
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 21 नवम्बर 2025
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 *दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। *शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
*शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए । *शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
🌦️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्रवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 02:47 PM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अनुराधा 01:55 PM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो राशि स्वामी मंगल का शत्रु है।
⚜️ योग – अतिगण्ड योग 10:43 AM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
⚡ प्रथम करण : बव – 02:47 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 04:00 ए एम, नवम्बर 22 तक कौलव
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:04:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:08:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:01 ए एम से 05:55 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:28 ए एम से 06:49 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:46 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:35 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:25 पी एम से 05:52 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:46 पी एम
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:49 ए एम से 01:56 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:34 ए एम, नवम्बर 22
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मन्दिर में खीर चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ देवदिपावली/ मार्तण्ड भैरव षड् रात्रोत्सवारंभ/ धन्य कुंवारी मैरी की प्रस्तुति का पर्व, विश्व हैलो दिवस, विश्व टेलीविज़न दिवस, विश्व मत्स्य दिवस, विश्व हैलो दिवस, राष्ट्रीय लाल दस्ताने दिवस, विश्व नमस्ते दिवस, भगवान सहस्त्रबाहु जयन्ती, राष्ट्रीय स्टफिंग दिवस, मूल निवासी महिलाओं का समान वेतन दिवस, कद्दू पाई दिवस, गुजरात की महिला मुख्यमंत्री आनंदीबेन जन्म दिवस, समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव जन्म दिवस, (परमवीर चक्र सम्मानित) नायक यदुनाथ सिंह जयन्ती, भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रामन स्मृति दिवस, (प्रसिद्ध क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता सेनानी) सत्येंद्रनाथ बोस शहीद दिवस, नवजात शिशु दिवस, राष्ट्रीय औषधि दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस (सप्ताह)
✍🏼 तिथि विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली अर्थात किसी भी कार्य को अथवा कार्यक्षेत्र को बढ़ाने वाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद अर्थात कोई भी कार्य को निर्विघ्नता पूर्वक चरम तक पहुंचाने अर्थात सिद्धि तक पहुंचाने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता को बताया गया है। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।।
🌷 Vastu tips 🌾
शास्त्र के अनुसार, हर वस्तु अपनी ऊर्जा रखती है। जब हम किसी दूसरे की निजी वस्तु का उपयोग करते हैं, तो हम अनजाने में उनकी ऊर्जा को अपने जीवन में आमंत्रित कर लेते हैं। इसी वजह से कुछ वस्तुओं का उधार लेना अनेक समस्याओं का कारण बन सकता है।
*घड़ी: समय और सौभाग्य पर असर आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार अपनी कलाई की घड़ी किसी को उतारकर देना अशुभ माना जाता है। घड़ी समय और भाग्य दोनों का प्रतीक है। इसे उधार लेने या देने से आपकी तरक्की रुक सकती है, समय खराब हो सकता है और रिश्तों में मतभेद भी बढ़ने लगते हैं। *रुमाल: रिश्तों में कड़वाहट कभी भी किसी और का रुमाल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रुमाल का लेन-देन वास्तु में अत्यंत अशुभ माना गया है। ऐसा करने से रिश्तों में तनाव, गलतफहमियां और अनचाही परेशानियां बढ़ सकती हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
