धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 12 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 12 दिसम्बर 2024
12 दिसम्बर 2024 दिन गुरुवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की वैकुण्ठ एकादशी के पारण का निर्णय करते हैं। तो जैसा की आप जानते हैं, कि तारीख 11 दिसम्बर 2024 को अर्द्धरात्रि के उपरान्त 03:44 AM बजे से एकादशी तिथि का आरम्भ होकर 12 दिसम्बर 2024 को अर्द्धरात्रि के उपरान्त 01:11 AM बजे तक एकादशी थी। इसलिए आज 12 दिसम्बर 2024 को पारण का समय सुबह 07:05 AM से 09:15 AM बजे तक है। इस समय के भीतर ही सभी वैकुण्ठ एकादशी के व्रतियों को एकादशी व्रत का पारण कर लेना चाहिए। आज पावन मत्स्य द्वादशी का व्रत है। आज की द्वादशी को अखण्डद्वादशी भी कहा जाता है। आज की द्वादशी को उड़ीसा में व्यंजन द्वादशी या दान द्वादशी भी कहा जाता है। भरणी दीपं का उत्सव दक्षिण भारत में आज ही मनाया जाता है। आज रवियोग एवं सर्वार्थसिद्धियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “मत्स्यद्वादशी या अखण्डद्वादशी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351_

☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 10:26 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अश्विनी 09:52 AM तक उपरांत भरणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – अश्विनी नक्षत्र का स्वामी केतु होता है। इस नक्षत्र में चन्द्रमा के होने से जातक को आभूषण से प्रेम रहता है।
⚜️ योग – परिघ योग 03:23 PM तक, उसके बाद शिव योग
प्रथम करण : बव – 11:48 ए एम तक
द्वितीय करण : बालव – 10:26 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:46:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:14:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:15 ए एम से 06:10 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:43 ए एम से 07:05 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:36 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:58 पी एम से 02:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:23 पी एम से 05:50 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:47 पी एम
💧 अमृत काल : 03:26 ए एम, दिसम्बर 13 से 04:54 ए एम, दिसम्बर 13
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:48 पी एम से 12:43 ए एम, दिसम्बर 13
सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:05 ए एम से 09:52 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को सवाकिलो गुड़ भेंट करें।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्योहार – मोक्षदा एकादशी व्रत (निम्बार्क)/सर्वार्थसिद्धि योग/ दान द्वादशी (उड़ीसा)/ भरणी दिपम् (द.भा.)/ धारावाहिक ‘रामायण’ के निर्माता रामानंद सागर स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी बालकृष्ण शिवराम मुंजे जयन्ती, वरिष्ठ भारतीय राजनीतिज्ञ शरद पवार जन्म दिवस, क्रिकेट खिलाड़ी युवराज सिंह जन्म दिवस, फ़िल्म अभिनेता रजनीकांत जन्म दिवस, प्रसिद्ध हिन्दी कवि मैथिलीशरण गुप्त स्मृति दिवस, अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस, तटस्थता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, स्वदेशी दिवस, राजनीतिज्ञ गोपीनाथ मुंडे जन्म दिवस, हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह), अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर) ✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। 🗼 *Vastu tips* 🗽
अगर भूमि पर कांटेदार वृक्ष, पेड़-पौधे स्वयं उगे हुए है तो समझ जाइए भूमि जागृत अवस्था में नहीं है। ऐसी जमीन को खरीदने से दिक्कतों का सामना आपको जीवन में करना पड़ सकता है।
जमीन पूरी तरह से बंजर है और उसके आसपास की जगह हरी-भरी है तो ऐसी जमीन को खरीदे से भी आपको बचना चाहिए। भूमि दोष के कारण ही भूमि बंजर रहती है।
अगर किसी भूमि पर स्वयं फूलो के पौधे उगे हैं, हरी-हरी घास भूमि पर है तो इस तरह की जमीन को वास्तु में सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ऐसी जमीन पर भवन लगाने से परिवार में समृद्धि आती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आदतें जो जीवन को बेहतर बनाती हैं एक घंटा व्यायाम- अच्छी और लंबी जिंदगी जीने के लिए फिट रहना जरूरी है। फिटनेस के लिए रोजाना एक घंटा व्यायाम के लिए निकालें। अगर आपको एक घंटा निकालना मुश्किल लगता है तो शुरुआत में 20 से 30 मिनट व्यायाम के लिए निकालें।
