जबलपुर रायपुर नेशनल हाईवे 30 पर लगा जाम, घाटी चिल्फी में 20 किलोमीटर तक गाड़ियों की लम्बी लाइने

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर। रायपुर नेशनल हाईवे 30 सड़क मार्ग के कवर्धा अंतर्गत चिल्फी घाटी में फिर से जाम की स्थिति देखने को मिली है। एक ट्रक में अचानक आई खराबी के कारण यह जाम लग गया है । आप सभी को बताना चाहेंगे कि जबलपुर रायपुर नेशनल हाईवे सड़क मार्ग 30 में आवागमन बाधित होने से लगभग 20 किलोमीटर दूर तक वाहनों की लंबी लाइन नज़र आ रही है।
जाम लगने की वजह – चिल्फी घाटी में तीन अलग अलग जगहों पर ट्रक खराब होने के कारण बड़े और भारी वाहनो के निकलने में परेशानी हो रही है । यही वजह है कि पुलिस ने इन सभी बड़ी वाहनों को रोक दिया है। जिससे कि छोटे छोटे वाहन पहले निकल सके । और फिर बड़े वाहनों को निकाला जा सके।
गुरुवार की रात्रि 10 बजे से लगा यह जाम – भारी संख्या में वाहनों का जाम गुरुवार रात 10 बजे के दौरान लगा । 12 घंटे से ज्यादा समय होने के बाद भी जाम अभी तक नहीं खुल पाया है। पुलिस ने सभी बड़े वाहनों को घाट से पहले ही रोक दिया था। इस सड़क मार्ग में वन-वे खुला है छोटे छोटे वाहन के साथ यात्री बस को निकाला जा रहा है । इस जाम के कारण दोनों तरफ लगभग 20 किलोमीटर तक बड़ी गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई है। देखा जाए तो गुरुवार रात में तीन अलग अलग जगहों पर ट्रक खराब होने के कारण यहां जाम लगा हुआ है। जबकि पुलिस टीम ने पूरी रात ड्यूटी देते हुए छोटे वाहनों के लिए रास्ता बनाया। वहीं भारी वाहनों को रास्ते से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। जल्द ही जाम की स्थिति समान हो जाएगी और आवागमन सुचारू हो जाएगा।
चिल्फी थाना प्रभारी – उमाशंकर राठौर
इस जाम लगने का मुख्य कारण – चिल्फी घाटी में आए दिन जाम की स्थिति बन रही है, जिससे लोग परेशान होते हैं। जबलपुर से रायपुर जाने के लिए नेशनल हाईवे 30 के अलावा और कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है । यही एक सड़क मार्ग है जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन का आवागमन रहता हैं जिसके कारण लोगों को इन परेशानियों से जूझना पड़ता है।
घाट में पुराने वाहनों के ओवरलोड होने के कारण घाट चढ़ने के दौरान वाहन में खराबी आ जाती है इस सड़क मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण अन्य बड़ा वाहन गुजर नहीं पाता है जिससे घाट के एक तरफ ऊंचा पहाड़ और दूसरी ओर सैकड़ों फीट गहरी खाई के कारण यहां रिस्क लेने की कोई गुंजाइश नहीं होती. यही कारण यहां जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है।



