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कब है मोहिनी एकादशी, वट सावित्री व्रत? देखें मई माह में पड़ने वाले सभी व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री Զเधॆ कृष्णा
🔮 कब है मोहिनी एकादशी, वट सावित्री व्रत? देखें मई माह में पड़ने वाले सभी व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
🔘 HIGHLIGHTS
▪️ मई में कई ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे।
▪️ ग्रह गोचर का प्रभाव राशियों पर पड़ेगा।
▪️ बुध मेष राशि में गोचर करेंगे।
📅 साल 2025 में पांचवां मई जल्द ही आरंभ होने वाला है। हिंदू धर्म में इस माह कई बड़े व्रत त्योहार पड़ने वाले हैं। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से इस माह का आरंभ हो रहा है, जो ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को समाप्त होगा। इस माह के पहले दिन ही विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है और अंत भी विनायक चतुर्थी के व्रत के साथ हो रहा है। इस माह कई बड़े-बड़े व्रत त्योहार पड़ रहे हैं। बता दें कि मई माह में वट सावित्री व्रत से लेकर, शनि जयंती, भानु सप्तमी, गंगा सप्तमी, सीता नवमी, मोहिनी एकादशी, परशुराम द्वादशी, नृसिंह जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, अपरा एकादशी, शनि जयंती, ज्येष्ठ मास की हनुमान जयंती से लेकर ज्येष्ठ अमावस्या तक पड़ रही है। हर एक व्रत त्योहार का अपना-अपना महत्व है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से मई माह में पड़ने वाले हर एक व्रत-त्योहार की तिथि…
📜 मई 2025 के व्रत त्यौहार
🐁 1 मई 2025, गुरुवार- विनायकी चतुर्थी व्रत
👳🏻‍♂️ 2 मई 2025, शुक्रवार- संत सूरदास जयंती, शंकराचार्य जयंती, रामानुजन जयंती, स्कंद षष्ठी
🌊 3 मई को गंगा सप्तमी मां गंगा को समर्पित गंगा सप्तमी का त्योहार 3 मई 2025 को मनाया जाएगा. वैशाख शुक्ल सप्तमी तिथि 3 मई सुबह 7.51 बजे शुरू होगी और 4 मई सुबह 7.18 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि की वजह से यह 3 मई को मनाई जाएगी. मान्यता है कि गंगा सप्तमी के दिन मा गंगा का पुनर्जन्म हुआ था.
🫅🏻 5 मई को सीता नवमी सीता नवमी को सीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. इस दिन माता सीता का प्राक्ट्य हुआ था. वैशाख शुक्ल नवमी के दिन सीता जयंती मनाई जाती है. इस बार सीता नवमी 5 मई को मनाई जाएगी. इस दिन विवाहित स्त्रियां पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं.
🚩 8 मई को मोहिनी एकादशी मोहिनी एकादशी व्रत वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है. इस साल वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि 7 मई को सुबह 10.19 बजे शुरू होगी और 8 मई को दोपहर 12.29 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के चलते 8 मई को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. समुद्र मंथन के दौरान देवताओं को अमृत दिलाने में मदद के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था, मोहिनी एकादशी व्रत का संबंध इससे ही है.
🦁 11 मई को नृसिंह जयंती नृसिंह जयंती वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. इस साल वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि 11 मई को लगेगी. नृसिंह जयंती पर शाम 4.21 बजे से शाम 7.03 बजे तक पूजन का समय है. नृसिंह जयंती के पारण का समय 12 मई को सुबह 5.32 बजे से सूर्योदय से पहले तक है. नृसिंह भगवान विष्णु के चौथे अवतार थे और उन्होंने हिरण्यकश्यपु का वध किया था.
🌝 12 मई को वैशाख पूर्णिमा व्रत या बुद्ध पूर्णिमा वैशाख पूर्णिमा का व्रत 12 मई को रखा जाएगा। इसे बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था. वैशाख शुक्ल पूर्णिमा 11 मई को रात 8.01 बजे लगेगी और 12 मई को रात 10.25 बजे समाप्त होगी. वैशाख पूर्णिमा नृसिंह जयंती के बाद आती है. वैशाख पूर्णिमा पर चांद निकलने का समय शाम 6.57 बजे है। इस दिन कूर्म जयंती भी मनाई जाती है. इस दिन भगवान विष्णु के द्वितीय अवतार कूर्म का प्राक्ट्य हुआ था._
🪕 13 मई को नारद जयंती ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा को नारद जयंती मनाई जाती है. 13 मई को नारद जयंती मनाई जाएगी. पुराणों में देवर्षि नारद को भगवान विष्णु का परम भक्त बताया गया है और वह देवताओं को सभी प्रकार की जानकारियां उपलब्ध कराते थे.
🐁 16 मई को एकदंत संकष्टी चतुर्थी एकदंत संकष्टी चतुर्थी वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाएगी. संकष्टी चतुर्थी तिथि 16 मई को सुबह 4.02 बजे शुरू होगी और 17 मई को सुबह 5.13 बजे समाप्त होगी। ऐसे में संकष्टी चतुर्थी व्रत 16 मई को रखा जाएगा.
