धार्मिक

तिंसुआ में शिवलिंग निर्माण, रुद्राभिषेक कार्यक्रम संपन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । निकटवर्ती तिंसुआ गांव में चल रहा पार्थिवेश्वर शिवलिंग निर्माण एवं रुद्राभिषेक सवा लाख महामृत्युंजय जाप जिसमे ज्योतिषाचार्य पंडित हरिकेश शास्त्री तिंसुआ वालों ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग के पूजन से समाप्त हो जाता है अकाल मृत्यु का भय । कार्यक्रम से हर तरफ ॐ नमः शिवाय की गूंज है । मंदिरों से लेकर घरों तक हर दिशा में हर स्थान पर शिवमय वातावरण छाया हुआ है। मंदिरों में भव्य रुद्राभिषेक और आलौकिक शिव श्रृंगार देखने के लिए लोग हमेशा तत्पर रहते हैं और भोलेनाथ की झलक पाते ही अत्यंत सुख से आनंदित हो उठते हैं।
ऐसे में आपको पार्थिव शिवलिंग का महत्व और उसका पूजा विधान भी विस्तार से बताएंगे । पार्थिव शिवलिंग बनाने की विधि पार्थिव शिवलिंग मिट्टी , जल , भस्म , चन्दन , शहद आदि को मिश्रित (मिलाकर) करके अपने हाथों से निर्मित किया जाता है । इसके लिए छानी हुई शुद्ध मिट्टी, गाय का गोबर, गुड़, मक्खन शहद ,चन्दन और भस्म मिलाकर शिवलिंग का निर्माण करें पार्थिव शिवलिंग के पूजन से जन्म -जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं । अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता है एवं अपार शिव कृपा की प्राप्ति होती है। इस मौके पर संजय वेदपाठी एवं अन्य विद्वान उपस्थित रहे एवं सभी भक्तों ने भगवान शिव का पूजन किया।

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