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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 21 दिसम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 21 दिसम्बर 2025
21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष कि प्रतिपदा उपरांत द्वितीय तिथि है। आज यदि चंद्र देवता के दर्शन हो जाए तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं अमावस्या का जो दोष होता है वह भी समाप्त हो जाता है। आज सर्वार्थसिद्ध योग एवं त्रिपुष्कर योग भी है। इसलिए आज शुभ कार्य कर्म अधिक से अधिक करना चाहिए। क्योंकि त्रिपुष्कर योग में किया गया शुभाशुभ कर्म त्रिगुणात्मक फल देता है और चाहे शुभ कर्म हो या अशुभ कर्म हो। आप समस्त स्नातनियों को “चन्द्र दर्शन” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
*इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है। *रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
*रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352_

☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण प्रारम्भ
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु प्रारम्भ
⛈️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – रविवार पौष माह के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि 09:11 AM तक उपरांत द्वितीया
✏️ तिथि स्वामी – द्वितीया तिथि के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 03:36 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह शुक्र है, और इसका नक्षत्र देवता अपस या जल की देवी को माना जाता है।
⚜️ योग – वृद्धि योग 04:35 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग
प्रथम करण : बव – 09:10 ए एम तक
द्वितीय करण : बालव – 10:03 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:46:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:12:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:20 ए एम से 06:15 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:48 ए एम से 07:10 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:40 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:44 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:26 पी एम से 05:54 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:29 पी एम से 06:51 पी एम
💧 अमृत काल : 10:21 पी एम से 12:06 ए एम, दिसम्बर 22
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:52 पी एम से 12:47 ए एम, दिसम्बर 22
🌸 त्रिपुष्कर योग : 03:36 ए एम, दिसम्बर 22 से 07:10 ए एम, दिसम्बर 22
सर्वार्थ सिद्धि योग : 03:36 ए एम, दिसम्बर 22 से 07:10 ए एम, दिसम्बर 22
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ त्रिपुष्कर योग/ शीतकालीन संक्रांति/ चन्द्र दर्शन/ उत्तरायणारंभ/ सौर शिशिर ऋतु प्रारम्भ/ साल का सबसे छोटा दिन/ सूर्य देव के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश/ आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर जयन्ती, विश्व ध्यान दिवस, राष्ट्रीय फ्रेंच फ्राइड श्रिम्प दिवस,अभिनेता गोविंदा जन्म दिवस, प्रसिद्ध क्रांतिकारी गेंदालाल दीक्षित शहीद दिवस, महानायक अमिताभ बच्चन की माता तेजी बच्चन स्मृति दिवस, राष्ट्रीय कांग्रेस नेता मोतीलाल बोरा स्मृति दिवस, राजपूताना सरदार मानसिंह जयन्ती, ऑटो बजाज के डायरेक्टर राजीव बजाज जन्म दिवस ✍🏼 तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।। 🏘️ *_Vastu tips* 🏚️
घर में खटमल होने से क्या होता है कहते हैं जिस घर में खटमल होता है वहां हमेशा तनाव बना रहता है। ऐसे घरों में छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़ा होता रहता है। साथ ही घर के लोग हमेशा बीमार रहते हैं। वास्तु अनुसार घर की दक्षिण दिशा में दोष है तो भी ये कीट काफी ज्यादा आता है। इसलिए खटमल को भगाने के लिए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए।
