रामलीला : प्रभु श्रीराम का हुआ राज्याभिषेक, गूंजे जयकारे

रिपोर्टर : शिवकुमार साहू
सिलवानी । तहसील के सांईखेड़ा कस्बे में चल रही रामलीला में शनिवार को राम राज्याभिषेक का मंचन किया गया। भगवान राम का राज्याभिषेक होते ही जहां जयश्रीराम का जयकारा होने लगा तो वहीं भगवान के स्वरुपों की आरती उतारकर राम भक्तों ने आशीर्वाद लिया। मंचन के तहत, रावण वध के बाद राम लक्ष्मण और सीता के साथ वापस अयोध्या पहुंचते हैं। नंदी ग्राम से बाहर आकर भरत रास्ते से ही राम जी को आदर सहित अयोध्या राजमहल ले जाते हैं। राम सभी माताओं सहित गुरु वशिष्ठ और अन्य लोगों से प्रेम सहित मिलते हैं। गुरु वशिष्ठ की आज्ञा से भगवान राम को भरत उनका राज्य वापस सौंप देते हैं। गुरुकी आज्ञा से राम का राज्याभिषेक किया जाता है। सभी अयोध्यावासी बहुत हर्षित होते हैं। मंगल गीत गाये जाते हैं। भगवान राम को तिलक लगते ही पूरा पांडाल जयकारो से गूंजने लगता है। इस दौरान सांईखेड़ा श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में हॉट बाज़ार में चल रही रामलीला में जटायु वध, राम शबरी मिलन, राम सुग्रीव मित्रता, बालि वध सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। रामलीला में प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे। सीता की खोज करते हुए राम शबरी आश्रम पहुंच गए। यहां राम ने शबरी के झूठे बेर खा कर भगवान और भक्त के निस्वार्थ प्रेम को दर्शाया। इस दौरान दर्शकों को श्री राम व हनुमान के अलौकिक मिलन देखने को मिला। उधर, बालिवध की लीला में सुग्रीव अपने बड़े भाई बाली के डर से ऋष्य्मूक पर्वत पर अपने विश्वसनीय मित्रों के साथ रहते हैं। हनुमान जी ने कहा कि सुग्रीव अपने भाई बाली से बहुत परेशान हैं। बाली ने सुग्रीव का धन-स्त्री आदि सब कुछ छीन लिया। हनुमान श्रीराम-लक्ष्मण को आदरपूर्वक सुग्रीव के पास ले गए। भगवान ने सुग्रीव को आश्वस्त किया कि उनके दुखों का जल्द अंत होगा। भगवान श्री राम ने बालि का एक ही बाण में वध कर दिया। यह देख दर्शक प्रभु श्री राम का जयकारा लगाने लगे।



