मध्य प्रदेशव्यापार

पारम्परिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देने शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना

जिला कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित
रायसेन। कलेक्टर अरविंद दुबे के निर्देशानुसार जिला कौशल विकास समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। जिसमें भारत सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के जिले में क्रियान्वयन, नवीन शासकीय आईटीआई सिलवानी में नवीन व्यवसाय प्रारंभ करने सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अभिषेक दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी एमएल राठौरिया, महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक संकत, शासकीय आईटीआई रायसेन के अधीक्षक प्रदीप कुमार खातरकर सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शासकीय आईटीआई रायसेन के अधीक्षक प्रदीप कुमार खातरकर द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में बताया कि पारम्परिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देने के लिये पी.एम. विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। योजना में टूल किट खरीदने के लिये 15 हजार रूपये का अनुदान मिलेगा। साथ ही पहली बार में एक लाख और दूसरी बार में 2 लाख रूपये का सस्ता ऋण मिलेगा। प्रारंभिक प्रशिक्षण 5 से 7 दिन का और 15 दिन का एडवांस प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन भत्ता भी मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट भी मिलेगा।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों में कारीगर बढ़ई, सुनार, गुडिया और खिलौना निर्माता, नाव निर्माता, कुम्हार, नाई, अस्त्रकार, मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला), माला निर्माता (मालाकार), लोहार, मोची (चर्मकार)/ जूता कारीगर, धोबी, हथौड़ा, टूल किट निर्माता, राजमिस्त्री, दजी, ताला बनाने वाला, टोकरी, चटाई, झाडू निर्माता कॉयर बुनकर और मछली पकड़ने का जाल निर्माता शामिल है।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिये उम्र न्यूनतम 18 वर्ष होना चाहिए। पिछले 5 वर्षों में पीएमईजीपी स्वनिधि एवं मुद्रा योजना के तहत ऋण नहीं लिया हो। सहकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे। एक परिवार से एक ही को लाभ मिलेगा। योजना के लिये आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और आधार कार्ड में मोबाईल नम्बर लिंक होना अनिवार्य है।

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