🚩 23 मई को अपरा एकादशी अपरा एकादशी का व्रत ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी को रखा जाता है. अपरा एकादशी व्रत 23 मई को रखा जाएगा और पारण द्वादशी तिथि यानी 24 मई को सुबह 5.26 बजे से सुबह 8.11 बजे के बीच होगा.
🔱 24 मई को शनि प्रदोष व्रत ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी को शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा. भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त 24 मई को शाम 7.20 बजे से रात 9.13 बजे तक है. शनिवार को पड़ने वाले प्रदोष को शनि प्रदोष के नाम से जाना जाता है.
👺 26 मई को शनि जयंती शनि जयंती 26 मई को मनाई जाएगी. साथ ही ज्येष्ठ अमावस्या जिसे वट सावित्री अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, उसकी तिथि 26 मई को दोपहर 12.11 बजे शुरू होगी और 27 मई को सुबह 8.31 बजे समाप्त होगी. ज्येष्ठ अमावस्या 26 मई को मान्य होगी, इस दिन पितरों की आत्मा की शांति से जुड़े उपाय किए जाते हैं. वहीं 27 मई को स्नान-दान के लिए अहम भौमवती अमावस्या मनाई जाएगी.
🌚 27 मई, मंगलवार- स्नान-दान अमावस, शनि जयंती, ज्येष्ठ अमावस्या
🎗️ 29 मई, गुरुवार- रंभा तीज व्रत
🐀 30 मई, शुक्रवार- विनायक चतुर्थी व्रत
🪐 बुध गोचर
07 मई को देर रात के 03 बजकर 55 मिनट पर राजकुमार बुध ग्रह मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह गोचर मेष राशि वालों के लिए अच्छा रहने वाला है। जातक को सकारात्मक परिणाम इस अवधि में प्राप्त होंगे। बुद्धि में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकता है। व्यापार-व्यवसाय में जातक सफलता प्राप्त करेंगे। आर्थिक रूप से यह समय अच्छा रहेगा। जातक निर्णय सोच विचार कर लेंगे।
🪶 उपाय – रोजाना अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गणेश जी को दुर्वा अर्पित करें।
🌎 गुरु गोचर
14 मई को 11 बजकर 25 मिनट पर बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए अशुभ फल देने वाला रहेगा। लोग डिप्रेशन आदि का शिकार हो सकता है। खुद को अकेला और तनावग्रस्त महसूस कर सकते हैं। जातक को सलाह दी जाती है कि इस समय को सही से निकालें। व्यापार-व्यवसाय में अधिक लालच जातक को नुकसान दे सकता है। इसके कारण मन में नकारात्मक विचार उत्पन्न हो सकते हैं।
🪶 उपाय- वैजयंती माला धारण करें। रोजाना पूजा के दौरान ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जप करें।
🌞 सूर्य गोचर
15 मई को रात 12 बजकर 23 पर वृषभ राशि में सूर्य ग्रह गोचर करेंगे। यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ रहने वाला है। जातक का झुकाव अध्यात्म की तरफ अधिक रहेगा। जातक उपयोगिता के अनुसार ही धन खर्च करेंगे। इस अवधि के दौरान कुछ लोग धोखा दे सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में स्थिति सामान्य रहेगी। नई तकनीक का उपयोग व्यापार में कर सकते हैं।
🪶 उपाय- गुरुवार के दिन केले का दान करें और भगवान विष्णु की आरती करें।
☀️ इस दिन मंगल होंगे अस्त
*M18 मई को रात को 12 बजकर 15 मिनट पर राजकुमार ग्रह बुध मेष राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर नकारात्मक प्रभाव वाला रहेगा। राहु के प्रभाव के कारण मेष राशि के जातक को नकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। जातक का मन परेशान रह सकता है। व्यापार-व्यवसाय स्थिति सामान्य रहेगी। ऊर्जा की कमी रहेगी।
🪶 उपाय- रोजाना गणेश जी की आरती करें। शाम को पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाएं।
💫 *बुध गोचर*
23 मई को राजकुमार ग्रह बुध वृषभ राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर सामान्य परिणाम देने वाला रहेगा। जातक की शक्ति में बढ़ोतरी होगी। वृषभ राशि के जातक इस अवधि में वाणी पर नियंत्रण रखेंगे। सीखने की शक्ति बढ़ेगी। अपनी वाणी से पुराने रुके हुए कार्य पूर्ण करेंगे। जातक इस अवधि में गुप्त काम भी कर सकते हैं।
🪐 शुक्र गोचर
31 मई को शुक्र ग्रह मेष राशि में गोचर करेंगे। यह गोचर सुबह 11 बजकर 05 मिनट पर होगा। इस गोचर के दौरान मेष राशि के जातक सकारात्मक परिणाम प्राप्त करेंगे। जो विवाह करना चाहते हैं। उन्हें इस अवधि में सफलता मिलेगी। जातक को अपने पार्टनर से भरपूर प्रेम और स्नेह प्राप्त होगा। जातक के मान सम्मान में वृद्धि होगी।
🪶 उपाय- शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी पर सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाकर छोटी कन्याओं में दान करें।

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