क्राइममध्य प्रदेश

मतदान का फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट, 17 मतदाताओं पर केस दर्ज

सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में मतदान की गोपनीयता भंग करने का मामला
मतदान केंद्र में मोबाइल का उपयोग और फोटो खींचने पर थी रोक

रिपोर्टर : बलवीर सिंह रघुवंशी
विदिशा। मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मतदान के दिन अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान करते हुए ईवीएम का फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले सिरोंज विधानसभा क्षेत्र के 17 लोगों पर सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई है।
सिरोंज पुलिस ने बताया कि सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और तहसीलदार संजय चौरसिया ने इस संबंध में लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। उन्होंने बताया कि आवेदक वकील सिंह यादव, राजेश साहू, विष्णु कुशवाहा, तथा विवेक श्रीवास्तव ने लिखित शिकायत करते हुए कुछ मतदाताओं पर मतदान की गोपनीयता भंग करने संबंधित शिकायत की थी। उनके द्वारा प्रस्तुत सूची में कुछ ऐसे मतदाताओं के नाम मय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिनके द्वारा मतदान केंद्र में न सिर्फ मोबाइल फोन का उपयोग किया बल्कि मतदान कर अपने द्वारा प्रदत्त वोट की फोटो खींचकर सोशल मीडिया में प्रसारित भी की गई थी। पुलिस के अनुसार यह मामला लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 128 का उल्लंघन के तहत प्रस्तुत किया गया है जिसमें समस्त 17 मतदाताओं पर अपराध दर्ज किया गया है।
इस शिकायत की जांच में सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट, स्टेटस और स्टोरी के छायाचित्रों के आधार पर पाया गया कि सूची में बताए गए व्यक्ति हाजी इरशाद अली, बृजेश विश्वकर्मा, हर्षित गोपाल शर्मा, नीरज शर्मा, कृष्णपाल यादव, अख्तर खान, आकाश जैन, गौरव शर्मा, रोहित साहू, अंकित सुमन, सोनू मालवीय, शिवा यादव, राजू महाराज, चंद्रेश सैनी, राजेश यादव, महेंद्र बघेल और राकेश शर्मा जो सिरोंज विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं उन्होंने मतदान दिवस के दिन अपने-अपने संबंधित मतदान केंद्रों में मतदान करने के दौरान ईवीएम के फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। यह भी पाया गया कि इन लोगों द्वारा किया गया यह काम लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 128 एवं चुनाव आयोग द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन है जो भादंवि की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध है। इस आधार पर सभी 17 आरोपियों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 128 तथा भादंवि की धारा 188 के तहत प्रकरण कायम किया गया है।
सिरोंज के एसडीएम हर्षल चौधरी ने बताया कि मतदान की गोपनीयता भंग करने पर 17 लोगों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 128 के साथ ही शासकीय आदेशों के उल्लंघन पर भादवि की धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज कराया गया है। इस धारा में आरोपियों को 6 माह तक के कारावास या एक हजार रुपए जुर्माने अथवा दोनों ही सजाएं हो सकती है।

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