धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 11 फरवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 11 फ़रवरी 2025
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार माघ माह के शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि 06:55 PM तक उपरांत पूर्णिमा
🖍️ तिथि स्वामी :- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान भोलेनाथ जी है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है । चतुर्दशी को चौदस भी कहते हैं। चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुष्य 06:34 PM तक उपरांत आश्लेषा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि व अधिष्ठाता बृहस्पति देव हैं।
⚜️ योग – आयुष्मान योग 09:05 AM तक, उसके बाद सौभाग्य योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 06:55 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:22 बजे से 16:45 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:28:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:32:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:19 ए एम से 06:11 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:45 ए एम से 07:03 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:11 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:06 पी एम से 06:32 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 06:08 पी एम से 07:26 पी एम
💧 अमृत काल : 12:01 पी एम से 01:39 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 12 से 01:01 ए एम, फरवरी 12
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:34 पी एम से 07:02 ए एम, फरवरी 12
❄️ रवि योग : 07:03 ए एम से 06:34 पी एम
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में लाल ध्वजा चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/चतुर्दशी व्रत/मूल प्रारंभ/सर्वार्थसिद्धि योग/ प्रॉमिस डे/ भारतीय स्वतंत्रता तिलका मांझी जयन्ती, भारतीय महिला अभिनेत्री टीना मुनीम जन्म दिवस, भारतीय क्रांतिकारी टी नागि रेड्डी जन्म दिवस, भारतीय क्रांतिकारी दामोदर स्वरूप सेठ जयन्ती, संपादक पंडित नरेंद्र शर्मा पुण्य तिथि, राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद स्मृति दिवस, उपन्यास हरिकृष्ण ‘जौहर’ स्मृति दिवस, प्रसिद्ध समाजसेवी जमनालाल बजाज पुण्य तिथि, पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति दिवस, विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, बीमारों का विश्व दिवस, विश्व यूनानी दिवस, जापान स्वतंत्रता दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।।
🗽 Vastu tips_ 🛟
आजकल के बच्चे मिट्टी के बर्तन का पानी पीना पसंद नहीं करते। चाहें आपको सुराही का पानी पीना पसंद हो या न हो, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी से भरी एक सुराही घर में जरूर रखनी चाहिए। घर में पानी से भरी सुराही रखने से धन की कभी, कमी नहीं होती। सुराही न मिले तो मिट्टी का छोटा घड़ा रखना भी लाभदायक होता है।
इस बात का ध्यान रखें कि सुराही इसमें हमेशा पानी भरा होना चाहिए।वास्तु शास्त्र के अनुसार, मिट्टी का घड़ा या फिर सुराही रखने के लिए उत्तर दिशा का चुनाव करना चाहिए क्योंकि उत्तर दिशा को जल के देवता की दिशा माना जाता है। इसलिए इस दिशा में रखने से देवताओं का आशीर्वाद मिलता है साथ ही कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
लीवर साफ करने के घरेलू उपाय
नींबू पानी: रोज़ सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ कर पीने से लीवर की सफाई होती है। यह पाचन तंत्र को सुधारता है और लीवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
हल्दी: हल्दी में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो लीवर को साफ करने में मदद करते हैं। एक चुटकी हल्दी को गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर पी सकते हैं।
