पंचायत सचिव ने अपने मनमर्जी के फर्जी बिल लगाए, सरपंच ने की जिला सीईओ को शिकायत

ग्राम पंचायत मगरई में भ्रष्टाचार का मामला आया सामने
सरपंच ने कहा : साहब मेरा कम पढ़ा लिखा होने का फायदा उठा लेता है सचिव जहां से में माल खरीदना हूं वहां का नहीं लगाया बिल
रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़, पलेरा । जहां एक ओर मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया डॉ. मोहन यादव गांव ग्रामीण का चहुमुखी विकास करने का प्रयास कर रहे है लाखों करोड़ों रुपए पंचायत पर खर्च किए जा रहे हैं लेकिन पंचायत में पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों के द्वारा राशि को ठिकाने लगाया जा रहा है पंचायत में कमीशन के आधार पर फर्जी बिल लगाए जा रहे हैं जिनकी ना दुकान है ना मकान है मोबाइल की दुकानों वाले और कंप्यूटरों की दुकान वाले लोहा, सरिया, सीमेंट से लेकर टेंट हाउस तक के फर्जी बिल लगाए जा रहे हैं जिला सीईओ से लेकर जनपद सीईओ इन मामलों पर पर्दा डाले हुए हैं आज तक कोई सख्ती से कार्रवाई नहीं हुई है, ऐसा ही एक अजब गजब मामला जनपद पंचायत पलेरा के ग्राम पंचायत मगरई से निकाल के सामने आया है जहां सरपंच के द्वारा जिन दुकानों से सामग्री मटेरियल खरीदा गया उन दुकानों का बिल पंचायत सचिव के द्वारा पंचायत में नहीं लगाया गया और अपनी मनमर्जी का बिल पंचायत सचिव सुरेंद्र कुमार झारखरिया द्वारा सरपंच से दस्तखत कराकर लगा लिया और राशि का बंदरबांट किया है 1 लाख 5200 का बिल लगाया गया जिसको लेकर सरपंच सीताराम प्रजापति के द्वारा जिला पंचायत सीईओ से शिकायत की है कि इस फर्जीबाड़े मामले में पंचायत सचिव पर कड़ी कार्रवाई की जाए साथ ही ग्राम पंचायत मगरई में करीब तीन माह से कोई भी मीटिंग नहीं ली गई है ना ही किसी निर्माण कार्य में रुचि ली गई अंत्येष्टि के पैसे भी हितग्राहियों के खाते में नहीं डाले जा रहे। सरपंच के द्वारा जिला पंचायत सीईओ से ऐसे लापरवाह पंचायत सचिव को पंचायत से हटाए जाने की मांग की गई है पंचायत में की गई गड़बड़ी में पंचायत सचिव पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।
इस संबंध में सिद्धगोपाल वर्मा सीईओ जनपद पंचायत पलेरा का कहना है: कि मेरे पास सरपंच आया था मामला मेरे संज्ञान में है सामग्री का बिल लगाया गया है यदि जिस व्यक्ति का बिल लगाया गया है उसकी दुकान सरिया सीमेंट की नहीं है यह जांच का विषय है जांच के बाद ही मैं आपको कुछ बता पाऊंगा



