आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 02 सितम्बर 2024
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌑 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – सोमवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या
✏️ तिथि स्वामी : अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न रहते हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मघा 12:20 AM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – मघा नक्षत्र स्वामी केतु है, और इसके देवता होते हैं पितर।
⚜️ योग – शिव योग 06:19 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग
⚡ प्रथम करण : चतुष्पाद – 06:20 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : नाग – पूर्ण रात्रि तक
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:44:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:16:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:29 ए एम से 05:15 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:52 ए एम से 06:00 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:46 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:27 पी एम से 03:18 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:41 पी एम से 07:04 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:41 पी एम से 07:49 पी एम
💧 अमृत काल : 09:41 पी एम से 11:27 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 03
🚕 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को भोजन उपरांत चांदी भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
❄️ पर्व एवं त्यौहार – दर्श अमावस्या/ पिटोरी अमावस्या/ शिव पूजन/ मातृदिवस/ वीजेपितृकार्य सोमवती अमावस्या/कुशोत्पाटिनी अमावस/ विश्व नारियल दिवस, मेजर ध्यानचंद जयन्ती, राष्ट्रीय ब्लूबेरी पॉप्सिकल दिवस, विश्व यूएफओ दिवस, राष्ट्रीय हमिंगबर्ड दिवस, राष्ट्रीय दिवस, प्रसिद्ध भारतीय अभिनेत्री साधना जन्म दिवस, राष्ट्रीय पोषाहार दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
प्राचीन घरो को देखेंगे तो पायेंगे कि एक घर में चारो दिशाओ में कमरे होते थे।उनके मध्य में ऐक आसमान की तरफ से खुला एक चौक होता है। उसे ही ब्रम्ह स्थान कहते है। इसे साफ सुथरा रखा जाता है।यह स्थान सभी कमरो के लिये धुप तथा हवा प्रदान करता है।पहले तो मध्य भाग में एक चौकोर थंभा रखकर उसपर तुलसी का गमला रखते थे।
यदि कमरो में टायलेट तथा बाथरूम बनवाना संभव नही हो तो आजकल चौक में उत्तर पश्चिम दिशा तथा पश्चिम दिशा में काॅमन टायलेट रखे जाते है जिनकी सीट उत्तर या दक्षिण मुखी होती है। सेफ्टी टैंक चौक में पश्चिम दिशा में बनवाया जाता है। चौक के मध्य भाग तथा उत्तर पुर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी भाग बिल्कुल खाली छोडा जाता है।
काॅमन स्नानघर दो तीन पुर्व या उत्तर दिशा में बनवाये जाते है।
उस चौक में लगभग सभी कमरो का एक दरवाजा खुलता है।हर कमरे की एक खिडकी तथा एक रोशनदान भी चौक की तरफ खुलते है। ताकि कमरो में चौक की तरफ से हवा रोशनी कमरो में आती रहे।
एसे घरो में सामान्यतया रसोई घर दक्षिण-पूर्व दिशा में होता है ।
🔐 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शुक्रवार को मां संतोषी की पूजा और व्रत भी किया जाता है। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, मां संतोषी[1] को भगवान श्री गणेश की पुत्री माना जाता है। मान्यता है कि मां संतोषी की पूजा करने से साधक के जीवन में आ रही तमाम तरह की समस्याएं दूर होती हैं और उसे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही, जिन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हो पा रहा वो संतान प्राप्ति के लिए इस व्रत को करते हैं।
शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी व्रत भी रखा जाता है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, माता वैभव लक्ष्मी से सुख-समृद्धि और धन-धान्य का आशीर्वाद पाने के लिए शुक्रवार का व्रत सबसे उत्तम उपाय है।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
सिरदर्द दूर करेगी काली मिर्च अक्सर आपको हल्का सिरदर्द रहता है तो इसके लिए काली मिर्च का इस्तेमाल करें। काली मिर्च के 8-10 दाने एक घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें। एक घंटे के बाद इन दानों को चबा चबाकर खाएं। इससे सिरदर्द में आराम मिलता है। दरअसल सिरदर्द के दौरान सिर की नसों में तनाव होता है इसलिए जिस खाने या पीने के सामान से ये तनाव कम होता है उससे सिरदर्द कम होता है। काली मिर्च में पिपरेन(Piperine) पाया जाता है और ये एक एंटी इंफ्लेमेटरी एलीमेंट है, जिससे सिरदर्द में आराम मिलता है। पिपरेन में एमाइड एकॉइड होता है जिसे एंटीऑक्सीडेंट, एंटी कैंसर, एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर माना जाता है। भीगी हुई काली मिर्च इसलिए सिरदर्द समेत और भी कई रोगों में लाभदायक है। इस खाली पेट की बजाय किसी भी वक्त सेवन किया जा सकता है। भीगी हुई काली मिर्च एंटी इंसुलिन भी मानी जाती हैं।
📕 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
असफलता के भय से भी कामयाबी नहीं मिलती है। सफलता पाने के लिए मन में आत्मविश्व मजबूत होना चाहिए। यदि आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहें तो सफलता हाथ जरूर लगती है। इसे एक कहानी से समझते हैं।
साधु के नाचने से होती थी बारिश एक गांव में एक साधु रहता था। वह जब भी नाचता था तो बारिश हो जाती थी। गांव में जब पानी की कमी होती थी तो लोग साधु के पास जाकर उसे नाचने को कहते थे। फिर वह नाचना शुरू करता था और बारिश से पानी ही पानी कर देता था।
घमंडी लड़कों ने दी साधु को चुनौती एक दिन गांव में शहर से 4 लड़के आए। उन्हें जब साधु के बारे में पता चला तो वे उसे चुनौती देने पहुंच गए। लड़कों ने गांव वालों को एकत्रित कर कहा कि हम नाचेंगे तो भी बारिश होगी। यदि हमारे नाचने से बारिश नहीं हुई तो साधु के नाचने से भी बारिश नहीं होगी।
लड़कों के नाचने से नहीं हुई बारिश लड़के बड़े घमंडी भी थे। वे गांववालों के सामने साधु को गलत साबित करना चाहते थे। उन्होंने ग्रामीणों और साधु के सामने नाचना शुरू किया। पहला लड़का आधे घंटे नाचा, लेकिन बारिश नहीं हुई। वह थक कर बैठ गया। फिर दूसरा एक घंटे नाचा लेकिन बारिश का नामोनिशान नहीं मिल। इसी तरह बाकी के दो लड़के भी नाचकर, थक हारकर बैठ गए लेकिन बारिश नहीं हुई।
साधु नाचा तो होने लगी बारिश अब साधु के नाचने की बारी आई। वह दो घंटे नाचा, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि उसने नाचना जारी रखा। उसे नाचते हुए शाम हो गई। वह फिर भी नाचता रहा। अचानक बदल गरजने लगे। फिर बारिश होने लगी। यह देख लड़कों को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने साधु से क्षमा मांगी।
साधु ने बताया अपना राज लड़कों ने साधु से पूछा “बाबा, हम नाचे तो बारिश नहीं हुई, लेकिन आपक नाचे तो हो गई। ऐसा क्यों?” इस पर साधु बोला “जब मैं नाचता हूँ तो दो बातों का ख्याल रखता हूँ। पहला मैं ये सोचता हूँ कि मेरे नाचने से बारिश जरूर होगी। दूसरा मैं तब तक नाचता हूँ, जब तक कि बारिश हो न जाए।
············••●◆❁✿❁◆●••··············
⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।



