांग रहे थे। उस बिल को भुगतान करने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए है, यही नहीं बल्कि इसका प्रस्ताव भी परिषद में लिया जा चुका है। बावजूद इसके सीएमओ धुर्वे ठेकेदार से रिश्वत मांग कर रहे थे।
ठेकेदार सुशील चंदेल की माने तो वर्ष 2018 से 2022 तक डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के बकाया बिल 39 लाख 9 हजार 906 रुपए के भुगतान और मैंने लगाए टेंडर पर काम दिलाने के नाम पर तीन लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इसमें मैंने दो लाख रुपए देने कहा, जिस पर वह सहमत हो गए। इसकी शिकायत मैंने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस को की थी। गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस ने सीएमओ धुर्वे को मेरे से दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। सुशील चंदेल ने बताया कि मुझे सीएमओ ने रिश्वत के लिए परेशान कर दिया था। पिछले भुगतान और कम दर में मैंने टेंडर डाला था।
इसको परिषद ने पास कर दिया। इसके बावजूद इन्होंने कैंसिल कर दिया था। इसके लिए वह 30 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। जब मैंने इतनी राशि देने में असमर्थता जताई, तो उन्होंने 15 प्रतिशत कमीशन लेने पर नए टेंडर में मदद का भरोसा दिलाया। इनके कमीशन मांगने पर वह काफी परेशान थे और इसी कारण उन्होंने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की थी। लोकायुक्त जबलपुर के डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि नगर पालिका मलाजखंड के सीएमओ ने ठेकेदार सुशील कुमार चंदेल से वर्ष 2018-2022 तक किए कार्यों के बकाया राशि भुगतान और एक टेंडर को लेकर 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत हमें मिली। शिकायत सत्य पाए जाने पर आज योजनाबद्ध तरीके से सीएमओ को ठेकेदार से दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए टीम के साथ कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने रंगे हाथ पकड़ा। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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