*खटमल भगाने के वास्तु उपाय आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार खटमल से छुटकारा पाने के लिए नीम की सूखी पत्तियां और कपूर का धुआं नियमित रूप से घर में करना चाहिए। इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा बाहर चली जाती है। इसके अलावा घर के मुख्य द्वार पर समुद्री नमक एक कटोरी में डालकर रखें इससे नकारात्मकता और कीट दोनों दूर रहते हैं। इस नमक को हर सप्ताह बदलते भी रहें। घर में नियमित पूजा करें। 🎯 *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ सुबह की अकड़न क्यों बढ़ जाती है रूमेटॉइड आर्थराइटिस मरीजों की एक बड़ी शिकायत होती है सुबह उठते ही जोड़ों का अकड़ जाना। सर्दियों में यह अकड़न और लंबे समय तक बनी रहती है। रात भर जोड़ों की मूवमेंट कम होने और ठंड के कारण सूजन बढ़ने से यह स्थिति पैदा होती है। अगर सुबह की अकड़न एक घंटे से ज्यादा रहे, तो यह रूमेटॉइड आर्थराइटिस के सक्रिय होने का संकेत हो सकता है। *ठंड में मूवमेंट कम होना भी कारण सर्दियों में लोग एक्सरसाइज और वॉक कम कर देते हैं। कम फिजिकल एक्टिविटी से जोड़ों की फ्लेक्सिबिलिटी घटती है और मसल्स कमजोर हो जाती हैं। इससे दर्द और सूजन और ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में नियमित हल्की एक्सरसाइज से जोड़ों में लचीलापन बना रहता है, लेकिन ठंड में इसे नजरअंदाज करना दर्द बढ़ा सकता है।
*ठंड में दर्द कम करने के उपाय जोड़ों को गर्म रखें, खासकर सुबह और रात में
*
गर्म सेक और गुनगुने पानी से स्नान
🩸 *आरोग्य संजीवनी* 💊
खुल जाएगी बंद नाक- अगर आपको भी रात में ब्लॉक्ड नोज की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो आपको हर रोज नियम से भाप लेना शुरू कर देना चाहिए। रेगुलरली भाप लेने से बंद नाक खुल जाएगी। भाप लेने के तुरंत बाद भी आपको काफी अंतर महसूस होगा। अगर आपकी नाक दिन भर बंद रहती है, तो आप एक दिन में दो बार भी स्टीम लेकर देख सकते हैं।
*मिलेंगे फायदे ही फायदे- साइनस से जूझ रहे मरीजों को भी अक्सर स्टीम लेने की सलाह दी जाती है। स्टीम लेने से साइनस की दिक्कत काफी हद तक कम हो सकती है। इसके अलावा सर्दी और जुकाम होने पर भी भाप ली जा सकती है। भाप लेने से गले की खराश की समस्या भी दूर हो सकती है। अगर आप बलगम को आसानी से बाहर निकालना चाहते हैं, तो भी स्टीम की मदद ले सकते हैं। 🌷 *गुरु भक्ति योग* 🕯️ एक थका माँदा शिल्पकार लंबी यात्रा के बाद किसी छायादार वृक्ष के नीचे विश्राम के लिये बैठ गया। अचानक उसे सामने एक पत्थर का टुकड़ा पड़ा दिखाई दिया। उसने उस सुंदर पत्थर के टुकड़े को उठा लिया, सामने रखा और औजारों के थैले से छेनी-हथौड़ी निकालकर उसे तराशने के लिए जैसे ही पहली चोट की, पत्थर जोर से चिल्ला पड़ा, “उफ मुझे मत मारो।” दूसरी बार वह रोने लगा, “मत मारो मुझे, मत मारो… मत मारो। *शिल्पकार ने उस पत्थर को छोड़ दिया, अपनी पसंद का एक अन्य टुकड़ा उठाया और उसे हथौड़ी से तराशने लगा। वह टुकड़ा चुपचाप वार सहता गया और देखते ही देखते उसमें से एक देवी की मूर्ति उभर आई। मूर्ति वहीं पेड़ के नीचे रख वह अपनी राह पकड़ आगे चला गया।
*कुछ वर्षों बाद उस शिल्पकार को फिर से उसी पुराने रास्ते से गुजरना पड़ा, जहाँ पिछली बार विश्राम किया था। उस स्थान पर पहुँचा तो देखा कि वहाँ उस मूर्ति की पूजा अर्चना हो रही है, जो उसने बनाई थी। भीड़ है, भजन आरती हो रही है, भक्तों की पंक्तियाँ लगीं हैं, जब उसके दर्शन का समय आया, तो पास आकर देखा कि उसकी बनाई मूर्ति का कितना सत्कार हो रहा है! जो पत्थर का पहला टुकड़ा उसने, उसके रोने चिल्लाने पर फेंक दिया था वह भी एक ओर में पड़ा है और लोग उसके सिर पर नारियल फोड़ फोड़ कर मूर्ति पर चढ़ा रहे हैं। *शिल्पकार ने मन ही मन सोचा कि जीवन में कुछ बन पाने के लिए शुरू में अपने शिल्पकार को पहचानकर, उनका सत्कार कर कुछ कष्ट झेल लेने से जीवन बन जाता हैं। बाद में सारा विश्व उनका सत्कार करता है। जो डर जाते हैं और बचकर भागना चाहते हैं वे बाद में जीवन भर कष्ट झेलते हैं, उनका सत्कार कोई नहीं करता।
*सदैव प्रसन्न रहिये।*
जो प्राप्त है, पर्याप्त है।।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।।

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