मध्य प्रदेश

गरीब ‌बेसहारा ‌80 % दिव्यांग भटक रहा मोट्रेड साइकिल के लिए

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
झलौन ‌। जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत झलौन मैं एक दिव्यांग विगत कई बर्षो से मोर्ट्रेड साइकिल पाने के लिए भटक रहा है। कृपाल सींग गोंड़ पिता स्वर्गीय सोने सीग गोंड़ उम्र 27 वर्ष जो जन्म से ही दोनों पैरों से विकलांग‌ हैं । पीड़ित का लगभग 1 वर्ष की आयु में ‌माता-पिता दोनों सिर साया उठ चुका था ‌। बचपन से ही बुजुर्ग नाना रामचरण गौड़ जिनकी वर्तमान में उम्र 72 वर्ष है जो कि नाती कृपाल ‌का सहारा हैं ।‌ मेडिकल बोर्ड के द्वारा ‌व्यक्तिगत रूप से परीक्षण दिनांक 10/ जुलाई 2010 के अनुसार 80% विकलांग रूप से पीड़ित होने का प्रमाण पत्र है। पीड़ित के द्वारा शासन की निशक्तजन कल्याण योजना अंतर्गत मोट्रेड साइकिल पाने के लिये ग्राम पंचायत, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री ‌‌हेल्पलाइन में गुहार लगाने के बावजूद पीड़ित को सहायता नहीं मिली ‌पीड़ित को आशा थी कि विगत ‌‌दिनांक 28 फरवरी 2024 को जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा में संपन्न होने जा रहे दिव्यांग सहायक उपकरण वितरण शिविर में पंचायत द्वारा मुझे भी सूचना प्राप्त होगी लेकिन कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई। कुछ समय पहले जनपद पंचायत स्तर पर निशक्तजनों के कल्याण हेतु ‌जांच शिविर आयोजित किए गए जिसकी जानकारी दिव्यांग‌ कृपाल को ग्राम पंचायत द्वारा जांच शिविर में नहीं भेजा गया न ही किसी प्रकार से जानकारी दी गई ‌। जबकि पंचायत द्वारा विकलांग पेंशन के रूप में ₹600 दिलाया जा रहा हैं। यह कि 80% दिव्यांग होने की जानकारी पंचायत के कर्मचारियों को लोगों को भली-भांति है। वास्तविक में यह सबसे ज्यादा पीड़ित व्यक्ति है जो सबसे अंतिम पंक्ति में खड़ा हुआ है जिसका कोई सहारा नहीं है। लेकिन संबंधित ‌अधिकारी कर्मचारियों की ऐसे बेसहारा ‌दिव्यांग कमजोर व्यक्तियों से नजरे दूर क्यों रहती हैं?
इस संबंध में जानकारी के लिय जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा सीईओ मनीष बागरी से बात करना चाहिए तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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