मध्य प्रदेश

अवैध तरीके से वाहन विराम शुल्क वसूल रही नगर पालिका परिषद

लेकिन बिना सील के नपा कर्मचारी वाहन चालकों को, दे रहे रसीदें फर्जीवाड़े की उठी जांच की मांग
रायसेन । नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों द्वारा राजस्व आय बढ़ाने के उद्देश्य से बिना सील लगी रसीदें देकर वाहन चालकों से वाहन विराम शुल्क वसूल कर रहे हैं।इस फर्जीवाड़े की ताजा बानगी महामाया चौक में किराने के थोक व्यापारी मनीष बंटी माहेश्वरी की एक लोडिंग वाहन से 50 रुपये की नपा कर्मचारियों ने वाहन चालक को वाहन विराम शुल्क के नाम पर वसूली गई।यह रसीद बिना सील के वसूल की गई।रायसेन शहर में इस तरह वाहन विराम शुल्क के नाम पर नपा के कर्मचारियों द्वारा 50-50 रुपये वाहन चालकों से वसूल किए जा रहे हैं।लेकिन इस रसीदों पर उद्देश्य नहीं वसूला जा रहा।नागरिकों व्यापारियों ने इस फर्जीवाड़े की जांच की मांग साँची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, कलेक्टर अरविंद दुबे नपाध्यक्ष सविता जमना सेन से की है।
दरअसल नगर पालिका में राजस्व की अथक प्रयास किया जा रहे हैं ।पीआईसी की बैठक में पास किए गए प्रस्ताव के मुताबिक शहर की सड़कों के किनारे ट्रक बस और लोडिंग वाहनों से 50-50 रुपए की शुल्क वसूल की जाना है ।इसको लेकर नगर पालिका परिषद द्वारा कर्मचारियों को लगाकर वाहन चालकों से वसूली शुरू कर दी गई है । लेकिन शुल्क वसूलने के बाद जो रसीद वाहन मालिकों को दी जा रही है उसमें लिखा नहीं है। वह रसीद किस उद्देश्य से वाहन विराम शुल्क ली गई है ।इसको लेकर शहर के लोग अपनी आपत्ति भी दर्ज करवा रहे हैं । व्यापारियों ने बताया कि ₹50 की शुल्क की जो दी जा रही है उसे पर विविध लिखा है ।जबकि उसे पर वहां विश्राम शुल्क लिखा होना चाहिए था।
नपा कर्मचारियों को करना पड़ा विरोध का सामना….
रायसेन शहर की सड़कों को सड़कों पर रोजाना खड़े होने वाले वाहनों से वाहन विराम शुल्क वाहन चालकों से नपा कर्मचारी कर रहे हैं। लेकिन आम लोगों को इस शुल्क वसूलने की कोई जानकारी मालूम नहीं है।इस तरह का शुल्क लेना नगरपालिका ने शुरू कर दिया है।इससे नपा कर्मियों को लोगों को काफी विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।इसके लिए नगर पालिका परिषद ने अपने वाहनों में जन जागरूकता के लिए नए निर्देशों का प्रचार भी शुरु कर दिया है।
इस संबंध में सुरेखा जाटव नपा सीएमओ रायसेन का कहना है कि वाहन विश्राम शुल्क वसूले जाने संबंधी पार्षदों की सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित पीआईसी की बैठक में हो चुका है। ऐसा इसीलिए किया गया है कि नपा परिषद की राजस्व आय में बढोत्तरी हो सके।
प्रभात चावला पार्षद एवं नपा परिषद में नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि नगर पालिका परिषद द्वारा वाहन विराम शुल्क 50-50 रुपये वसूलना अवैध और फर्जीवाड़ा भी है। पीआईसी की बैठक में वाहन विराम शुल्क वसूलने प्रस्ताव पास नहीं किया जा सकता। बल्कि नगर पालिका परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए था।इस तरह से यह प्रस्ताव फर्जी तरीके से पास कर लिया गया है।जबकि मप्र शासन ने चुंगी नाके वाहन विराम शुल्क पर प्रतिबंध लगा रखा है तो फर्जी तरीके से यह शुल्क किस नियम आधार से जबरिया वसूला जा रहा है।मैं इस मामले को नपा परिषद की बैठक में जरूर उठाऊंगा।

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