मध्य प्रदेश

मढ़िया देवरी में मुक्तिधाम के अभाव से ग्रामीण परेशान, बारिश में अंतिम संस्कार बन रहा चुनौती

सिलवानी। आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत देवरी मढ़िया के ग्राम मढ़िया में आज तक मुक्तिधाम (श्मशान घाट) का निर्माण नहीं हो सका है। लचर सरकारी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण ग्रामीणों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को ग्राम पंचायत देवरी के ग्राम मढिया में कनीराम मेहरा की पत्नी एवं कमलेश मेहरा, हरिनारायण मेहरा, देवेंद्र मेहरा की माताजी श्रीमती जानकी बाई मेहरा का निधन हो गया। लेकिन बे-मौसम बारिश के कारण ग्रामीण अंतिम संस्कार नहीं कर सके। मजबूरी में शव को अगले दिन तक रखा गया और जब सोमवार को साफ मौसम में अंतिम संस्कार किया जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या हर साल बरसात के मौसम में सामने आती है। बारिश के कारण चारों ओर खेतों में पानी भर जाता है, जिससे शव ले जाने में कठिनाई होती है। मुक्तिधाम न होने के कारण ग्रामीणों को अपने-अपने निजी खेतों में ही अंत्येष्टि करनी पड़ती है। किसी का खेत आधा किलोमीटर तो किसी का एक किलोमीटर दूर है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तहसीलदार और एसडीएम सिलवानी को कई बार आवेदन देकर मुक्तिधाम निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मुक्तिधाम का निर्माण नहीं होता, तब तक उन्हें हर बरसात में इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ग्राम के देवीसिंह रघुवंशी, कमलेश रघुवंशी, हीरालाल सेन, राजकुमार साहू, नाथूराम साहू, भवानी साहू, शिवराज रघुवंशी, प्रेमनारायण मेहरा, प्रकाश रघुवंशी, दीपक शर्मा, नरेश शर्मा, मानक साहू, दुर्गा प्रसाद, सोहन रजक, रमेश रजक, तुलाराम मेहरा आदि ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मुक्तिधाम निर्माण की मांग की है, ताकि गांव में किसी के निधन के बाद सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार किया जा सके।

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