मध्य प्रदेश

विद्यासागर सेवा आश्रम समिति गोसलपुर ने राज्य मंत्री का किया स्वागत एवं सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा विकासखण्ड के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाओं में घायल या मृत हो रहे गौवंशों की दयनीय स्थिति को लेकर विद्यासागर सेवा आश्रम समिति, सम्मेदगिरी गोशाला ने गंभीर चिंता जताई है। समिति ने इस विषय पर मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) लखन पटेल को ज्ञापन सौंपते हुए सिहोरा क्षेत्र में इन्सट्रीनेटर यंत्र ( मृत गौवंशों के दाह संस्कार हेतु मशीन) की स्थापना की माँग की है। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अनिल जैन ने बताया कि गोशाला में प्रतिदिन सड़क पर घायल या बेसहारा गौवंशों को लाकर उनकी सेवा और उपचार किया जाता है। परंतु कई बार गंभीर रूप से घायल गौवंशों की मृत्यु हो जाती है। मृत गौवंशों के अंतिम संस्कार की कोई व्यवस्था न होने से शव सड़कों या खाली स्थानों पर पड़े रहते हैं, जिससे दुर्गंध और संक्रमण फैलता है। यह स्थिति न केवल अस्वच्छता फैलाती है बल्कि संवेदनशीलता को भी आहत करती है। समिति सदस्यों ने कहा कि जीवित अवस्था में तो गौवंशों पर अत्याचार हो ही रहा है, किंतु मृत्यु के उपरांत भी उनके शवों का अपमान होना अत्यंत दुःखद है। उन्होंने कहा कि यदि शासन स्तर पर इन्सट्रीनेटर यंत्र लगाया जाता है तो इससे मृत गौवंशों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार संभव होगा और पर्यावरणीय स्वच्छता भी बनी रहेगी।विद्यासागर सेवा आश्रम समिति के संरक्षक अरुण जैन एवं राकेश जैन, सचिव इंजी. सुनील जैन, सदस्य अमित जैन, संदीप जैन, यतेंद्र जैन,आशीष जैन, आकाश जैन, संजय जैन, आज़ाद जैन, अभिषेक जैन के साथ सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद राय, हेमचंद असाटी, शशांक दुबे ने इस सामाजिक पहल में सहयोग की अपील की है। साथ ही सभी ने एकजुट होकर मंत्री जी सौगात किया । समिति का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल गौसेवा नहीं, बल्कि गौवंशों के प्रति समाज में संवेदना और सम्मान की भावना को जागृत करना है। समिति ने अपने ज्ञापन में लिखा है की गौवंश जहाँ होगा, भगवान वहाँ होगा। इसी भावना के साथ समिति ने शासन से अपेक्षा की है कि सिहोरा क्षेत्र में शीघ्र इन्सट्रीनेटर यंत्र की स्थापना कराई जाए, ताकि मृत गौवंशों का अंतिम संस्कार धार्मिक, स्वच्छ और सम्मानजनक ढंग से हो सके।

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