मेट्रो चालक बचा रहे समय, आम जनता को दो किलोमीटर दूर तक जाना हुआ दूभर, जिम्मेदार कौन
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिला मुख्यालय से संचालित मेट्रो बस का परिचालन होना और रोजाना आम जनता का आना जाना ही एक बड़ी समस्या का बन जाना पड़ी ही चिंता का विषय हैं?
पनागर विधान सभा का बड़ा विचित्र मामला प्रकाश में आया है । यहां पर जिले से संचालित की जा रही मैट्रो बस का प्रति दिन जबलपुर रेल्वे स्टेशन से देवरी रैपुरा पनागर तक 31 स्टेप को लेकर चलाई तो जा रही हैं । पर विगत कुछ समय से मैट्रो बस का आवागमन देखा जाये तो ये बस केवल पनागर पड़ाव बस स्टैण्ड तक ही आ जा रही हैं । जिससे आम जनता ने मीडिया का सहारा लेते हुए कहा कि बस का आवागमन रैपुरा देवरी तक पुनः सेवा प्रदान करने के लिए बस संचालक इस ओर आवश्य ध्यान आकर्षित करे । जिससे स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं सहित शिक्षक, बुजुर्ग नागरिक, कालेज जाने वाले सभी युवा पीढ़ी,व स्थानीय आम जनता को पूर्ण रूप से लाभ मिल सके ।
मीडिया ने मैट्रो बस चालक से पनागर की जनता की समस्या को लेकर की अहम बात- जबलपुर से रैपुरा देवरी तक चलाई जा रही मैट्रो बस का ठहराव पड़ाव बस स्टैंड में आधे घण्टे तक रुके हुए रहना और पनागर थाना क्षेत्र, बरझईया, देवरी रेल्वे स्टेशन, रैपुरा तक मैट्रो बस का न जाने को लेकर मीडिया ने जब मैट्रो चालक महेश से इस विषय को लेकर अवगत कराया और चर्चा रखी कि मैट्रो बस का संचालन जबलपुर रेल्वे स्टेशन से लेकर रैपुरा देवरी तक का आदेश दिया गया है और सफर करने वाली सवरियो से किराया पूरा लिया जा रहा है और उन्हें पड़ाव बस स्टैंड में ही उतार दिया जाता है । जिससे उन लोगों पैदल एक से दो किलोमीटर दूर तक चलकर जाना पड़ता है वही बुजुर्गो को भी इस समस्या से गुजरना पड़ता है । और आप आधे घंटे तक यहां पर बस का ठहराव किये हुये यहाँ पर रुकें रहते हैं । इतने समय में तो रैपुरा देवरी से वापिस लौटाकर यहाँ पर आ सकतें हैं ।
बस संचालन की देख रेख या फिर आम जनता की समस्या इसकी जिम्मेदारी का निर्वाहन कौन करे । जवाबदेही किसकी परिचालक पर लगा प्रश्न चिन्ह?



