न्यायालय ने ग्राम बेगवा कला में लगाया विधिक साक्षरता शिविर संपन्न

सिलवानी । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में, तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा विधिक सेवा सप्ताह अंतर्गत दिनांक 8 नवम्बर 2024 को ग्राम बेगवा कला में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया ।
शिविर में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी सुनीता पचौरिया ने उपस्थित ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्पादन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी श्रमिक है हर समय और हर मंच पर उचित सम्मान होने से जहां उसकी कार्यक्षमता में बढ़ोत्तरी होगी तो इससे उसके नियोजक को भी लाभ होगा। नालसा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना 2015 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नालसा योजना-2015 के अंतर्गत जागरूकता अभियान का उद्वेश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने, उन्हें संबंधित सुविधाओं का लाभ प्रदान करवाने व उन्हें प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है। प्रत्येक श्रमिकों को श्रम विभाग में उपयुक्त पंजीकरण कराना आवश्यक है। श्रमिक विधिक रूप से साक्षर हो जिससे अज्ञानता के कारण किसी भी स्तर पर उनका शोषण न हो और वह अपने अधिकारों को प्राप्त करने में किसी दूसरे से पीछे न रह जायें। शिविर में न्यायाधीश सुनीता पचौरिया द्वारा उपस्थित ग्रामवासियों को बताया कि किसी भी श्रमिक को बंधुआ मजदूरी व बाल श्रम के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो कि कानूनन अपराध है।
शिविर में अभिभाषक संघ अध्यक्ष दीपेश समैया द्वारा उपस्थित ग्रामवासियो को बाल मजदूर अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को बाल मजदूरी की समस्या से बचाने हेतु कानून बनाया गया है। उनके द्वारा बताया गया कि बीड़ी बनाना, पटाखे बनाना, खादानों में काम कराना, घरेलू नौकर के रूप में काम करवाना आदि कामों में बाल मजदूरी प्रतिबंधित है।
विधिक साक्षरता शिविर में ग्राम बेगवा कला सरपंच कांता यादव, सचिव मुरारी रघुवंशी सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे ।



