जल स्त्रोतों के संरक्षण और जीर्णोद्धार हेतु 5 जून से चलेगा अभियान

कलेक्टर ने अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को दिए निर्देश
रायसेन । प्रदेश के साथ ही रायसेन जिले में जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार हेतु 5 जून से प्रारंभ हो रहे नमामि गंगे अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर अरविंद दुबे ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक सह वीडियो कॉफ्रेंस में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए यह शासन का महत्वपूर्ण अभियान है तथा इसकी मूलधारणा जल संरक्षण से संबंधित है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों तथा नगरीय निकायों में 5 जून से जल स्त्रोतों संरक्षण एवं जीर्णोद्धार गतिविधियां आयोजित की जाएं। सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जल स्त्रोतों को चिन्हित कर लें तथा उनके संरक्षण तथा जीर्णोद्धार हेतु कार्य करें।
कलेक्टर अरविन्द कुमार दुबे ने जिला तथा अनुभाग स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुएं, बावड़ियां, तालाब, चेक डेम आदि जल स्रोतों के स्वच्छता का अभियान संचालित कर जहां आवश्यकता है गहरीकरण के कार्य किए जाएं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, सामाजिक संगठनों तथा नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा जाए। जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार, गहरीकरण हेतु श्रमदान के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त 5 जून को जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर सभी ग्रामों तथा निकायों में संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन तथा सघन मॉनीटरिंग हेतु अनुभाग स्तर पर नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंजू पवन भदौरिया द्वारा भी नमामि गंगे अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अपर कलेक्टर श्वेता पवार, एसडीएम श्री पीसी शाक्य सहित पंचायत, जल संसाधन, पीएचई, कृषि, मत्स्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अनुभागों से एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ सहित अन्य अधिकारी वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



