धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 19 मई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 19 मई 2025
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 06:11 AM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथी स्वामी – षष्ठी के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र श्रवण 07:29 PM तक उपरांत धनिष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – श्रवण नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्र है.और ज्ञान तथा विद्या प्रदान करने वाली सरस्वती इसकी देवी हैं।
⚜️ योग – शुक्ल योग 05:52 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग 04:35 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग
प्रथम करण : वणिज – 06:11 ए एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 06:05 पी एम तक बव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:22:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:38:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:05 ए एम से 04:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:26 ए एम से 05:28 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:45 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:34 पी एम से 03:29 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:06 पी एम से 07:27 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:07 पी एम से 08:09 पी एम
💧 अमृत काल : 08:49 ए एम से 10:28 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 20
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:28 ए एम से 07:29 पी एम
❄️ रवि योग : 05:28 ए एम से 07:29 पी एम
🚓 यात्रा शकुन – मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र – ॐ सौ सौभाग्य नमः।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय – शिवजी को दुग्धाभिषेक करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय – पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ रवि योग/ धनिष्ठानवकारंभ शाम 07 .29..के बाद/जमशेदजी नुसरवानजी टाटा स्मृति दिवस, हिन्दी के शीर्ष साहित्यकार हज़ारी प्रसाद द्विवेदी पुण्य तिथि, भारत के राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी जन्म दिवस, राष्ट्रीय डेविल्स फूड केक दिवस,विश्व पारिवारिक चिकित्सक दिवस, भारतीय लेखक माणिक बंदोपाध्याय जयन्ती, भारतीय अभिनेता निर्देशक गिरीश कर्नाड जन्म दिवस, महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे जन्म दिवस, विश्व आईबीडी दिवस (World IBD Day)
✍🏼 तिथि विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🏝️ Vastu tips 🗽
मुख्यत द्वार के वास्तुह दोष वास्तु् के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने किसी दीवार, पेड या किसी भी तरह की छाया नहीं होनी चाहिए।
कई बार सब कुछ ठीक होने के बावजूद वास्तुर दोष के कारण परेशानियां सामने आती हैं। इसी तरह मुख्य द्वार अगर घर के बीचों-बीच होता है तो कलह का संकेत है1
कई बार हम सजावाट के लिए घर के बाहर या मुख्य द्वार पर किसी तरह की बेल-पौधे लगा लेते हैं, जोकि वास्तु् के अनुसार ठीक नहीं है।
वास्तु् के हिसाब से घर का मेन डोर खोलते ही सामने सीढ़ी नहीं होनी चाहिए. इस बात का भी ध्याबन रखें कि मेन डोर हमेशा अंदर की तरफ खुलने वाला होना चाहिए।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पाइल्स से राहत के लिए कुछ कारगर उपाय:
फाइबर युक्त आहार लें: फल, सब्जियाँ और साबुत अनाज कब्ज को रोकते हैं और मल को नरम बनाए रखते हैं।
ज्यादा पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पचाने में मदद करता है।
बैठने का तरीका सुधारें: लंबे समय तक एक ही जगह बैठना पाइल्स को बढ़ा सकता है, बीच-बीच में टहलते रहें।
मल त्याग में देर न करें: टॉयलेट की इच्छा को बार-बार टालना पाइल्स की जड़ बन सकता है।
गर्म पानी का सेवन या Sitz bath: गुनगुने पानी में बैठने से सूजन कम होती है और आराम मिलता है।
हल्का व्यायाम करें: दिन में 20-30 मिनट की वॉक भी बड़ी राहत दे सकता है ।
🧪 आरोग्य संजीवनी_ 💊
कितने दिन तक रहता है बुखार? डेंगू से जूझ रहे मरीजों को तेज बुखार हो सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेंगू में दो से सात दिनों तक बुखार रह सकता है। हालांकि, डेंगू का शिकार मरीजों को 10 दिनों तक भी बुखार रह सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक डेंगू से बचे रहने के लिए खुद को मच्छरों से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है।
कौन सा अंग सबसे ज्यादा प्रभावित? डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी आपके दिल की सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। अगर समय रहते डेंगू का इलाज शुरू न किया जाए, तो दिल से जुड़ी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि डेंगू के शुरुआती लक्षणों को पहचानना और फिर जल्द से जल्द इसका ट्रीटमेंट शुरू करना बेहद जरूरी है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बार श्री कृष्ण के बच्चे मौज-मस्ती करने के लिए जंगल में गए। उन्हें बहुत प्यास लगी और वे एक गहरे कुएं के पास पहुँच गए। उन्होंने सूखे कुएं के अंदर झाँका और देखा कि नीचे एक अजीबोगरीब छिपकली जैसा जीव फंसा हुआ है, जो पहाड़ जितना विशाल दिखाई दे रहा था। उस जीव को देखकर लड़के हैरान रह गए। उन्होंने चमड़े की पट्टियों और रस्सियों का उपयोग करके जीव को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन अपनी पूरी कोशिशों के बावजूद वे उसे बाहर नहीं निकाल पाए। कई बार असफल होने के बाद, वे महल में वापस आए और श्री कृष्ण को घटना की सूचना दी।
इस अनोखी विशालकाय छिपकली के बारे में सुनकर, श्री कृष्ण कुएँ के पास पहुँचे और बिना किसी प्रयास के अपने बाएँ हाथ से छिपकली को बाहर निकाला। सभी को आश्चर्य हुआ, जब श्री कृष्ण ने उसे छुआ, तो छिपकली एक दिव्य पुरुष में बदल गई। अचानक हुए इस परिवर्तन से आश्चर्यचकित होकर, श्री कृष्ण ने उस व्यक्ति से अपना परिचय देने को कहा। पिछले किस पाप कर्मों ने तुम्हें इस रूप में पहुँचाया है? यह दुर्भाग्यपूर्ण लगता है कि तुम्हें ऐसा भाग्य सहना पड़ा।
दिव्य पुरुष ने विनम्रता पूर्वक अपनी कहानी सुनाई, “मैं राजा इक्ष्वाकु का पुत्र नृग नामक राजा था। आपने मेरे बारे में सुना होगा। मैं जानता हूं कि आपके लिए कुछ भी अज्ञात नहीं है, फिर भी जैसा कि आपने मुझसे पूछा है, मैं आपको बताऊंगा कि मैं इस प्रकार कैसे बना। मैंने अपने पूरे जीवन में असंख्य ब्राह्मणों और पवित्र पुरुषों को उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनेक जीवन-निर्वाह योग्य दान देकर सम्मानित किया है”।
नृग ने आगे कहा, “एक अवसर पर मुझे एक जरूरतमंद ब्राह्मण को एक गाय देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हालांकि, लापरवाही के कारण मैंने उसी गाय को दूसरे ब्राह्मण को देने का वादा किया। जब दोनों ब्राह्मण मेरे दरवाजे पर पहुंचे, तो मैं कोई उचित निर्णय नहीं ले सका। इसलिए, मैंने उनसे विवादित गाय को छोड़ देने और बदले में प्रत्येक से एक सौ गायें स्वीकार करने को कहा। गाय के मूल मालिक ने इनकार कर दिया और गाय लेकर चला गया। दूसरे ब्राह्मण ने मुझे डांटा और चला गया।”
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⚜️ षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।।

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