खूब पानी पिएं- व्यक्ति को अपने वजन के अनुसार ही पानी पीना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि हर 20 किलो पर एक लीटर पानी पीना चाहिए। ऐसे में अगर आपका वजन 50 किलो है तो आपको 2.5 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी शरीर के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है।
हर्बल चाय- मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर्बल चाय जरूरी है। आप अपनी दिनचर्या में एक से दो कप हर्बल चाय पी सकते हैं। इसमें ग्रीन टी, सौंफ चाय, अदरक चाय, हल्दी चाय शामिल हो सकती हैं।
अपने खाने की थाली को रंगीन रखें- कहा जाता है कि अपनी खाने की थाली को रंगीन रखना चाहिए. रंगीन का मतलब है कि आपको संतुलित आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे या पनीर, दालें, दही जैसी चीजें खानी चाहिए।
ध्यान करें- अपनी दिनचर्या शुरू करने से पहले ध्यान करने का प्रयास करें। अगर आपके पास अपनी दिनचर्या शुरू करते समय समय की कमी है तो आपको दिन में एक बार ध्यान के लिए जरूर बैठना चाहिए। इससे मन शांत होगा और काम पर अच्छे से ध्यान केंद्रित होगा
🍺 आरोग्य संजीवनी
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बेकिंग सोडा और नींबू कैसे करें:आधा चम्मच बेकिंग सोडा में कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाएं।इसे ब्रश की मदद से हल्के हाथों से दांतों पर रगड़ें।सप्ताह में 2-3 बार ही करें, क्योंकि अधिक उपयोग से इनेमल को नुकसान हो सकता है।
नारियल तेल से मुँह कुल्ला कैसे करें:1-2 चम्मच नारियल तेल को मुंह में डालें और 10-15 मिनट तक घुमाएं।इसके बाद गर्म पानी से कुल्ला कर लें। यह न सिर्फ दांतों की सफेदी बढ़ाता है, बल्कि मुंह की गंदगी और बैक्टीरिया भी हटाता है।
सरसों का तेल और नमक कैसे करें:1 चम्मच सरसों का तेल में चुटकी भर नमक मिलाएं।इस मिश्रण से दांतों की मालिश करें।यह तंबाकू के दाग हटाने और दांतों को चमकाने में मदद करता है।
नीम की दातून कैसे करें:नीम की दातून से रोज सुबह दांत साफ करें।नीम के एंटी-बैक्टीरियल गुण दांतों के दाग-धब्बे और पीलापन कम करते हैं।
🌹 गुरु भक्ति योग 🌷
एक बार एक साधू अपने ध्यान और तपस्या में लीन रहते हुए, अपने जीवन का अधिकांश समय गाँव-गाँव घूमते हुए व्यतीत करता था। एक दिन वह साधू अपनी यात्रा पर निकला और चलते-चलते एक छोटे से गाँव के पास पहुँचा। वहाँ एक प्राचीन मंदिर था, जिसे देखकर साधू का मन भगवान की भक्ति में और गहरा हो गया।
साधू ने अपनी फटी हुई, धूल से सनी धोती को ठीक किया और भगवान के दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर में भगवान की मूर्ति के सामने हाथ जोड़कर साधू ने कहा, “हे प्रभु, आप तो अत्यंत दयालु और कृपालु हैं! आपने मुझे बहुत कुछ दिया है। मैं आपके इस जीवनदान के लिए आपका हृदय से आभारी हूँ। आपका अनुग्रह मेरे ऊपर सदैव बना रहे।”
उसी समय एक नास्तिक व्यक्ति, जो मंदिर के पास ही बैठा था, साधू की यह बातें सुनकर हँसने लगा। उसने साधू का मजाक उड़ाते हुए कहा, “अरे, तू तो एक फटी हुई पुरानी धोती में घूम रहा है। तेरे पास कुछ भी नहीं है, फिर भी तू कहता है कि भगवान ने तुझे बहुत कुछ दिया है! ये कैसी अजीबोगरीब बात है?”
साधू ने मुस्कराते हुए बड़े शांत स्वर में उत्तर दिया, “पागल मैं नहीं, तुम हो। जब मैं इस संसार में आया था, तब मेरे तन पर यह धोती भी नहीं थी। भगवान ने मुझे जीवन दिया, इस धरती पर चलने के लिए पांव दिए, और सोचने के लिए मस्तिष्क दिया। मेरे पास जो कुछ भी है, वह भगवान का ही दिया हुआ है। इसलिए मैं उनकी कृपा के लिए हमेशा कृतज्ञ रहूँगा।”
साधू की गहरी बात सुनकर नास्तिक चुप हो गया, और उसे पहली बार यह एहसास हुआ कि असली धन भौतिक वस्त्रों में नहीं, बल्कि संतोष और कृतज्ञता में होता है।
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⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

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