धार्मिक

नागपंचमी पर्व होगी काल सर्प की पूजा, देव दर्शन करने सुबह से मंदिरों में लगी कतार, दूध, पुष्प माला सहित समर्पित श्रीफल

ब्यूरो चीफ़ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । नागपंचमी तिथि को मंदिरों सहित देव दर्शन करने लगी कतार। हिंदू पंचांग के श्रावण माह की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ भारत वर्ष में मनाया जा जाया है। नाग पंचमी पर भगवान भोलेनाथ की पूजा के साथ उनके गले में विराजमान नाग देवता की भी पूजा होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 8 अगस्त की मध्यरात्रि के बाद यानी 9 अगस्त को सुबह 12 बजकर 37 मिनट शुरू हो जाएगी। फिर इस तिथि का समापन 10 अगस्त को सुबह 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार नाग पंचमी का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा।
आदिवासी क्षेत्रों में लोग घरों की दीवारों में गोबर से नाग देवता की आकृति बनाकर उनकी पूजा करते ही साथ ही इनकी सुरक्षा को लेकर प्रार्थना वन्दना भी करते हैं।
वही शेषनाग धाम कुआं में सर्प दंश से पीड़ित रोगी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं और ये मंत्रो के बाचा संकल्प की आने वाली स्थिति ऋषि पंचमी तिथि को मंदिर में नाग देवता की पूजा वन्दना करते हैं। इस स्थान में प्रत्येक वर्ष बड़े पैमाने पर दंगल और मेले का आयोजन भी होता चला आ रहा हैं। जो भी व्यक्ति सर्व दंश से पीड़ित रोगी स्वास्थ्य हों जाता हैं वह शेषनाग देव को सीधा प्रसाद समर्पित करता है।

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