शिक्षक की लापरवाही से सुनेटी के मासूम बच्चों का भविष्य संकट में

सिलवानी। जनशिक्षा केंद्र कीरतपुर के अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक शाला सुनेटी में पदस्थ शिक्षक अजय कोरी की लापरवाही अब गांव के मासूम बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। सोमवार को जब विद्यालय में शिक्षक उपस्थित थे, तो बच्चे नहीं दिखे, और जब बच्चे होते हैं, तो शिक्षक नदारद रहते हैं। ऐसी स्थिति अब आम हो गई है, जिससे सुनेटी की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
ग्रामीणों का आरोप: शिक्षक स्कूल में आते ही नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक अजय कोरी कभी-कभार ही स्कूल आते हैं। उनके अनुसार, यह लापरवाही केवल शिक्षक की नहीं बल्कि विभागीय अधिकारियों की भी है, जो उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। परिणामस्वरूप बच्चों को न तो समय पर पढ़ाई मिल पा रही है और न ही उन्हें विद्यालय जाने की प्रेरणा मिल रही है।
बच्चों की संख्या कम, पढ़ाई शून्य सुनेटी शाला में मात्र चार बच्चे दर्ज हैं, लेकिन पढ़ाई का स्तर शून्य है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षक बच्चों को स्कूल से यहां-वहां भेज देते हैं, जिससे उनमें भी स्कूल के प्रति गंभीरता नहीं बन पाती। उनका यह भी कहना है कि यदि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय आएं, तो बच्चे भी मन लगाकर पढ़ाई करेंगे।
पहले भी की गई हैं शिकायतें, लेकिन विभाग मौन
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक की लापरवाही को लेकर पहले भी संबंधित विभाग को कई बार शिकायतें दी गई हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे गांव में नाराजगी गहराती जा रही है। अब ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें ऐसे शिक्षक नहीं चाहिए, जो बच्चों का भविष्य बर्बाद करें।
इस संबंध में सिलवानी जनपद शिक्षा केन्द्र की बीआरसी महजबी सिद्दीकी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। जल्द ही जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।