जटामांसी के फायदे – जटामांसी में कई अलग-अलग प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक गुण पाए जाते हैं, जिससे प्राप्त होने वाले लाभों में आमतौर पर निम्न शामिल है –
*बालों को मजबूत बनाए जटामांसी बाल काले, घने और खूबसूरत हों ये ख्वाहिश सिर्फ महिलाओं की ही नहीं पुरुषों की भी होती है, जिनकी खातिर अब पुरुष भी सेल्फ ग्रूमिंग पर ध्यान देने लगे हैं और इससे जुड़े प्रोडक्ट्स की तलाश में भी रहते हैं. आप महंगे और केमिकल से भरपूर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करके हार चुके हों तो आयुर्वेद आजमाएं. पुराने आयुर्वेदिक खजाने में मजबूत और हेल्दी बालों का राज छुपा है, जो न सिर्फ महिलाओं के बल्कि पुरुषों के बालों पर भी कारगर है. जटामांसी एक ऐसी जड़ी बूटी है जो बालों में नई जान डाल देती है. *जटामांसी की जड़ में कई खास प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों को जड़ों से मजबूत बनाते हैं और बाल झड़ना काफी हद तक कम हो जाते हैं। साथ ही जटामांसी से बालों में रूसी की समस्या भी काफी कम हो जाती है।
👩🏻🍼 आरोग्य संजीवनी 🤰🏻
क्या गर्भावस्था में सर्दी-जुकाम के दौरान काढ़ा पीना सही है? कई लोग कहते हैं काढ़ा पी लो सब ठीक हो जाएगा, लेकिन गर्भावस्था में हर काढ़ा सुरक्षित नहीं होता। अगर हल्का काढ़ा हो जैसे तुलसी, अदरक और काली मिर्च का थोड़ा-सा मिश्रण तो दिन में एक बार लिया जा सकता है। लेकिन बहुत स्ट्रॉन्ग या बार-बार काढ़ा पीना शरीर को ज़्यादा गर्म कर सकता है, जिससे असहजता या कॉन्ट्रैक्शन महसूस हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सही रहेगा।
*क्या प्रेग्नेंसी में सर्दी होने पर शहद लेना सुरक्षित है? हां, पाश्चुराइज़्ड शहद गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित है। यह गले की खराश को शांत करता है और सर्दी के लक्षणों को कम करता है। सुबह गुनगुने पानी या दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना बहुत सुकून देता है। पर ध्यान रहे कच्चा शहद कभी न लें, क्योंकि उसमें बैक्टीरिया हो सकता है। *क्या गर्भवती महिलाएं सर्दी में तुलसी की चाय पी सकती हैं? हां, तुलसी की हल्की चाय लेना अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। बस तुलसी के 3-4 पत्ते पानी में उबालें, और जब गुनगुना हो जाए तो धीरे-धीरे पिएं। ज्यादा मात्रा या तुलसी के अर्क वाले प्रोडक्ट्स से बचें।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
दुःशासन के पुत्र का नाम दुर्मासन था जो कि गदा युद्ध मे भीम के टक्कर का ही था। महाभारत में दुर्मासन का ज्यादा उल्लेख नही मिलता है।
द्रोणाचार्य ने जब चक्रव्यूह की रचना की तो उसको तोड़ने के लिए कोई भी नही था क्योंकि अर्जुन युद्द करते करते बहुत दूर निकल गए थे और इस संकट से निकालने के लिए अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने चक्रव्यूह तोड़ने का निर्णय किया लेकिन अभिमन्यु को चक्रव्यूह से निकलना नही आता था। तब युधिष्ठिर ने अभिमन्यु को आश्वस्त किया कि वो चक्रव्यूह का जो दरवाजा तोड़ देगा उसको बन्द ही नही होने देंगे। ये बात दीगर है कि चारो पांडव उस दिन भगवान शंकर से जयद्रथ को मिले वरदान के कारण परास्त हो गए थे और चक्रव्यूह का दरवाजा खुला नही रख पाए थे।
चक्रव्यूह के अंदर अभिमन्यु का सामना दुर्योधन के पुत्र लक्ष्मण से हो गया और अभिमन्यु ने उसको मार डाला। अपने पुत्र की मृत्यु के कारण दुर्योधन ने क्रोधित होकर कर्ण, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, अश्वत्थामा, दुःशासन, कृतवर्मा को अभिमन्यु वध का आदेश दे दिया।
चक्रव्यूह के अंदर अभिमन्यु ने इन सातों महारथियों का जमकर मुकाबला किया लेकिन तभी दुःशासन का पुत्र दुर्मासन आकर अभिमन्यु से गदा युद्ध करने लगा और दोनों मूर्छित हो गए । दोनो जब होश में आये तो दुर्मासन ने पीछे से अभिमन्यु का कपाल फोड़ दिया और ततपश्चात सातो महारथियों ने अभिमन्यु का वध कर दिया।
दुर्मासन युद्ध मे बाद में भीम के द्वारा गदा युद्ध मे मारा गया तब भीम ने कहा कि मुझे नही पता था कि कौरवो में क्षेत्र में मेरी बराबरी की गदा युद्ध करने वाला भी एक गुमनाम योद्धा था !
▬▬▬▬▬๑ ⁂❋⁂ ๑▬▬▬▬▬
⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। आज प्रतिपदा तिथि को इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।।



