आज का पंचांग आज का पंचांग मंगलवार, 06 फरवरी 2024
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 06 फरवरी 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
06 फरवरी 2024 : दिन मंगलवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष कि षट्तिला नाम का एकादशी व्रत है। आज की इस एकादशी व्रत के विषय में लिखा है:- तिलस्नायी तिलोद्वती तिल होमी तिलोदकी। तिलदाता च भोक्ता च षट्तिला पापनाशिनी:। अर्थात तिल से स्नान करनेवाला, तिल का दान करनेवाला, तिल से हवन करनेवाला और तिल को ही भोजन के रूप में ग्रहण करनेवाला अपने सभी पापों का नाश कर लेता है। आज भगवान सूर्य श्रवण नक्षत्र को छोडकर धनिष्ठा नक्षत्र पर रात्री 18:01 PM बजे चले जाएंगे। आप सभी षट्तिला एकादशी व्रतियों को षट्तिला एकादशी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें। शास्त्रानुसार एकादशी सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पुण्यदायी व्रत होता है। इसे हर एक व्यक्ति को अवश्य करना चाहिये।।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार माघ माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 04:07 PM तक उपरांत द्वादशी
🖍️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र ज्येष्ठा 07:35 AM तक उपरांत मूल 06:27 AM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी : ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। तथा ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं।
🔊 योग : व्याघात योग 08:50 AM तक, उसके बाद हर्षण योग 06:08 AM तक, उसके बाद वज्र योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 04:07 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 03:10 ए एम, फरवरी 07 तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:31:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:29:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:22 ए एम से 06:14 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:48 ए एम से 07:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:57 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:25 पी एम से 03:09 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:01 पी एम से 06:28 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:04 पी एम से 07:22 पी एम
💧 अमृत काल : 12:21 ए एम, फरवरी 07 से 01:53 ए एम, फरवरी 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 07 से 01:01 ए एम, फरवरी 07
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को लाल वस्त्र एवं लाल फल भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – षट्तिला एकादशी व्रत (सर्वे.), महान स्वतंत्रता सेनानी भारत रत्न ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान जयन्ती, ‘भारत रत्न’ से सम्मानित पार्श्वगायिका लता मंगेशकर स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी मोतीलाल नेहरू शहीद दिवस, परमवीर चक्र सम्मानित नायक यदुनाथ सिंह स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी प्रताप सिंह कैरों स्मृति दिवस, महिला जननांग विकृति के प्रति जीरो टॉलरेंस का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, अंतर्राष्ट्रीय विकास सप्ताह (6 से 12 फरवरी), वन अग्नि सुरक्षा दिवस (सप्ताह)।
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🛕 Vastu tips 🏚️
चांदी का एक तार घर के मुख्य फाटक के नीचे दबाने और पंचमुखी हनुमान जी का फोटो लगाने से भी द्वार वेध दूर होता है।
भवन के किसी भी प्रकार के द्वार वेध और वास्तु दोष को दूर करने के लिए मुख्य द्वार के एक तरफ केले का वृक्ष दूसरी ओर तुलसी का पौधा गमले में लगायें।
घर के दरवाजे पर लोहे की घोड़े की नाल लगाये जो नीचे की ओर गिरी होनी चाहिए इससे भी द्वार वेध दूर होता है।
पिरामिड के आकार का मंगल यंत्र घर में लगाने से वास्तु दोषों का नाश होता है।भवन के बाहर 6 इंच का एक अष्टकोण आकार का दर्पण लगाने से भी द्वार वेध का निराकरण हो जाता है।
