पुलिस ने तीन वर्षों में 104 परिवारों को लौटाई खोई हुई मुस्कान

सिलवानी। बेटियों की सुरक्षा और उनका सकुशल घर लौटना हर परिवार के लिए उम्मीद, विश्वास और राहत का सबसे बड़ा क्षण होता है। इसी संवेदनशीलता को केंद्र में रखकर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने पिछले तीन वर्षों में 104 परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है। यह अभियान केवल पुलिसीय कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना, निरंतर प्रयास और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण बन गया है। कई बालिकाएं जो वर्षों से अपने परिवारों से बिछड़ी थीं और दूर-दराज के प्रांतों में भटक रही थीं, अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुकी हैं।
*तीन वर्षों में बेटियों की घर वापसी — आंकड़ों में*
सिलवानी थाना
वर्ष 2023: गुम बालिका 15, दस्तायव 13
वर्ष 2024: गुम बालिका 31, दस्तायव 30
वर्ष 2025: गुम बालिका 25, दस्तायव 22
थाना बम्होरी
तीन वर्षों में दस्तायव: 16
थाना सुल्तानगंज
तीन वर्षों में गुम बालिका: 23
दस्तायव: 23
(स्रोत: पुलिस विभाग)
कठिन परिस्थितियों में भी जारी रही खोजबीन
अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों ने दूरस्थ क्षेत्रों और प्रतिकूल परिस्थितियों में लगातार खोजबीन की। कई बालिकाएं राज्य की सीमाओं से भी दूर अन्य प्रांतों में मिलीं—कुछ मजदूरी करते हुए तो कुछ गलत तत्वों के बीच फंसी हुई। प्रत्येक मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न राज्यों की एजेंसियों, सामाजिक संगठनों और तकनीकी साधनों का सहारा लेकर बालिकाओं को सुरक्षित स्थानों से निकालकर उनके परिवारों तक पहुंचाया।
परिवारों की आंखों में छलकी खुशी
गुमशुदा बालिकाओं के घर लौटने पर परिवारों की आंखों में आंसू और हृदय में पुलिस के प्रति कृतज्ञता साफ झलकती है। कई परिवारों ने बताया कि वर्षों की पीड़ा के बाद बेटी को देखकर उनका घर फिर से खुशियों से भर गया।
सिलवानी थाना प्रभारी पूनम सविता ने बताया कि ग्राम चुन्हेटिया की एक किशोरी दो वर्ष पूर्व घर से बिना बताए चली गई थी। खोजबीन के दौरान वह गुजरात के एक क्षेत्र में मिली। जब पुलिस उसे घर लेकर पहुंची तो माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं था। ऐसी ही कई बालिकाओं की वापसी ने अनेक घरों में खुशियों के दीप फिर से जला दिए।
मुस्कान अभियान हमारी प्राथमिकता: एसडीओपी
एसडीओपी अनिल मोर्या ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में करीब सौ से अधिक बालिकाओं को ऑपरेशन मुस्कान के तहत खोजकर सुरक्षित घर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि तीनों थानों के थाना प्रभारी एवं पुलिस जवानों ने अत्यंत मेहनत और लगन से यह कार्य पूर्ण किया है।
उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता शेष सभी गुमशुदा बालिकाओं को जल्द से जल्द उनके परिवारों से मिलाना है।”
ऑपरेशन मुस्कान न सिर्फ पुलिस की उपलब्धि है, बल्कि वह संवेदनशील प्रयास है जिसने 104 परिवारों में फिर से उम्मीद, विश्वास और खुशियों के रंग भर दिए हैं।



