नीमघाटी लगातार दुर्घटनाओं के कारण अभिशप्त बनी, हादसे रोकने मे प्रशासन असफल
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । गौरझामर से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नेशनल हाईवे 44 फोरलाइन नीम घाटी ढलान में आए दिन हो रही वाहनो की लगातार सडक घटनाओ से आसपास के रहवासियो में हमेशा सुरक्षा को लेकर दहशत का माहौल बना रहता है बता दे की विगत दो तीन दिनो से इस स्थान पर हो रही दुर्घटनाओ के बाद सोमवार की रात में एक और ट्रक सागर से नरसिंहपुर की ओर जा रहा था तभी वह अचानक नीम घाटी के चढाई पर पास के कृषक अशोक यादव के खेत में जाकर पलट गया जिससे खेत मे लगी बाड़ टूट गई फलत रात में आवारा मवेशियों ने खेत में घुसकर खेत मे खडी फसलो का काफी नुकसान किया जिससे कृषक अशोक यादव में खासी नाराजी देखी गई हाल ही मे घने कोहरे के कारण 2 दिन से लगातार हो रही घटनाओं और पिछली दुर्घटनाओ से नीम घाट नेशनल हाईवे चवालीस को अभिशप्त रूप मे देखा जा रहा है भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नेशनल हाईवे पर नीम घाटी पर किसी भी प्रकार के सांकेतिक बोर्ड व निशान आदि नहीं लगाये है जिससे कि चालक को आगे की स्थिति से अवगत कराया जा सके लेकिन नीम घाटी पर ऐसा कहीं कुछ भी दिखलाई नहीं देता है जिससे हाईवे प्रशासन इस पर गम्भीरता से ध्यान नहीं दे रहा हैं लोगों की मांग है कि नेशनल हाईवे चवालीस फोरलाइन नीम घाटी पर जल्दी से जल्दी सांकेतिक बोर्ड व निशान आदि लगाए जाएं जिससे वाहन चालकों को आसानी से आगे की स्थिति की जानकारी लग सके।