यदि आपके मकान के सामने किसी प्रकार का वेध यानी खंभा, बड़ा पेड़ या ऊँची इमारत हो तो भवन के सामने लैम्प पोस्ट लगा लें। यदि यह लगा पाना संभव नहीं हो तो घर के आगे अशोक का वृक्ष, तुलसी का पौधा और सुगंधित फूलों के पेड़ के गमले लगा दें, इसके अतिरिक्त अष्ट कोणीय दर्पण, क्रिस्टल बाल को भी लगाकर द्वार वेध को दूर किया जा सकता है ।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सफेद बाल उखाड़ने से, ये आपके पोर्स को प्रभावित करते हैं और इसकी वजह से हेयर फॉलिकल बंद हो जाते हैं। इसके अलावा सफेद बालों का तोड़ना हेयर थिनिंग की समस्या का कारण बनता है और बाकी बालों पर इसका असर दिखाता है।क्योंकि एक बाल जिसको आपने जानबूझकर तोड़ा है उससे स्कैल्प में सूजन की समस्या होती है और इसकी वजह से दूसरे बाल कमजोर होकर झड़ सकते हैं। इतना ही नहीं ये बालों के सेल्स का भी डैमेज कर सकते हैं।
नहीं, बिलकुल भी नहीं। सफेद बाल तोड़ने से दोगुने सफेद बाल नहीं आते। होता ये है कि जिस बाल को आपने तोड़ा होता है उसकी जगह फिर एक सफेद बाल उग आता है जो कि पिछले बालों की तुलना में अधिक गहरे, मोटे या चमकदार हो सकते हैं। यानी कि आपके दूसरे बाल सफेद नहीं आएंगे, बल्कि उसी जगह पर नए सफेद बाल आते रहेंगे।
🍸 आरोग्य संजीवनी 🍶
युवावस्था में चेहरे पर कील मुंहासे,पिंपल्स,एक्नै, छोटे-छोटे दाने फुन्सियां निकलना एक आम बात है अधिकतर कील मुंहासे तैलीय त्वचा पर निकलते हैं अत: चेहरे पर क्रीम तेल कोई चिकनाई युक्त पदार्थ न लगाऐं ये हार्मोन की गड़बड़ी, त्वचा की सफाई न करने, पेट की खराबी से भी होते हैं।
कील मुंहासे ऐसी ही समस्या है जिसको लेकर लड़किया काफी परेशान रहती हैं क्योंकि यह समस्या आमतौर पर टीनेज और युवावस्था में अधिक होती है। हालाकि अधिक उम्र में भी इस तरह की समस्या परेशान कर सकती हैं।
दरअसल, मुंहासे त्वचा में जलन और पिंपल्स होने की स्थिति को कहते हैं। इन्हें हाथ से न फोड़ेंने से चहरे पर निशान पड़ जाते हैं। मुंहासे खाने पीने की गलत आदत से भी होते हैं।
कारण जब पेट अपना काम सुचारू रूप से नहीं करता जिसकी वजह से जो भी टॉक्सिक बाहर आ जाना चाहियें वो नहीं आ पाता तथा रक्त में जहरीले पदार्थ फैल जाते हैं और वह इस रूप में बाहर निकलते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सोने से पहले ध्यान के क्या फायदे हैं?
आपके मन में जो कल्पना के गलत या जो अच्छे ना हो बुरे हो केवल वही सपने आते है तो आप सोने से पहले जो ध्यान साधना करते हैं।वो नहीं आयेंगे।और आपका दिमाग आपके विवेक और बुद्धि को कभी गलत या बुरे विचारों के लिए बाधित नहीं करेगा आप लगातार साधना करते जाये तो ।आपका मन सिथीर हो जायेगा।आप हमेशा तनाव भरे जीवन से मुक्त हो जाओगे। आप पृकृति की अदभुत आभा से जुड़ जाऔगे आपका प्रेम स्नेह प्रकृति से जुड़ जायेगा पृकृति आपको इतना इतना प्रेम और वह सबकुछ देगी जो आपको चाहिए उससे भी लाखों गुणा देगी।आप एक बार निशकाम भाव से ।और सच्ची लगन व पक्के इरादे से ध्यान साधना में उतरिये आपको वह सब कुछ मिलेगा जो आन्नदित जीवन जिने के लिए एक मानव को चाहिए।केवल पृकृति का ही वह प्रेम सच्चा है जो आपको ईश्वर के मार्ग की और ले जाकर इस किराये के शरीर में जो आत्मा निवास करती है।वह तृप्त हो कर आनन्द से विभोर हो कर अन्त में सभी का धन्यवाद कर एक नये आयाम की और फिर से नया शरीर नया जीवन शुरु कर देगी ।यही विघाता का नियम है। सत्य हमेशा साथ रहता है और लोग उसे दुसरी जगहों पर खोजते रहते है।जो उन्हें कभी नहीं मिलेगा।ये केवल मेरे अन्दर के अनुभव की बातें है।जो प्रभु इच्छा से कलमबंद हो गई।कृपया आप अपवेट या शेयर करने की बजाय ध्यान से दोबारा पढ़ लें।बस इतना ही। प्रणाम आपको।अलख आदेश आदेश आदेश।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।
एकादशी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है वो धार्मिक तथा सौभाग्यशाली होता है। मन, बुद्धि और हृदय से ऐसे लोग पवित्र होते हैं। इनकी बुद्धि तीक्ष्ण होती और लोगों में बुद्धिमानी के लिए जाने जाते है। इनकी संतान गुणवान और अच्छे संस्कारों वाली होती है, इन्हें अपने बच्चों से सुख एवं सहयोग भी प्राप्त होता है। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से इन्हें मान सम्मान मिलता है।

