कृषि

खाद की मारामारी से किसान परेशान, किसानों में भड़का आक्रोश

शासन -प्रशासन जन प्रतिनिधियों के खिलाफ की नारेबाजी
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । यूरिया खाद के लिए किसानों को दो – दो दिन तक खाद गोदाम पर लाइन में लगकर मशक्कत करना पड़ रही है। तब कहीं जाकर दो या चार बोरी खाद मिल पा रही है।
गोदाम इंचार्ज की मनमानी के चलते पिछले कई दिन से किसानों को यूरिया खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है जबकि बताया गया है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद भी किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध नहीं हो रही है ।
आज जब स्थल निरीक्षण किया तो पाया कि दो-दो दिन से लाइन में लगे किसानों महेंद्र लोधी , खूबचंद लोधी, राजकुमार यादव, गणेशप्रसाद शर्मा, राजेश शर्मा, हिम्मतसिंह गौर, मजबूत सिंह, बाबूलाल कुर्मी सहित अनेकों किसानों ने बताया कि टोकन लेने के बावजूद भी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है जबकि पीछे के दरवाजे से टोकन लेकर खाद लेने वाले रसूखदार इंचार्ज की मिली भगत के चलते खाद लेकर चले जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से खाद्य वितरण में मनमानी के चलते किसानों में आक्रोश व्याप्त है। कई बार किसान गोदाम इंचार्ज की कार्य प्रणाली को लेकर नारेबाजी सहित चक्का जाम कर चुके हैं। इसके बावजूद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है ।
प्रशासन द्वारा भी गोदाम इंचार्ज की कार्यप्रणाली पर अंकुश नहीं लगाया जा रहा है।
आज पुनः आक्रोशित किसानों द्वारा खाद वितरण में अव्यवस्था के चलते शासन प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । जिससे कुछ देर अफरा तफरी का माहौल रहा। किसानों का आरोप था कि गोदाम इंचार्ज द्वारा मनमानी तौर पर बड़े किसानों से सेटिंग कर उन्हें नंबर दो में खाद उपलब्ध कराई जा रही है जबकि हम छोटे किसानों को दो-दो दिन तक लाइन में लगना पड़ रहा है। उसके बाद भी खाद मिलने की गारंटी नहीं है क्योंकि गोदाम इंचार्ज के अभद्र व्यवहार एवं मनमानी से किसान तरसते हैं।
इस संबंध में गोदाम इंचार्ज अशोक कुमार राठौर से संपर्क किया गया तो उन्होंने अपनी किसानों के प्रति विवादग्रस्त कार्यशैली के संबंध में बताया कि खाद देने के बावजूद भी किसानों द्वारा खाद नहीं मिलने की झूठी शिकायतें की जा रही है । जिससे उन्हें गुस्सा आता है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में 183 टन यूरिया खाद आया था। जिसमें से 61 टन खाद का वितरण हो चुका है और अभी भी स्टॉक में 132 टन यूरिया खाद मौजूद है। जिसे किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एनपीके 355 , सुपर फास्ट स्पीड 200 टन एवं डीएपी 233 टन भी स्टॉक में मौजूद है।
प्रति एक एकड़ भूमि पर दो बोरी खाद उपलब्ध कराई जाती है। भीड़ के चलते खाद्य वितरण में विलंब तो होता ही है ।टोकन पद्धति से सभी किसानों को खाद दी जाएगी ।

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