हरछठ पर माताओं ने की संतान की दीर्घायु के लिए पूजा

नगर में आस्था और श्रद्धा से मनाया गया हलषष्ठी पर्व
सिलवानी। नगर में गुरुवार को महिलाओं ने पूरे श्रद्धा-भाव से हरछठ (हलषष्ठी) व्रत रखकर अपने पुत्रों की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। व्रतधारी महिलाओं ने परंपरागत विधि से व्रत रखकर पूजन-अर्चन किया। यह पर्व भगवान श्री बलराम के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है, जिनका प्रमुख शस्त्र हल होने के कारण इस पर्व को ‘हलषष्ठी’ या ‘हरछठ’ कहा जाता है।
पंडित भूपेंद्र शास्त्री के अनुसार, जो माताएं इस व्रत को करती हैं, उनके पुत्रों के जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। भगवान बलराम की कृपा से संतान को दीर्घायु और निरोगी जीवन मिलता है।
व्रत में भैंस के दूध और उससे बने दही का विशेष महत्व होता है। व्रती महिलाएं पसही चावल और महुए से बनी मिठाइयों से व्रत खोलती हैं। नगर के कई घरों में इस व्रत को गृह पूजन के साथ सामूहिक रूप से मनाया गया, जहाँ महिलाओं ने मिलकर पूजा की और फिर बांस की टोकरी में लाई, महुआ, चने और फलों का प्रसाद वितरित किया।
हरछठ का पर्व मातृत्व के वात्सल्य और पुत्रों के प्रति मां के प्रेम का प्रतीक है, जिसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े श्रद्धा भाव से मनाया जाता है।

