कृषिमध्य प्रदेश

यूरिया न मिलने से आहत किसान पेड़ पर चढ़ा, प्रशासन ने दिया आश्वासन

खाद की ई-टोकन व्यवस्था फेल, किसानों की परेशानी बढ़ी
सिलवानी। किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों से राहत दिलाने के उद्देश्य से लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था अब किसानों के लिए नई मुसीबत बनती नजर आ रही है। सिलवानी क्षेत्र में किसान खाद, विशेषकर यूरिया के लिए भटकने को मजबूर हैं। सीजन के अंत में डिजिटल व्यवस्था लागू होने से किसानों की समस्याएं और बढ़ गई हैं।
सीजन के अंत में लागू हुई व्यवस्था बनी सिरदर्द
किसानों का कहना है कि जब खाद की सबसे अधिक जरूरत थी, तब ई-टोकन व्यवस्था लागू नहीं की गई। अब जब फसल का सीजन लगभग समाप्ति की ओर है, तब यह व्यवस्था लागू कर दी गई, जिससे किसानों को साइबर कैफे और एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
आईडी और ओटीपी बनी बड़ी समस्या
ई-टोकन जनरेट कराने में किसानों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई किसानों की आईडी ही नहीं बन पा रही
कई को ओटीपी नहीं मिल रहा
यूरिया के अलावा अन्य खाद के लिए पोर्टल पर कोई विकल्प नहीं
जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें कियोस्क सेंटर पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पोर्टल की खामियों से किसान नाराज
हालांकि खाद वितरण केंद्रों पर भीड़ पहले से कम है, लेकिन पारदर्शिता और सुविधा के उद्देश्य से लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। किसानों का कहना है कि जब वे रात-रात भर लाइन में लगते थे, तब यह व्यवस्था क्यों नहीं लाई गई।
किसान ने उठाया आत्मघाती कदम
बुधवार को सिलवानी नगर के बरेली रोड स्थित सुंदरम वेयरहाउस पर उस समय हड़कंप मच गया, जब यूरिया न मिलने से परेशान एक किसान रस्सी लेकर पेड़ पर चढ़ गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम चुन्हेटिया निवासी चंद्रभान सिंह राजपूत पिता सुंदर सिंह राजपूत पिछले तीन दिनों से यूरिया के लिए वेयरहाउस के चक्कर लगा रहे थे। खाद नहीं मिलने से आहत होकर उन्होंने यह कदम उठा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार गौरव शुक्ला एवं टीआई पूनम सविता मौके पर पहुंचीं और किसान को समझा-बुझाकर नीचे उतारा। अधिकारियों ने किसान को शीघ्र यूरिया उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
किसानों को नहीं मिल रहा समय पर यूरिया
ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल पा रहा है। कई किसानों को लगातार कई दिनों तक वेयरहाउस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश और निराशा देखी जा रही है।

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