सेब का सिरका: सेब का सिरका लीवर को डिटॉक्स करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसे गुनगुने पानी में एक चम्मच मिलाकर पी सकते हैं।
पानी पीना: दिनभर अधिक पानी पीना लीवर को साफ रखने में मदद करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
हल्दी का पानी पीने के फायदे_
हेल्दी हार्ट- हल्दी वाला पानी पीने से ब्लड प्यूरीफाई होता है और क्लोटिंग की आशंका घटती है। इससे बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट हेल्दी रखने में मदद मिलती है।
टॉक्सिन्स- हल्दी वाला पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स निकालने में मदद मिलेगी। इससे बॉडी फंक्शन्स बेहतर बनेंगे।लिवर और किडनी से जुडी प्रॉब्लम्स का खतरा भी टलेगा।
मेमोरी- हल्दी मौजूद करक्यूमिन ब्रेन फंक्शन्स को बेहतर बनाता है। रोज़ इसका पानी पिएंगे, तो दिमाग तेज़ होगा और बढ़ती उम्र में भी मेमोरी स्ट्रांग बनाए रखने मिलेगी।
उम्र का असर- हल्दी के पानी में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। रेग्युलर इसे पीने से बढ़ती उम्र का असर कम होता है और लंबे समय तक यंग बने रहने में मदद मिलती है।
हेल्दी स्किन- हल्दी वाला पानी पीने से खून साफ़ होता है जिससे पिम्पल्स और स्किन इंफेक्शन जैसी प्रॉब्लम्स से बचाव होता है। स्किन का ग्लो बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
राजगुरु तेनालीराम से कहते है मूर्ख तेनाली यह क्या घुड़साल बनाई है तूने। इस छोटी सी कुटिया को तुमने घुड़साल नाम दिया है, बड़े शर्म की बात है। राजगुरु की बात पर तेनालीरामा बोले की आप बहुत विद्वान हैं, इसीलिए मुझसे ज्यादा आपको पता है। लेकिन घोड़ा खूंखार हो चुका है, इसलिए आप अंदर मत जाइएगा। घुड़साल में मैंने एक खिड़की बनाई है, जहां से मैं घोड़े की देखरेख करता हूं।
आप भी वही से झांक कर देख लीजिए। तेनाली रामा के कहने पर राजगुरु घोड़े को जांकने के लिए खिड़की तक जाते है। खिड़की से झांकते ही वह घोड़ा राजगुरु की दाढ़ी अपने मुंह से पकड़ लेता है। राजगुरु दर्द से चीखने लगे। राजगुरु व अन्य सभी साथियों ने गाड़ी छुड़वाने का बहुत प्रयास किया लेकिन घोड़े ने दाढ़ी नहीं छोड़ी।
तभी एक दरबारी तलवार निकालता है और एक ही झटके में राजगुरु की दाढ़ी काट देता है। महाराजा के आदेश से दस सेवको को उस घोड़े को जैसे-तैसे दरबार तक लेकर जाते हैं। घोड़े को देखते ही महाराजा तेनालीराम से पूछते हैं कि घोड़ा इतना दुबला पतला क्यों है?
तेनाली रामा बोलते हैं कि मैंने घोड़े को कम से कम चारा और पानी दिया है। जैसे प्रजा थोड़े से में ही अपना गुजरा कर लेती है। इस वजह से घोड़ा इतना दुबला पतला है। तेनाली रामा ने कहा कि प्रजा आपका सम्मान करती है, इसलिए वह आपकी कोई बात नहीं टाल सकती। सारी प्रजा एक सोने के सिक्के से ही घोड़े को पालने के लिए मान गए।
सारी प्रजा अपनी आधी कमाई उस घोड़े पर लगा दी जो आपने उने दिया था। घोड़ों को तो भर पेट भोजन मिलता था, लेकिन आधी जनता को बिना खाए पिए ही सोना पड़ता था। इससे आपके घोड़े तो हष्ट पुष्ट हो गए लेकिन आपकी सारी प्रजा दुर्बल हो गई।
आप का कर्म है कि आप प्रजा के हित के लिए काम करें ना कि उन पर अधिक से अधिक बोझ डालें। तेनाली रामा अपने सारे वाक्यांशों पर माफी मांगते हुए पीछे हट गए। महाराजा को तेनाली रामा की सारी बातें समझ में आ गई और महाराजा अपने कर्मों पर पछतावा करने लगा। राजा ने अपनी गलती के लिए प्रजा से क्षमा मांगी।
🤷🏻‍♀️ कहानी की सीख इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि बिना सोचे समझे हमें कोई भी काम नहीं करना चाहिए। ताकि उसके दुष्परिणाम किसी और को ना भुगतना पड़े।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।।

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