मध्य प्रदेश

मुस्लिम त्योहार कमेटी ने एसडीएम के नाम तहसीलदार सौंपा ज्ञापन, अब आंदोलन के लिए बाध्य होंगे

36 लाख की लागत से होना था निर्माण, 4 माह की थी समय सीमा, पाँच वर्ष बाद भी कब्रिस्तान का विकास अधूरा, घटिया सामग्री से सड़कें टूटीं12
सिलवानी। नगर की एकमात्र मुख्य कब्रिस्तान का बाउंड्री वॉल सौंदर्यीकरण एवं सीमांकन कार्य पाँच वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा है, जबकि नगर परिषद द्वारा इस कार्य के लिए करीब 36 लाख की लागत स्वीकृत की गई थी। चार माह की समय-सीमा तय होने के बावजूद निर्माण एजेंसी द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके चलते सड़कों में दरारें, बाउंड्रीवॉल में क्षति और पूरे परिसर में अव्यवस्था देखने को मिल रही है।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि कब्रिस्तान की यह दुर्दशा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है। वर्षो से अधूरे पड़े कार्य के खिलाफ व्यापक नाराज़गी जताते हुए मुस्लिम त्योहार कमेटी, मुस्लिम यूनियन, और ईदग कमेटी समाज के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से तहसीलदार सुधीर शुक्ला को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में समाज ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कब्रिस्तान का सीमांकन आज तक पूर्ण नहीं कराया गया। निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ, दीवारें हाथ लगाने से टूटने लगती हैं
स्वीकृत कार्य की DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) माँगने पर भी नगर परिषद ने उपलब्ध नहीं कराई
पाँच वर्ष से अधिक समय बीत गया, फिर भी प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
कब्रिस्तान की बदहाली समाज की धार्मिक भावनाओं और सम्मान के विपरीत है
समाज ने SDM से मांग की कि
निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए
सीमांकन एवं अधूरे निर्माण कार्य को तत्काल पूर्ण कराया जाए।
अब तक हुए खर्च का विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।
संबंधित विभागों के साथ स्थल निरीक्षण कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
कब्रिस्तान के स्थायी रखरखाव और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुस्लिम त्योहार कमेटी के अध्यक्ष राहिल खान ने कहा हमने नगर परिषद से लेकर विभागीय अधिकारियों तक बार-बार शिकायतें और ज्ञापन दिए, पर स्थितियों में कोई सुधार नहीं हुआ। कब्रिस्तान की यह हालत देखना हमारी धार्मिक भावनाओं को चोट पहुँचाता है। यदि इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई तो हम बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और नगर परिषद, दोनों ने मानक गुणवत्ता का पालन नहीं किया। कई स्थानों पर बाउंड्रीवॉल में गहरी दरारें हैं, और निर्माण इतनी खराब स्थिति में है कि उसकी मरम्मत भी मुश्किल हो रही है।
मुस्लिम त्योहार कमेटी के जिला संरक्षक कामरान खान ने बताया
पाँच वर्ष में भी सीमांकन और निर्माण पूरा न होना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। DPR तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि समाज लगातार मांग कर रहा है।

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